जो छोड़ दे उसे भुल जाओं

गलती तुम्हारी है
जो तुम्हें हासिल नही
कोहिनूर हैं वो
जाने तो मे भी
नही दूंगी

-Pooja Sinde

झेल ले मेरे सिवा कोई और तुझे
तोै वो भारत रत्न का हकदार होगा

कहा गुजारते हो मेरे हिस्से का वक्त
अकेले रहते होै या बहाना आज भी काम का ही है

इन्बॉक्स मे जवाब तो में
अपने उसको नही देती
फिर कीसी और का तो सवाल ही नहीं
पैदा नही होता

पहले ढूढते थे बहाने मुझसे बात करने के
जनाब अब मेरी ऑखों मे पढा करते हैं

रोता तो आसमान भी है अपने बिछडे प्यार के लिए
पर लोग उसे बरसात समझ लेते हैं

आज मौसम फिर नम हुआ मेरी ऑखों की तरह
शायद बादलो का दिल किसी ने तोड़ा है

न होती बेकरारी ना होते हम तन्हा
अगर जहा मे कम्बख्त मोहब्बत न होती

उन्हें फिर से मोहब्बत हुई है ये कहते है सभी
दूसरी बारिश मे भी भला मिठ्ठी नम हुई है

यादो कीै फरमाईस भी कमाल की होती है
सजदा वही होता है जहाँ दिल की हार होती हैं