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I don't write poetry, because I live it, where every line is an attempt to bring a change, as that's what writers are meant for :). After the journey through endless Kavi Sammelans, expressing views on All India Radio, and receiving local and state awards for various poetries and pieces of work, now I am excited for this thrilling journey on Matrubharti ready to encounter breathtaking pieces of literature! Let's make this community of passionate writers into a big nation of thoughts.#AjAishwarya

हम मिलेंगे दुनिया के उस पार, जहां समाज की बेड़िया हम पर बांधी नही होंगी,
जहा हर शक की नज़र से बरस रही आंधी नही होगी,
जहा खुदको मॉडर्न सोसाइटी कहकर ,हमें बदलने की कोशिश नही होगी,
जहा समाज के रिवाज़ों के नाम पर हमें दुर् करनेकी साज़िश नही होगी,
जहा हमारी ज़िन्दगी का गाना हम लिखेंगे, और बनाएँगे अपनी कोई धुन,
हम मिलेंगे दुनिया के उस पार, जहा मैं हु एक लड़की और, एक लड़की हो तुम!


ભારત નો એક એવો દિવસ જ્યારે વરસાદ પડ્યા વગર બધે ઈન્દ્રધનુષ દેખાયા હતા!!
Sep 6, 2018

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गाँव चलो वक्त ही वक्त है सबके पास,
तेरी सारी फुर्सत तेरा इतवार कहता है…

मौन होकर फोन पर रिश्ते निभाए जा रहा है,
तू इस मशीनी दौर को परिवार कहता है…

આવી રહી છું .. નવા વિચારો ની આપલેહ કરવાં....

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