बारिश तेज़ हो रही थी। शहर की ऊँची इमारतों के बीच खड़ी वह काँच की इमारत इतनी ठंडी लग रही थी, जैसे उसके अंदर इंसान नहीं, केवल मशीनें रहती हों। अनाया शर्मा के हाथ काँप रहे थे। उसकी आँखों में डर नहीं था… बस एक खामोश, हार मान लेने वाली भावना थी। उसके सामने बैठा था आरव मल्होत्रा — मल्होत्रा समूह के उद्योगों का मुख्य कार्यकारी अधिकारी, और वही व्यक्ति जिसने उसकी ज़िंदगी बर्बाद कर दी थी। “अनुबंधित विवाह,” उसने बिना ऊपर देखे कहा। उसकी आवाज़ उतनी ही ठंडी थी जितनी उसकी नज़रें। “हस्ताक्षर करो, अनाया। तुम्हें पता है — अगर तुम मना करोगी, तो तुम्हारे पिता की कंपनी खत्म हो जाएगी।”
सौदे की शादी - 1
बारिश तेज़ हो रही थी। शहर की ऊँची इमारतों के बीच खड़ी वह काँच की इमारत इतनी ठंडी लग थी, जैसे उसके अंदर इंसान नहीं, केवल मशीनें रहती हों।अनाया शर्मा के हाथ काँप रहे थे। उसकी आँखों में डर नहीं था… बस एक खामोश, हार मान लेने वाली भावना थी।उसके सामने बैठा था आरव मल्होत्रा — मल्होत्रा समूह के उद्योगों का मुख्य कार्यकारी अधिकारी, और वही व्यक्ति जिसने उसकी ज़िंदगी बर्बाद कर दी थी।“अनुबंधित विवाह,” उसने बिना ऊपर देखे कहा। उसकी आवाज़ उतनी ही ठंडी थी जितनी उसकी नज़रें।“हस्ताक्षर करो, अनाया। तुम्हें पता ...Read More
सौदे की शादी - 2
शादी का मंडप सजा हुआ था, लेकिन माहौल में खुशियों की जगह एक अजीब-सी चुप्पी थी।लाल गुलाबों की महक उस ठंडे हवेली जैसे हॉल में बेजान लग रही थी। चारों तरफ कैमरे थे, मीडिया के लोग थे, पर किसी के चेहरे पर मुस्कान नहीं थी।Anaya Sharma, उस लाल साड़ी में किसी गुड़िया सी लग रही थी, मगर उसकी आँखों में वो चमक नहीं थी जो किसी दुल्हन की आँखों में होती है।उसके दिल में डर था, गुस्सा था, और सबसे ज्यादा नफ़रत — उस आदमी के लिए जिससे वो शादी करने जा रही थी।Aarav Malhotra — वही आदमी जिसने ...Read More
सौदे की शादी - 3
बारात के शोर-शराबे के बाद अब सब कुछ शांत था।ढोल की आवाज़ें, हँसी, और रोशनी धीरे-धीरे फीकी पड़ चुकी खत्म हो चुकी थी — लेकिन Anaya के लिए असली जंग अब शुरू होने वाली थी।कार धीरे-धीरे Malhotra Mansion के सामने रुकीएक भव्य हवेली, जिसके ऊँचे लोहे के गेट पर सुनहरे अक्षरों में लिखा था “The Malhotras”.चारों तरफ़ घना बगीचा था, मगर उस हरियाली में भी एक ठंडापन था — जैसे यहाँ फूल नहीं, अहंकार खिलते हों।Anaya ने कार का दरवाज़ा खोला, साड़ी का पल्लू ठीक किया और बाहर कदम रखा।ठंडी हवा उसके चेहरे से टकराई, पर उसके दिल की ...Read More
सौदे की शादी - 4
सुबह की हल्की धूप मालहोत्रा मैंशन की ऊँची खिड़कियों से अंदर आ रही थी।सुनहरी किरणें संगमरमर के फर्श पर रही थीं, लेकिन उस रोशनी में भी एक अजीब सी ठंड थी जैसे रात की नफरत अभी भी इस घर की हवा में जमी हुई हो।अनाया की आँखें खुलीं तो सबसे पहले उसे दीवार पर वही पुरानी तस्वीर दिखी आरव और वो लड़की, दोनों हँस रहे थे, और नीचे लिखा था “Forever begins here.”उसने तकिए पर सिर घुमाया आरव कमरे में नहीं था।सन्नाटा था। बस घड़ी की टिक-टिक गूँज रही थी, जैसे वक्त भी उसे याद दिला रहा हो कि ...Read More
सौदे की शादी - 5
सुबह की पहली किरण Malhotra Mansion की ऊँची खिड़कियों से भीतर आई —लेकिन उस घर के अंदर किसी के में कोई रौशनी नहीं थी।अनाया नींद से जागी तो उसे एक पल के लिए याद ही नहीं रहा कि वो कहाँ है।कमरे में हल्की सी ठंडक थी, और उसके पास रखी साड़ी अब तक मुड़ी हुई थी।कल की बातें उसके दिमाग में गूंजने लगीं —आरव के ठंडे शब्द, उसकी आँखों में भरा इल्ज़ाम,और वो तस्वीर… जिसमें किसी और के साथ मुस्कुराता वो आरव था।वो धीरे से उठी, और बालकनी की तरफ़ बढ़ गई।बाहर गुलाबों की क्यारी में हल्की धूप पड़ ...Read More