Adhure se ishk ki adhuri si yaad Wo adhuri si zindgi or adhuri si bat .....

क्या बताऊं उसके बारे में.....दोस्तों

वो मुझसे भी लड़ती थी
और
मेरे खातिर भी लड़ती थी....!




—अमृत

जिसे चाहो ...

उससे ..

कुछ मत चाहो ..।।




—अमृत

सो जाइए के अब वो चांद तुम्हारा नहीं है
,
,
था कभी प्यारा मगर अब प्यारा नहीं ।।




—अमृत

सबको उसी तराजू में तोलिए जिसमें खुद को तोलते हो, फिर देखना लोग उतने भी बुरे नहीं हैं जितना हम समझते हैं।


—अमृत

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"गाँव से निकला था तो
माँ ने
पर्स में मुस्कानें रखी थी,
इस शहर ने जेब काट ली"



—अमृत

जहाँ हो नही तुम...
वहाँ सुकून भी कहाँ है....!!



—अमृत

तेरी यादें , तेरी बातें ,
बस तेरे ही फसाने है ,
हाँ कबूल करते है , कि
हम तेरे दीवाने है ..!!

—अमृत

"प्रेम" का अर्थ

किसी को पाना नहीं है,

किन्तु इस में खो जाना है,,,


—अमृत

तीसरे ने आकर दूसरे के साथ मिलकर,
पहली की जिंदगी बर्बाद कर दी...!!!



—अमृत

जाने से पहले एक बहुत अच्छी
बात बताई थी उसने..

हजार बहाने मिलेंगे रोने के
तुम मुस्कराने की वजह
तलाश करना....


—अमृत

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