Hey, I am on Matrubharti!

मैं बैठा रहूं तुम सुनाती रहो
मैं लिखा करूं तुम गुनगुनाती रहो
साथ ये हमारा तेरा यार कभी छूटे ना
रब कभी रूठे न
ये प्यार कभी टूटे न
मैं बेहोशी की हालत में खो जाऊं तो
तुम हमेशा मुझे यूं जगाती रहो
गर गजल की कोई नोक आती तुम्हे
तुम मेरे पास यूं बुदबुदाती रहो

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यूं ही नहीं कोई अपना
जब बिछड़ने पर रोता है
कुछ न सही तो कुछ न कुछ
वो यार हमारा होता है

-Anand Tripathi

ए खुदा, खुद पर मत आना
नही तो उठ जाएगा पानी दाना
अरे आना ही है तो चले आना
मत खोजना रिझाने का बहाना
जब तू चाहे तब आ जा
बस खुद पर मत आना ।।

-Anand Tripathi

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उसकी चौखट पर दम तोड़ देता तो कोई गम नही होता
मगर कंब्बक्त जिंदगी में कोई दम
नही होता
जहा गिरा वो जहां वाला
वही फिर रह गया सोता ।।

-Anand Tripathi

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मैं तो गमगीन हूं जमाने को देखकर
ये इतनी भीड़ है क्या
मैखाने को देख कर
मैं देखकर हैरत में हूं
परवरदिगार ए
इन जालसाज़ के बहाने को देखकर ।।

-Anand Tripathi

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दुखो से जो ठोकर खाई न होती
तो प्रभु जी तेरी याद आई न होती

-Anand Tripathi

किंतु कहा तक मैं करू जाति धर्म की बात गाज गीरत आगे परे
वाको सब बन दास
वाको सब है दास कोई अंधे कोई लूले
बन चाकर सरकार तिहारो
जगत अपनो भूले
बिसर गए सब जाल जन्म जंजाल कोटि बाधा अंगिंतन
मिले तिहारो धाम करत जे पावन चिंतन
कहत तिहारो दस त्याग सब भर हे प्यारे आणि परो चरणनन में उनके सांझ सकारे
करू चाकरी और सभी मिल टहल बजाओ
भूल बिसर सब दुख सुख उनके नित्य गुण गाओ
करहु सदा अरदास की विपदा दूर भगाओ

-Anand Tripathi

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मेरे जीवन के वो क्षण
जब मैं पुचकारी भरता था
तब तूने शरण दिया था मां
तेरे आंचल की छाया में मैंने
अपना जीवन वरन किया है मां
तू मेरा अभिमान है मां
ईश्वर का वरदान है मां
तेरी परछाई में बैठा पूरा हिंदुस्तान है मां ।।

-Anand Tripathi

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तुम से यारी करके हम देखो ना कैसे आज फसे
मेरा दिल भी लिया,मेरा चैन लिया,मेरा जीवन का दिन रैन लिया
उफ्फ तक न कहा मैंने तुमको
तुम फिर हो मुझमें ही बसे ।।

-Anand Tripathi

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व्यर्थ किस्मत पे रोने से क्या फायदा ।
सोच लेना की हम तुम मिले ही नई ।

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