तुम्हे देखा तो ये ख्याल आया, ज़िन्दगी धूप तुम घना साया.....

पुकार लो ना मेरा नाम
सरेआम तुम भी कभी कभी
महबूब के होठों पर कुछ देर
ठहर कर मैं भी देख लूं ....।♡♡

मजबूर नहीं करते तुम्हे बात करने को
चाहत अगर होती तो दिल तुम्हारा भी करता....।

निभाना जिसको कहते है वो
कुछ ही लोगो को आता है
बहुत आसान है यह केहना की
मुझे मुहब्बत है तुम से....।

मुझे कोई गम नहीं,
अगर तु मेरे साथ ना हो,
बस फिक्र है तेरी,
की तेरे हाथ में गलत हाथ ना हो...!