a writer by passion , a teacher by profession and a learner by nature

श्रद्धांजलि

पूछे कोई 'इफ़' , 'बट' करने वालों से
उनका क्या जो खुले घूमते सालों से

...अंजलि सिफ़र

#हैदराबादएनकाउंटर

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जो हुआ अच्छा हुआ, कुछ सुकूँ दिल को मिला
पल रहे जो जेल में, उनको भी अब दो सिला
.....सिफ़र
#हैदराबाद_एनकाउंटर

ग़ौर से ऐसे मुझे देखा किसी ने देर तक
मुस्कुराहट के मुखौटे में दरारें आ गईं
...अंजलि सिफ़र

एक शेर

ग़ज़ल

Kaash hum bhi tere chhalle banaa udaa paate
Zindagi raakh toh Hui tu par Dhuaan naa Hui

क़ाश हम भी तेरे छल्ले बना उड़ा पाते
ज़िन्दगी राख़ तो हुई तू पर धुआँ न हुई

...अंजलि सिफ़र...

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काम 'सिफ़र' से जो था शायद निकल गया
लहज़ा उसका बदला बदला लगता है...

#अंजलि सिफ़र

सौंपा था ख़ुद को हाथ में जिसके उसी ने जब
सिक्का बना दिया तो उछलना पड़ा मुझे
...सिफ़र

99.999999999...........percent कामयाब चंद्रयान 2 मिशन पर ISRO को हार्दिक बधाई देते हुए चाँद से मुख़ातिब

"बढ़ी है दुनिया में तुझ तक पहुँचकर आन बान अपनी
उतर भी जायेंगे तुझ पर भरेंगे फिर उड़ान अपनी
हम इतनी दूर से जब तेरे दर तक आ ही पहुँचे हैं
लिखेंगे चाँद तेरी मिट्टी पर हम दास्तान अपनी"

अंजलि सिफ़र
#no_negativity

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