insta id @ankita.by.thought.40

उसकी गली में मुझको जाना नहीं
हाल कैसा है ये बताना नहीं
बड़ी हसरत है आलम उस दिन का
"वो कहे मैं हूँ "
और मैं कहूँ "जी " पहचाना नहीं।।

-ankita sthakur

Read More

हर रोज़ अँधेरे को मात देती हैं सुबह।
हर रोज़ अँधेरे की साज़िशें होती हैं।
फिर भी उजाले की जीत हर सुबह होती हैं।।

-ankita sthakur

Read More

सबको ख़फ़ा होना था मेरे
व्यवहार पर,
पर कोई वाकिफ ना था मेरे
व्यवहार से।।

-ankita sthakur

सुन लो जानने वाले,
चाहने वाला तो कोई हैं नहीं।।
तुमको याद आई नहीं,
और कमबख्त मौत हमे आई नहीं।।

-ankita sthakur

मत कर ऐतबार अब तू किसी पर,
तेरा हर दर्द तेरा खुद का हैं।।
जो कभी होते थे तेरे हमदर्द,
आज तेरे दर्द की वजह है।।

-ankita sthakur

Read More

by ansh Pandit

#2020

emotion