Hey, I am on Matrubharti!

जब भी उदास हो चाँद के पास जाती हूँ,
तब-तब लगा कि वो भी उदास मेरा ही इंतिज़ार कर रहा था,
मैंने उसे अपनी सारी कहानी कह डाली,
जब उसकी बारी आई तो
न जाने क्यों बादलों में जाकर छुप गया?
शायद मेरी कहानी सुनके रोने चला गया हो,,,

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मां की दुवाओं में असर तो बहुत है,
लेकिन ज़ालिम ज़माने की बलाओं ने उसे बे'असर कर दिया,
मां ने मेरे लिए दर्द और ग़म तो नहीं मांगा था,
फिर मेरे हिस्से में दर्द और ग़म कहाँ से आ गए?

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आखिर में चैन कहाँ?
भीड़ में भी अकेले,
अकेले में तन्हाई,
तन्हाई में दर्द,
और दर्द में आंसू
आँसू से क्षणिक शांति,
फिर वहीं मसला
भीड़ में तन्हाई
और अकेले में भी तन्हाई,,,,

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एक दिन वह मुझसे कहा गया 'जाके आता हूँ',
वर्षों बीत गए,शायद उसे अपनी मंज़िल मिल गयी,,!

उसके और मेरे बीच अदब का रिश्ता है,
उसे प्यार का नाम दे यूं ही बदनाम न कर,,!

लिखने का शौक़ नहीं मुझे,
लेकिन अपना दर्द बयां कहाँ करुं,
इसलिए अपना दर्द पन्नों को सुनाया करती हूं,
वहीं दर्द,
कभी कभी कवित्त बन जाता है,,
और मैं कवि

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सबको अपने अपने भाग्य का लिखा हुआ हिस्सा भोगना पड़ता है, किस्मतों का लिखा हुआ हर चीज़ हर किसी को निभाना पड़ता है। बस अंतर इतना होता है कि किसी के हिस्से में अच्छे भाग्य या किस्मत लिखे हैं और किसी के हिस्से में बुरे
#भाग्य

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तुम्हारे दो शब्द ,
मेरे दो शब्द ,
हम दोनों के शब्द मिलकर एक वाक्य बनें
लेकिन उस वाक्य का कोई अर्थ नहीं,
इसलिए हमदोनों के शब्द हमारे पास ही है
और हमदोनों वर्षों से मौन हैं,,,

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सीखने की प्रवृति अब मर रही है
हृदय में निराशा घर कर रही है
चाहती हूं अब केवल एकांत,
सिर्फ और सिर्फ एकांत,,,,
#सीखना

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जब किसी दिवंगत हुए व्यक्ति को उसके विशेष दिन(जन्म या मृत्यु) के दिन याद करना चाहिए तो सदैव उस व्यक्ति के द्वारा उसके पूरे जीवन काल में किये हुए अच्छे कार्यों की गिनती करके करनी चाहिए,चाहें वो महान से महान व्यक्ति हो या नीच से नीच। भले ही और दिन उस व्यक्ति को याद/चर्चा करते वक्त उसके सारे खामियों को गिना दो। किसी भी प्राणी के जीवन का पहला और अंतिम सत्य मृत्यु होता है,जिसे एक उत्सव के रूप में मनाना चाहिए।🙏

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