खुद पुकारेगी मंज़िल तो ठहर जाऊँगा वरना खुद्दार मुसाफिर हूँ गुजर जाऊँगा.....@khan

दोस्ती ऐसी हो कि दोस्त
धड़कन में
बस जाए
मैं अगर सांस भी लू तो
खुशबू मेरे यार
की आये।,,,@

कभी तू आँखों की कशिश कभी तू मन
का राज है

तू ही तू इस दिल के अन्दर तू ही इस
दिल का साज है

कभी तू है लहराती पवन कभी तू
खुशनुमा याद है

तुझसे ही है जन्नत मेरी तू ही तो मेरा
आगाज़ है,
ओर तु ही मेरा अंजाम है।,,@🌹❤   

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દર્દમાં પણ તું છે દવામાં પણ તું છે..!!_

કેમ કરી રુઝાવા દઉં જખ્મમાં પણ તું છે..!!_,,@

ख़ुशी कहाँ हम तो गम चाहते है
ख़ुशी उनको देदो जिनको हम चाहते है।,,,,,@

नक़ाब उलटे हुए गुलशन से
                 वो जब भी गुज़रती है 

समझ के फूल उसके लब पे
                    तितली बैठ जाती है।,,,,,@

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काश तुम समझ पाते मेरे अनकहे
अल्फाज़ो को,
तो ये अहेसास *स्याही *कलम*ओर *कागज़
के महोताज न होते।,,,@

क्या आंखे है क्या जुल्फे है क्या चहेरा तुम ने पाया है,
ऐसा लगता है जैसे ,,,
ऐसा लगता है जैसे,,,
पीपल पे पेड़ से *भूत* उतर आया हो,
अरे,,,,,,,,,,,बुरा लगा तो,,,,
वापिस चढ़ जाओ।,,,,,,,,,,😂😂
#ભૂત

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खुद पुकारेगी मंज़िल तो
ठहर जाऊँगा
वरना खुद्दार मुसाफिर हूँ
गुजर जाऊँगा।,,,@