गुजर जाते है लोग युही मुसाफिरों की तरहा, यादे युही खड़ी रह जाति है अब्बास  रुके रास्तो की तरहा खुद पुकारेगी मंज़िल तो ठहर जाऊँगा वरना खुद्दार मुसाफिर हूँ गुजर जाऊँगा.....@khan

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