मैं हर किसी के लिए अपने आपको अच्छा साबित नहीं कर सकता , लेकिन मै उनके लिए बेहतरीन हूं जो मुझे समझते है...

अनपढ़ नहीं हूं साहब
थोड़ा किस्मत ने साथ नहीं दिया
और थोड़ा नेताओं का साया है
बिहार बनाने वालों ने ही
बिहार को गर्त में डुबाया है
गरीबी, भुखमरी, की कहानी
वहां आम है
बेरोज़गारी का ऐसा आलम है
बेरोजगारों पर कोहराम है।
आत्मसम्मान तक गिरवी
रख आया हूं
पढ़ पढ़ कर किताबों
को घर में सजाया हूं
पर अब तक न कोई
जिंदगी में मुकाम आया है
अच्छा दिन
सच पूछो तो
अच्छा दिन हमलोगों
का अब तक न आया है।।
Arjuna Bunty,

-Arjuna Bunty

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दो पल की तो जिंदगी है तुम ....
तुम आखिरी सांस तक ले लो ।।

तुम अपने दर्द मुझे देकर
मेरी पूरी कायनात तक ले लो।।

-Arjuna Bunty

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कब तक आखिर कब तक रावण जलाया जाएगा मैदानों में
कोई राम नहीं खोजता है खुद से खुद के अंदर इंसानों में ।।

-Arjuna Bunty

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गुस्ताख नज़र है गुस्ताख़ीयां हो ही जाती है
तुम्हारे चेहरे से नकाब हटाने की ख्वाहिशें हो ही जाती है।।

-Arjuna Bunty

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मै बेरोजगार हूं।।


बिहार की धरती से
छोटे छोटे शहरों कस्बों
का हिंदी मीडियम का
पढ़ा लिखा होनहार हूं
हां वही गंवार  हूं
मै बेरोजगार हूं।
मै बेरोजगार हूं ।।

इंग्लिश कहां आती हमको
पर यूपीएससी और आईआईटी
का क्वेश्चन बनाने में
धुआंधार हूं।
हां तनिक गंवार हूं
मै आज का इतिहासकार हूं
मै बेरोजगार हूं
मै बेरोजगार हूं।।

उ जो देखते है न
टीवी पर ठेठ बोली बोलते
हां वही के हम भी
अपने कस्बे का गंवार हूं
चंद नेताओं के
आतंक का शिकार हूं
हां मैं बेरोजगार हूं
मै बेरोजगार हूं
वही बेरोजगार हूं।।
Arjuna Bunty

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जिसके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं
उनके पाऊं में हर खुशी देने का वादा कर
अपने लिए न सही अपने मां बाप के लिए
मंजिल को पाने का नेक इरादा कर ।।

-Arjuna Bunty

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समेट लो मुझे अपने बाहों में
मुझे दुनिया की नज़रों से गुमनाम होना है।।

-Arjuna Bunty

मेरी मोहब्ब्त का ये खुमार निकला
जिसको दिल का मालिक बन जाने का हक दिया
वो तो खुद ही दिल का किराएदार निकला ।।

-Arjuna Bunty

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क्या क्या न पढ़ा हूं इस दुनिया जमाने में
तेरी सूरत से ज्यादा कुछ न चाहिए था मुझको।।

-Arjuna Bunty

सबकी खुशियों कि बातें सुना है जमाने से
दर्द तो सिर्फ तू ही बांटती है ए मेरी हमसफ़र डायरी ।।

-Arjuna Bunty