हाथ छोड़ना हि हे ..तो थामा नहीं करते..
निभा नहीं सकते हम वो वादा नहीं करते..
कठिन तो बहोत हे ये सफ़र जिंदगी का.. .
उम्रभर साथ चलेगा कोइ ये दावा नहीं करते..

Bhumi polara

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कभि वक़्त बदलता हे तो कभि लोग बदल जाते हे..
कही बाते तो कही बात करने का सलिका बदल जाता हे
चलते चलते सफ़र मे लोग क्या कुछ सिखा जाते हे
पहॆले हमे सम्भालते और फ़िर खुद गिराकर चले जाते हे..

Bhumi polara

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શબ્દો માટે નો શણગાર શોધું છુ
અધુરી ગઝલ નો સાર શોધું છુ
ભૂલી પડી રાહ માં મંજીલ શોધું છુ
મધદરિયે ઉભી અેક નાવ શોધું છુ

-Bhumi Polara

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कोइ भीड़ मे भि तन्हा दिख रहा हे...यहाँ
कोइ खुद मे हि महेफ़िल सजाये बेठा हे...
तबाहि का इल्जाम जाम को मत् दो... यारो
कोइ बिना पिये हि यहा सब गवाए बेठा हे..
Bhumi polara

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इन कदमो को रोक लिया मेने..
चलने से उन राहो पर..
ये वादो के टुकड़े भि न जाने..
बहोत चुभते हे मेरे पावो पर ..
Bhumi polara

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खुली किताब कि तरह हे ज़िन्दगी मेरी..
इनमे तो कोइ गहरे राज़ नहीं ..
लोग न जाने क्या समझने लगे मुझे...
पर मे किसी कि परख कि मोहताज नहीं..
Bhumi polara

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પારખવાની કોશીશ સૌ કોઈ કરે છે...અંહિયા
અફસોસ સમજવાની કોશીશ કોઈ અે ના કરી....
Bhumi patel

हम ने खुद को मुफ़्त मे हाज़िर कर दिया....
और ये किंमत उन्हे महंगी लगी ....

माना कि खुदा ने लिखा हि नहीं था मिलना तकदीर मे हमारि..
पर ये क्या बात हुयि कि अापने तो ख्वाबो मे हि आना छोड़ दिया...
Bhumi polara

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ડર કયાં લાગે છે હવે કોઈ ઘાવ થી...
ડર તો લાગે મને કોઈ ના લગાવ થી,,,
Bhumi polara