હુ ખુદ ની જ ખોજ માં છુ

अब तक किसिने समझा हि नहि
हम क्या हे क्यु बताये किसिको
अजमाकर देख लेना किसी दिन
टूटे हुये मिलेंगे पर गिरे हुये कभी नहीं!
bhumi patel

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किसिको पाने कि चाह मे
खुद को खो देते हे हम..
किसि कि मुस्कुराहट के लिए
खुद हो रो देते हे हम ...
वजुद मिटाकर खुद का
फ़िर भी जी लेते हे हम..
और लोग कहते हे कि
बहुत हस लेते हो तुम..
bhumi patel

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हमे तो पसंद हे खामोशि हमारी
इस दर्द को सरेआम करना नहीं चाहते..
हमारा हे तो हम तक हि रहे
इसे सबको बताकर शर्मिन्दा करना नहीं चाहते..
Bhumi patel

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जिंदगी मे हम हर तरह के किरदार नीभाते हे
किस्मत हमे बार बार कथपूतलि कि तरह नचाति हे
हमरि खुशियो से क्यु जलती हो इतना..
जो हमारे अरमानो को बार बार जलाके राख करते हो
bhumi patel

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आप मत कहो किसिको के बात करे आपसे
बनालो खुद को इतना "काबिल" के लोग
तरस जाये आपको ऐक ज़लक देखने को
bhumi patel

अगर वो कह देत बात.. हमे अकेले मे तो युहि
हमे यु गजल बनाकर..
सबको बता ना नहीं पड़ता
bhumi patel