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  • #Happy New Year to dear co-workers and Friends.

    #ग़ज़ल -अलविदा कह रहा

    जा तुझे आज मैं अलविदा कह रहा ।
    212 212 212 212
    तेरी मेरी थी जो दास्ताँ कह रहा ।।

    जा तुझे आज मैं अलविदा कह रहा ।

    दर्द तुमने दिये दर्द हमनें दिये।
    तू मेरी मैं तेरी हर ख़ता कह रहा ।।

    जा तुझे आज मैं अलविदा कह रहा ।

    आ के जाना तो क़ुदरत का दस्तूर है ।
    बज़्म को है मगर इब्तिला कह रहा ।।

    जा तुझे आज मैं अलविदा कह रहा ।

    इश्क़ फूलों ने भँवरों से क्या कर लिया ।
    यह जमाना उन्हें बेहया कह रहा ।।

    जा तुझे आज मैं अलविदा कह रहा ।

    रंजिशें छोड़ने की घड़ी आ गई ।
    आज फुरक़त को भी मैं क़ज़ा कह रहा।।

    जा तुझे आज मैं अलविदा कह रहा ।

    बनके पत्थर सनम जख़्म देता रहा ।
    मैं तो पत्थर को भी अब ख़ुदा कह रहा।।

    जा तुझे आज मैं अलविदा कह रहा ।

    इल्तिज़ा है मगर मुस्कुरा कर के जा ।
    मैं तेरी हर ख़ता को अदा कह रहा ।।

    जा तुझे आज मैं अलविदा कह रहा ।

  • #ग़ज़ल ✍️✍️✍️

    तेरी गोद में सर रखकर सो जाऊँ कभी
    यूँ तेरी बाहों में खो जाऊँ कभी

    यह आरज़ू, यह तमन्ना दिल में लिए फिरता हूँ,
    तू मेरी, मैं तेरा हो जाऊँ कभी

    तेरे आने का इंतजार हर रोज़ किया करता हूँ,
    तू आये तो घर अपना सजाऊँ कभी

    तू आँख बंद कर कोई दुआ माँग लेना,
    मैं सितारा बन आसमां में जो टूट जाऊँ कभी

    चराग़-ए-मुहब्बत अपने दिल में रोशन रखना,
    बहा लेना दो आँसू, जो बुझ जाऊँ कभी

    उनको देखे जैसे ज़माने हो गए,
    दिखा देना अपनी सूरत गर मर जाऊँ कभी..

    तेरी गोद में सर रखकर सो जाऊँ कभी....

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    लेखकः हैदर अली ख़ान
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    अगर आपको मेरी यह रचना पसंद आई हो तो कृपया अपनी बहुमूल्य प्रतिक्रिया अवश्य दें...~शुक्रिया

  • #kavyotsav -२ #प्रेम #गज़ल
    (type- song)

    सुन ले तू भी अभी अपने दिल कि बात,
    कही बीत ना जाए ये सुनहरी रात।
    कह दे जो कुछ भी कहना है इस पल,
    कहीं झूट ना जाए इस रात का साथ,
    कह दे सनम तू भी अपने दिल कि बात।।

    बस आज की रात ये चांद ठहर जा जरा,
    साथ जी लू में और थोड़ा सा जरा।
    कल कि रात ना तू होगा ना मेरा पता,
    सोचता हूं कि कैसे ढलेगी शाम तेरे बिना,
    जब ना होगा तेरा मेरा साथ।
    कह दे सनम तू भी अपने दिल कि बात।।

    ना हो जाए सवेरा ना हम हो जाए दूर- दूर,
    सूरज की रोशनी में दिल ना हो जाए चूर- चूर।
    लेकिन ना वक्त ना रोक सकू में दिन- रात,
    गर हो गई सुबह तो अधूरी रह जाएगी मुलाकात,
    कह दे सनम तू भी अपने दिल कि बात।।

    करता हूं मैं तो दुआ मेरे प्यार से,
    भूलेगा ना तू कभी वादा कर अपने यार से।
    कह ना कम होगी मोहब्बत चाहे गुजरे ये रात,
    ना भूलेगा कभी तू इस रात की मुलाकात,
    कह भी दे सनम तू भी अपने दिल कि बात।।

    _✍️_सत्येंद्र कुमार

  •            #Kavyotsav
    #ग़ज़ल (एक बार मिले जो हम)



    एक बार मिले जो हम ,ऐहसास करा देंगे ।
    कुछ तो तकलीफें थीं , मुँह मोड़ा नही हमनें ।।

    हर रात मेरे ख़्वाबों में , तेरा ही तसब्बुर था ।
    मेरी जान तेरे दिल में , दिल तोड़ा नही हमनें ।।

    अपना तो ये वादा था , एक बार मिलेंगें हम ।
    मौसम ने बहारों का , अंदाज बदल डाला ।।

    रिश्तों के चमन में जो , पतझड़ का बसेरा है ।
    तू भूल गई मुझको , तुझे छोड़ा नही हमने ।।

    उल्फत के कबूतर की , खामोश गुटरगूँ है ।
    आँधी के थपेड़ों से , झोंकें हैं हवाओं के ।।

    आजाद परिंदे को , आकाश नही भाता ।
    गुमशुम है अकेला है , उसे छेड़ा नही हमने ।।