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#KVYOTSAV status in Hindi, Gujarati, Marathi

  • #KVYOTSAV -2
    'याद है अभी तक..."

    इन दिनों
    तुम इतने व्यस्त हो
    कि तुम्हारे ख्यालों में भी
    मेरा ख्याल खो गया है कहीं

    लेकिन मेरी बेज़ारी में भी
    एक भी लम्हा
    ऐसा नहीं गुज़रता
    जिसमें
    तुम्हारी चाहत नहीं होती

    टटोलती रहती हूँ
    अपनी उपस्थिति शिद्दत से
    कि कहीं तो मिल जाए
    तुम मे मेरे होने का कोई निशान

    जानती हूँ
    इतना भी सरल नहीं है
    सहजता से पाना
    तुम्हारे मन की थाह

    याद है मुझे अब भी
    कितने सालों के मशक्क़त के बाद
    खोल पाई थी तुम्हारे मन के किवाड़

    एकनिष्ठ समर्पण के दीप जलाए
    तुम्हारे मन के दर पर वर्षों
    तब जा के कहीं पहुंच पाई थी भीतर

    अपने मन मुताबिक़ बना तो ली
    रहने की जगह लेकिन
    हसरत ही रही बाक़ी
    कि घोषित करो तुम खुद ही
    मुझे मल्लिका अपने मन की।

    -सुमन शर्मा

  • #KVYOTSAV

    खफ़ा खफ़ा से लगते हो, ये मैं नही कहती, अहसास तुम खुद बयां करते हो ।
    लबों से बात आती है,मुझसे टकराती है,पर नजरें को नजरो से जुदा रखते हो।
    ये मैं नही कहती तुम खुद अहसास बयां करते हो।
    कुछ पूछो तो पता नही कह कर इतराते हो,
    पता है तुम्हे सब, फिर भी गुस्सा होये समझाते हो।
    ये मैं नही कहती तुम खुद कह जाते हो।
    मुझसे खफ़ा रहकर ,लबो पे मुस्कान तो तुम्हारे भी नही आती।
    चैन से नींद के इंतजार मे रात तो तुम्हारी भी बीत जाती।
    ये मैं नही कहती, तुम्हारी बेचैनी कह जाती है।
    प्यार तो रिहाई चाहता है ,पर तुम गुस्से के गुलाम बन जाते हो,
    छुप छुप कर देखते हो मुझे,पर सामने ख़ामोश हो जाते हो,।
    ये मैं नही कहती तुम खुद अहसास कराते हो।
    हर पल में आदत है मुझे आवाज लगाने की,नाम होठों पर आकर रुक जाता है,
    ये मैं नही कहती तुम्हारा मन बतियाता है,।

    धन्यवाद

    सोनिया चेतन कानूनगों
    #soniachetankanoongo

  • #KVYOTSAV -2 पाऊस आणि ललना !

    पाऊस आणि ललनेचा 
    सारखाच असतो खेळ 
    भुलवती खेळवती आस लावती 
    प्रसंगी दडी मारून बसती |

    जाता त्यांचा रूसवा काढाया
    हसत नाहीत दिसत नाहीत 
    दुरून डोंगर साजरे दिसती |
    या या म्हणता येत नाहीत।

    आले आले म्हणता 
    धिंगाणा कसा घालती
    पळती कोसळती चहूकडे
    दुरावा क्षणात नाहीसा करती |

    जलधारा बघा कशा कोसळती 
    ललनेच्या प्रेमा येई भरती
    कंटाळा ना बघा कुणा येई
    सृष्टी सारी आनंदे डोलू लागे |

    प्रसन्न असता रमणी 
    प्रेमाचे येई भरते 
    क्षणभरात होती निष्ठुर दोघे 
    अंधार पसरे चोहीकडे |

    विश्वासू नये दोघांवर
    विश्वासघातकी दोघेही
    कृञिम पर्याय पावसासाठी 
    ललनेसंगे चाले न तेही।
    ****
    (नागेश सू शेवाळकर) 
    फ्लॅट क्रमांक ११०, 
    वर्धमान वाटिका फेज ०१, 
    क्रांतिवीर नगर लेन ०२, 
    संचेती शाळेजवळ थेरगाव, पुणे ४११०३३ 
    संपर्क 9423139071. 

  • #kvyotsav

    કોમળ...

    કોમળ ફૂલડાં રમતાં કેવા,
    સંગે કાંટા હસતા જોયા.
    કેવી લીલા ઈશની આ તો,
    જોને ભેગા બંને રહેતા કેવા.

    વર્ણે કાળી કોયલડી ભલે,
    કોમળ સ્વરની સમરાંગીની ,
    કરુણા તોયે કાગડીમાં દીઠી,
    જેણે કોકિલ બાળ ઉછેર્યા જે.

    કાદવ સંગે કમળ રહેતું !
    ડાઘ થી કદી ના અભડાયું એ.
    જાણ્યું, મૃદુતા જેની પ્રકૃતિ બની,
    બલિહારી એની જ ગવાઈ છે.

    મિલન લાડ. વલસાડ - સુરત.

  • #Kvyotsav

    ચડ્યું છે જોમ આજે પ્રેમનું મને,
    કેમ છું હું પાગલ? કોઈ પૂછશો નહીં.

    તારી આ નશીલી આંખનો જ કમાલ છે.
    કેમ ફરું છું મોજમાં? કોઈ પૂછશો નહીં.

    લાગણીના દોરાથી જ થયું 'તુ મોત મારૂં.
    હવે કેમ છુ હું પથ્થરદીલ? કોઈ પૂછશો નહીં.

    તમે જ લાવ્યા સવાર મારા જીવનની,
    હવે સક્સેસના સિક્રેટ કોઈ પૂછશો નહીં.

    કર્યા છે મેં એકસામટા વખાણ આજે એનાં,
    એ શર્મથી છે લાલ, કારણ કોઈ પૂછશો નહીં.

    લેખક : ભાવિક રાદડિયા 'પ્રિયભ'