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#Kavyotsav2 status in Hindi, Gujarati, Marathi

  • #Kavyotsav2
    एक छोटी सी चिंगारी
    बन शोला दहक उठती है
    तो कभी आँच बनकर
    वही रोटियां भी सेकती
    भाव मन के तुम भी
    आँच सा सुलगा लो
    सार्थक करो जीवन अपना
    किसी की निर्वहन बन जाओ
    व्यग्र, उग्र, शांति
    उल्लास, राग, आस्था
    प्रीत, द्वेष, संवेदना
    सहायता, क्षमा या रोषना
    सब ही मन के खेल रे
    तुम चुन लो उपासना
    करो इंसानियत की साधना
    साधक बनो परिवार में
    मुनि बनके मिलो व्यापार में
    धर्म नहीं केवल देवालय में
    न मस्जिद चर्च से केवल आलय में
    राह में अबला नारी का डर
    तेरे धर्म को पुकारती
    मासूम के खाली आँखे जब
    रोटी को तरस निहारती
    तुम धर्म तब अपना याद करो
    इंसान हो तो
    कर्ज़ इंसा का वहाँ अदा करो
    वृद्ध असहाय कंधों को
    तुम बन लाठी कभी मिलो
    ना करो अत्याचार कभी कि
    हर प्राणी हम सी तुम सी रचना है
    प्रकृति को यूँ सदा सहेजो
    इंसान के हित हेतु ही संरचना है
    मिलो सदा ऐसे ही कि
    धर्म भी तुमपे नाज़ करे
    हे मानव बन जाओ इंसां
    काल करे सो आज करे.

    @कीर्ति प्रकाश

  •  #Kavyotsav2

     मधुमास

    तुम आ जाओ प्रिय
    जीवन मधुमास हो
    तुम आस
    तुम विश्वास
    तुम जीवन की उल्लास हो
    तुम केतकी मन की
    तुम ही अमलतास हो
    तुम आ जाओ प्रिय
    जीवन मधुमास हो
    ये प्रेम अगन
    ये मन की चुभन
    तुम बिन जैसे
    बहारें भी पतझड़
    तुम बिन संगीत भी
    जैसे उदास हो
    तुम आ जाओ प्रिय
    जीवन मधुमास हो
    हवाएं जो चीरें हैं
    अंतस्तल में लकीर
    अंगडाईयां ये अब
    हुए हैं व्याकुल
    करूँ जतन पर
    चुभे हैं शूल
    लगे मेरे मन को
    तितलियाँ करती परिहास हो
    तुम आ जाओ प्रिय
    जीवन मधुमस हो
    बस
    तुम आ जाओ प्रिय
    जीवन मधुमास हो..

    कीर्ति प्रकाश

  • जीतेगा हिंदुस्तान #kavyotsav2

    हिंदुस्तान जिसका है नाम
    वो देश है मेरी जान
    सदियों से सुनती आई हु मैं
    इस देश के वीरों की गाथाए
    जीस देश मे पैदा हुए है देव
    जैसे राजगुरु, भगतसिंह, और सुखदेव
    अपने देश को अंग्रेजो से दीलाने मुक्ति
    खूब लड़े वो सब वीर क्रांतिकारी
    खुद अपने जीवन का दिया बलिदान
    और फिर से बनाया एक अखंड भारत
    आज फिर सदियों बाद दुश्मन ने ललकारा है
    फर्क सिर्फ इतना है
    पेहले दुश्मन देता था दिखाई
    आज वो छिपकर फेला रहा है तबाही
    पर ये उसकी है गलत फेहमी
    क्युकी उसे नहीं पता अब उस पर है क्या बीतनी
    दुश्मन का कद भले ही हो छोटा
    मगर चुनौती का कद तो है बहुत बड़ा
    फिर भी हम हार मानेंगे नहीं
    फिर से करेंगे हिंदुस्तान को सही
    अब जंग हमें लड़नी है बिना हथियारों के
    बस साथ रहना है सबको अपने अपने घरों में
    घर में रहकर ही फेंकना होगा बम परमाणु
    देखना फिर कैसे भागते है ये विषाणु
    आज भी डटकर खड़े है क्रांतिकारी
    करने अपने देश की रखवाली
    और वो सब है डाक्टर पुलिस और सफाई कर्मचारी
    अब देश मेरा खूब लड़ेगा दे कर सभी का साथ
    मारना है उस दुश्मन को हर थोड़ी देर बाद धोकर अपने हाथ
    और नहीं सहेंगे हम ये रोनाधोना
    अब बस बहुत हुआ हरा कर ही रहेंगे तुझे कोरोना
    हिंदुस्तान जिसका है नाम
    वो देश है मेरी जान

    - दिव्या (Pikachu)