Book Detail

छोटू नहीं - घर का मुखिया

written by:  Ved Prakash Tyagi
123 downloads
Readers review:  
4.1

जिन बच्चों को हम चाय की दुकान या ढाबे पर अक्सर छोटू कहकर पुकारते हैं वो वास्तव में अपने घर के मुखिया होते हैं। मेरी इस कहानी में एक बच्चे के बारे में बताया गया है कि कैसे वह छोटू बनकर अपने पूरे परिवार की ज़िम्मेदारी उठता है।

Anu Tyagi  15 Aug 2017  

Chotu jaise bacho ki life mein badlav lana jaruri hai.

Shashank  02 Sep 2017  

Sahi me aaj bhi samaj me kuch aise log hai jinhe dekhkar lagta hai ki insaniyat hai

Nafis Khan  18 Sep 2017  

बहुत मार्मिक कहानी है

READ MORE BOOKS BY Ved Prakash Tyagi