Beti bachao, beti padhao by Asha Rautela in Hindi Short Stories PDF

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ

by Asha Rautela in Hindi Short Stories

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ रविवार का दिन था। सुबह वेफ लगभग 10 बजे होंगे। बच्चे पार्क में खेल रहे थे और मम्मी धूप सेक रही थीं। तभी उन्हें ढोल की आवाज सुनाई दी। बच्चो ने देखा कि ...Read More