Har ghadi tumko gaata Hun by Rakesh Kumar Pandey Sagar in Hindi Poems PDF

हर घड़ी तुमको गाता हूँ

by Rakesh Kumar Pandey Sagar in Hindi Poems

1. हर घड़ी तुमको गाता हूँ महकने लगी सारी गलियां, बहकने लगा भ्रमर मन मीत, लगाया है तुमने जो रोग, पहर हर पहर बढ़ाकर प्रीत, अपने मन के मंदिर में मैं, तुम्हें हरपल ही ...Read More