Bhavyata me bhayavahta bhi hoti hai by Sushma Munindra in Hindi Short Stories PDF

भव्यता में भयावहता भी होती है

by Sushma Munindra in Hindi Short Stories

कॉंल बेल की घ्वनि सुन माधुरी बाहरी बरामदे में आई। शुक्ला प्रणामी मुद्रा में तैनात मिले — ‘‘मैडम, मैं शुक्ला। टी.सी. । आप और डॉंक्टर साहब जबलपुर जा रहे थे। मैं ए.सी. कोच में ड्‌यूटी पर था।' आरम्भिक द्विविधा के बाद ...Read More