मेकिंग आफ बबीता सोलंकी

by Geeta Shri Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

“अरे..सब एक साथ उठ कर चल दिए। मैं अकेला रहूंगा अभी से...कोई एक तो रुको, मेरा जाम खत्म हो जाए, फिर चले जाना। ये रिवाज नहीं महफिल का...” बूढीं आखों में मिन्नतें चमकीं। आवाज लरज रही थी। जैसे सांझ लिपटी ...Read More