Parinita - 6 by Sarat Chandra Chattopadhyay in Hindi Social Stories PDF

परिणीता - 6

by Sarat Chandra Chattopadhyay Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

नवीन ने भूल तथा सूध जोड़कर रूपये गुरुचरण बाबू से लिए। अब कुछ भी बाकी नहीं रहा गया। तमस्सुक वापस करते समय उन्होंने गुरुचरण बाबू से पूछा- ‘कहो गुरुचरण बाबू, यह इतने रूपए तुम्हें किसने दिए?’ नवीन राय अपने रुपए ...Read More


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