Phir bhi Shesh - 27 by Raj Kamal in Hindi Love Stories PDF

फिर भी शेष - 27

by Raj Kamal Matrubharti Verified in Hindi Love Stories

हिमानी को अपने दरवाजे पर देखकर चौंका था आदित्य। रात के लगभग ग्यारह बज रहे थे। हिमानी दाएं हाथ में सूटकेस तथा बाएं कंधे पर बैग लटकाए खड़ी थी। कुछ पल विमूढ़ की अवस्था में गुजार कर आदित्य ने ...Read More


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