ढीठ मुस्कुराहटें... - 2 - अंतिम भाग

by Zakia Zubairi in Hindi Social Stories

ढीठ मुस्कुराहटें... ज़किया ज़ुबैरी (2) “अरे भाभी जी, आप!.. नमस्ते।” रानी को बैठक की ओर आते हुए देख कर इन्सपेक्टर खड़ा हो गया। “अच्छा सर जी मैं चला; रिपोर्ट देता रहूंगा।” रानी ने चेहरे पर मुस्कुराहट लाए बिना नमस्ते ...Read More