Poetry of Pratibha Chauhan by प्रतिभा चौहान in Hindi Poems PDF

कविता - ‘ माँ ‘

by प्रतिभा चौहान in Hindi Poems

कविताएँ १'माँ' -कविता ************#प्रतिभा_चौहान_की_कवितायेंतुम बिन इह लोक, जगत मर्माहतसूने अंचल और इन्द्रधनुष प्रेम,त्याग,क्षमा,दया की धाराधैर्य,कुशलता,धर्मपरायणजीवन रहा तुम्हारा, इठलाती, बलखातीगुण तेरे ही गाती माँन पड़ता कम गुणगान तुम्हारातूलिका घिसती जाती माँ, तुम सरस्वती ज्ञान स्वरों से नहलाओजितने ...Read More