Seeta - Ek naari - 7 - last part by Pratap Narayan Singh in Hindi Poems PDF

सीता: एक नारी - 7 - अंतिम भाग

by Pratap Narayan Singh in Hindi Poems

सीता: एक नारी ॥ सप्तम सर्ग॥ निर्विघ्न सकुशल यज्ञ मर्यादा पुरुष का चल रहाकिस प्राप्ति का है स्वप्न उनके हृदयतलमें पल रहा ? अर्धांगिनी के स्थान पर अब तो सुशोभित मूर्ति हैयह लोक-भीरु राम के किस कामना की पूर्ति ...Read More