vah sab jo maine kahaa by VIRENDER VEER MEHTA in Hindi Classic Stories PDF

वह सब जो मैंने कहा

by VIRENDER VEER MEHTA in Hindi Classic Stories

आज 'लोकल' में भीड़ नहीं थी। ऐसा कम ही होता है, मेरे आस पास भी केवल तीन लोग ही थे। एक सामने की सीट पर और दो साइड विंडो सीट पर। ट्रेन दो स्टेशन पार कर चुकी थी, तीसरे ...Read More