Iti marg ki sadhna paddhati - 11 by श्री यशपाल जी महाराज (परम पूज्य भाई साहब जी) in Hindi Spiritual Stories PDF

11. प्रार्थना

by श्री यशपाल जी महाराज (परम पूज्य भाई साहब जी) in Hindi Spiritual Stories

हे दीनबन्धु दयालु भगवन दुःख भय संशय हरण । जग मोह जाल कराल है आया प्रभू तेरी शरण ।। मैं पतित हूँ तुम पतित पावन, दास मैं तुम नाथ हो। दिन रात सोते जागते प्रभु तुम हमारे साथ हो ।।