सेवा-भाव की अपनी-अपनी सोच

by r k lal Matrubharti Verified in Hindi Humour stories

सेवा-भाव की अपनी-अपनी सोच आर० के० लाल पार्क में एक शाम बैठे कई बुजुर्ग समाजसेवा करने की बात पर ज़ोर दे रहे थे परंतु उनमे से दो चार लोग कह रहे थे कि उनका अनुभव अच्छा नहीं ...Read More