काव्य में गृहीत सौन्दर्य और रसानुभूति

by Dr Mrs Lalit Kishori Sharma in Hindi Novel Episodes

कवि कर्म की सार्थकता सौन्दर्य सृष्टि में है । सौन्दर्य एक अखण्ड वस्तु है , उसकी अनुभूति ही पराकाष्ठा को पहुँचकर रसनिष्पत्ति कहलाती है । सौन्दर्य तत्व का विश्लेषण करते समय सौन्दर्य के तीन रसों का उद्भावन होता है ...Read More