यहाँ कुछ लोग थे - राजेन्द्र लहरिया - 4 - अंतिम भाग

by राज बोहरे Matrubharti Verified in Hindi Social Stories

राजेन्द्र लहरिया कहानी यहाँ कुछ लोग थे 4 और साहब, बाकी रहे लोगों का तनाव उनके चेहरों से ऐसे उड़ गया जैसे ठंडी हवा लगने से पसीना उड़ जाता है। उन्होंने चैन की साँस ली। बाबा न ...Read More