अभागी का सिन्दूर - (शरतचन्द्र चटोपाध्याय की कहानी)

by Saroj Verma Matrubharti Verified in Hindi Women Focused

लेखक: शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय सात दिनों तक ज्वरग्रस्त रहने के बाद ठाकुरदास मुखोपाध्याय की वृद्धा पत्नी की मृत्यु हो गई. मुखोपाध्याय महाशय अपने धान के व्यापार से काफ़ी समृद्ध थे. उनके चार पुत्र, चार पुत्रियां और पुत्र-पुत्रियों के भी बच्चे, ...Read More


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