Me and My Feelings - 59 by Darshita Babubhai Shah in Hindi Poems PDF

में और मेरे अहसास - 59

by Darshita Babubhai Shah Matrubharti Verified in Hindi Poems

आँखों से छाया हैं पागलपन lसाफ़ दिख रहा है दीवानापन ll अपनों ने गैरों का चोला पहना lहर कही दिखता है बेगानापन ll सब अपनी मस्ती में जी रहे हैं lढूंढते हैं जहाँ मे अब अपनापन ll बेगाने और ...Read More