उत्कृष्ट कलात्मक सांकेतिकता से किर्च किर्च होते मानव मन की व्यथा

by Neelam Kulshreshtha Matrubharti Verified in Hindi Book Reviews

नीलम कुलश्रेष्ठ 'सिलवटें 'विकेश निझावन जी के कहानी संग्रह की एक एक सिलवट मैं पलट क्या रहीं हूँ एक तीखे दर्द से गुज़र रहीं हूँ या उस साँकेतिक भाषा से झटके खा रहीं हूँ जो सिर्फ़ किसी पात्र, किसी ...Read More