The Last Heartbeat #2

Episode #2


जगह: कॉफ़ी कैफ़े

सुबह 11 बजे

” यहा क्यो लाई है मुझे ? तुझे पता है इकोनॉमिक्स का इम्पोटेंट लेक्चर था तेरे वजह से मिस हो गया ” रिया ने चिढ़कर कहा तभी निधि ने कहा –

“शांत भणेश्वरी शांत तुजे तेरे नोट्स मिल जाएंगे । यहा पर हम अजय चौहान से मिलने आए है । ”

“अब यह कौन है महाशय ? आज से पहले तो मैंने तेरे मुह से इसका नाम नही सुना । ”

“राइटर, यूटूबर, लव गुरु और कई लोग उसे लोवोलोजिस्ट भी कहते है । और तुजे पता है उसने 16 साल की उम्र मैं अपनी पहली नॉवेल ‘द आर्टिस्ट’ पब्लिश की थी ।”

रिया ने आश्चर्य के साथ कहा –

” अब यह लोवोलोजिस्ट क्या है ? ”

“यानी दूसरे लोगो की लव प्रॉब्लम सॉल्व करने वाला लव का स्पेसिललिस्ट। अजय लोगों की लव प्रॉब्लम सॉल्व करता है और उन्ही पर अपने आर्टिकल लिखकर पब्लिश करता है । ही इज अ जीनियस ( he is a genius ) और मैं भी अपनी लव प्रॉब्लम सॉल्व करना चाहती हु ( रिया ने चौकते हुए उसकी तरफ देखा ) ऐसे मत देख सुना कल तेरा भाषण , पर राज ऐसा नही है कुछ है जो वह मुझसे छुपा रहा है और वही जानने और उसे फिरसे उसे पाने के लिये मैंने अजय चौहान को हायर किया है । वो यही मिलने वाला था मुझसे ”

“ओ बेवकूफ ! ऐसे लोगो से दूर रहे यह तुम जैसी दुखियारी को देखकर उसे सहानुभूति देने के चक्कर में अपनी सेटिंग्स कर लेते है । ”

तभी निधि का फ़ोन बजा । निधि ने फ़ोन देखा तो स्क्रीन पर राज लिखा आ रहा था वह उठते हुए बोली ” राज का फ़ोन है में अभी आई ।”

【 15 मिनट पहले उसी कॉफी शॉप मैं 】

“अजय यार मेरी फट रही है और तू है कि आराम से कोल्ड्रिंक पी रहा है । ” जिग्नेश ने गुस्से और डर के मिलेजुले भाव से कहा पर अजय उसकी बात सुने बिना ही कोल्ड्रिंक पीने में मशगूल था । जिग्नेश फिरसे बोला –

“भाई तूने पिया को सबकुछ बता दिया तो उसने हा ही कहा था ना ,वो मान गई ना ? ”

तभी अजय की कोल्डड्रिंक खत्म हुई और वो बोला –

“तू मुझे यह सो बार पूछ चुका है और मैं तुझे सो बार यह कह चुका हूं कि हा मैंने उसे सब बता दिया है और वो मान गई है पर तु है कि पूछता ही जा रहा है । साले तू मेरे बचपन का दोस्त और बिजनेस पार्टनर भी है तो तेरे साथ थोडे ही मजाक करूँगा । ”

“भाई गुस्सा क्यो हो रहा है मान ली तेरी बात । ( जिग्नेश थोड़ी देर शांत रहा और फिरसे मुह खोला ) वो सच में मान गई क्या ? ”

अजय ने गुस्से से उसकी तरफ देखा फिर अपना गुस्सा पीते हुए बोला –

तुजे शायद तेरे चेहरे पर भरोसा नही है। सुन मैंने तो अपना काम कर दिया और सबकुछ बता दिया है पर बताने से ज्यादा असर जताने में होता है और अब तुजे उसे यह जताना है कि तू उससे कितना प्यार करता है , और हा फिल्मी डायलॉग के बदले अपनी दिल की आवाज़ उसे सुनाने की कोशिश करना क्योकि दिल की आवाज़ कभी जूठी नही होती और दिल की आवाज़ दूसरे दिल तक जरूर पहोचती है । समजो के नई (जिग्नेश ने मुस्कुराते हुए हा में सर हिलाया ) शाबाश मारा गिर ना सावज । ”

तभी अजय के फोन पर मैसेज आया उसने देखकर कहा

” पिया आ गई । “( यह सुनते ही जिग्नेश के चेहरे से हसी फिरसे चली गई और डर ने अपना डेरा फिरसे जमा लिया । यह देख अजय के चेहरे पर हलकी मुस्कुराट आ गई ) घबरा मत यार , प्यार किया तो डरना क्या । बस तेरे दिल मे जो मोहब्बत है उसे उसके सामने बया कर देना ।” जिग्नेश ने सर हिलाया और कुर्सी पर से उठ गया ।

पिया ने जैसे ही कॉफी शॉप में पैर रखा उसके मनपसंद गाने की धुन बजने लगी साथ ही बरफ ( स्नो ) गिरने लगी । अचानक हुए इस बदलाव को देखकर पिया पहले तो चौकी पर स्नो रैनिंग उसकी पसंदीदा चीज थी इस लिए वह स्नो का मजा लेने लगी । तभी तेजी से हवा आने लगी उसके साथ ही दिल के बने गुब्बारे भी आने लगे पिया ने उस तरफ देखा और दिल के बने गुब्बारे उसकी चेहरे पर आ रहे थे । उन्ही गुब्बारों के बीच से जिग्नेश पिया के पास आया उसके हाथ में भी एक दिल का बना हुआ गुब्बारा था । पिया ने जिग्नेश को देखा तो हस्ते हुए बोली –

” जेरी यह सब क्या है ?” तभी जिग्नेश ने पिया के होंठ पर अपनी उँगली रखते हुए बोला -“शशशह ( उसने अपने हाथ में रखे गुब्बारे को पिया के सामने रखा ) ब्रेक इट ” पिया ने सवालिया नजरो से देखा पर कुछ कहा नही और उस दिल को अपने हाथ मे लिया और अपने हाथों के नाखून उसपर गाड़े तभी एक जोर की आवाज़ हुई और गुब्बारा फट गया पर उसके हाथो में अब एक छोटा सा बॉक्स था वह उसी दिल के गुब्बारे से में से निकला हुआ था । पिया जानती थी कि बॉक्स के अंदर क्या होगा तभ भी उसके मुंह से निकल गया “इसमे क्या है ?” और उसने बॉक्स को खोला उसके अंदर डायमंड रिंग थी । पिया ने आश्चर्य के और मुस्कुराट के साथ जिग्नेश के सामने देखा तभी जिग्नेश अपने घुटनों पर बैठते हुए बोला –

” तुमसे यह वादा नही कह सकता कि मैं तुम्हारे लिए चांद तारे तोड़ के ले आऊंगा क्योकि मेरी इतनी औकात नही पर हाँ यह वादा जरूर करूँगा की तुम्हारे चेहरे पर यह हँसी हमेशा लाने की कोशिश करूँगा और कभी भी तुम्हारे आखो मैं आंसू आये भी तो उन्हें पोछने वाले हाथ हमेशा मेरे होंगे । आई लव यू पिया क्या तुम मेरी लाइफ पार्टनर बनोगी ? ” यह सुनकर पिया के चेहरे पर खुशी थी और वह थोड़ी शरमा ( blussing ) भी रही थी । उसने अपना सर हिलाकर जिग्नेश के प्यार को स्वीकार कर लिया और कहा –

” यस आई लव यू टू जेरी ” और उसने अपने चेहरे को हाथों में छुपा लिया । यह सुनकर जिग्नेश के सारे दोस्त और कैफ़े में जो लोग थे वो शोर करने लगे और तालिया बजाने लगे । जिग्नेश ने पिया को रिंग पहनाई और उसके गले लगा लिया और उसके गालो पर किस किया । जब माहौल शांत हुआ तब पिया ने जिग्नेश से कहा-

“पागल इतना सब करने की क्या जरूरत थी ? ऐसे ही प्रोपोज़ कर देते तो भी मना नही करती । ”

“यही तो तुम्हारा ड्रीम था कि स्नो रैन में तुम्हारा प्रिंस चार्मिंग तुम्हे प्रोपोज़ करे , तो बस मशीनों से स्नो रैन करवा दिया पर अगर अजय तुम्हे मेरी फिलिंग नही बताता तो शायद यह सब में नही कर पाता । ”

“वैट वैट वैट! अजय ने मुझे कब क्या बताया ?”

जिग्नेश थोडा चौका पर उसने कहा –

” कल अजय तेरे घर आया था और उसने तुजे मेरे दिल की बात बताई थी कि मैं तुझसे कितना प्यार करता हु और तुम मान गई थी ।”

“हा कल अजय मेरे घर आया था पर वो बस बिजनेस के सिलसिले में आया था । उसने मुझे तुम्हारी फीलिंग के बारे में कुछ नही बताया और यहा पर भी मुझे बिजनेस मीटिंग के लिए ही बुलाया था पर तुमने मुझे सरप्राइज कर दिया। ”

पिया के चेहरे पर मुस्कुराट आ गई थी . पर जिग्नेश के चेहरे पर हवाइयां उड़ी हुई थी उसके मुहसे निकल गया –

“वोट? “उसने गुस्से में भीड़ की तरफ देखा और अजय को ढूंढने लगा तभी उसकी नजर टेबल पर गई जिसपर अजय बैठा था और उसे ही देखकर मुस्कुरा रहा था । वह वहां से उठकर जिग्नेश के पास आया जिग्नेश उसे गुस्से से घूर रहा था । अजय यह देख हँसा और फिर बोला –

” ऐसे मत देख मेरे भाई मैंने पहले ही कहा था कि मोहब्बत का असर बताने से ज्यादा जताने से होता है । और आज जो तूने पिया के लिए किया है ना उसकी वजह से उसके दिल में तेरे लिए जो प्यार था आज वो दुगना हो चुका है । वो कल मेरे कह देने से नही होता ।”

“अगर पिया मना कर देती तो ?मेरा तो दिल ही टूट जाता न ?”

“मेरे भाई रिस्क तो हर चीज मैं होता है और वैसे भी तेरी यह मैडम तुजे 1 साल से मन ही मन प्यार करती थी । (यह सुनकर जिग्नेश ने चौककर पिया की तरफ देखा पिया ने मुस्कुराते हुए नजर फेर ली ) लड़कियों का होता है ना कि वो सबसे पहले प्रोपोज़ नही करेगी ।वो चाहती है कि लड़के उसे पहले प्रोपोज़ करे पर तु हमारा फट्टू भाईसाब तो तुजसे भी मुझे उम्मीद नही थी कि तू इसे सामने से प्रोपोज़ करेगा । (अजय कुछ पल के लिए रुका और फ़िर बोला ) स्कूल के दिनों में मैंने एक कहानी पढ़ी थी कि लड़का लड़की दोनों एक दूसरे से बहोत ही प्यार करते होते है पर एक दूसरे को कभी अपनी दिल की बात नही बता पाते लड़के को लगता कि वह लड़की उसे भाई मानती है और लड़की को लगता कि वह लड़का उसे बहन मानता है इसी चक्कर में दोनों की प्रेम कहानी शुरू ही नही होती है । तो बस तुम्हारी प्रेमकहानी को शुरू करने के लिए मुझे यह जुठ बोलना पड़ा और वैसे भी लव प्रॉब्लम कभी बड़ी नही होती पर हम उन्हें बड़ा बना देते है ।”

जिग्नेश ने दौड़कर अजय को गले लगा लिया फिर अलग होते हुए बोला –

“थैंक्स भाई इसी लिये लोग तुजे लोवोलोजिस्ट कहते है । ” अजय ने यह सुनकर सिर्फ मुस्कुरा दिया । उसने पिया की तरफ देखा पिया उसे थैंक्स कह रही थी । अजय ने हस्ते हुए सर हिलाया । तभी जिग्नेश ने पिया को गले लगा लिया और उनके दोस्त तालिया बजाने लगे ।अजय उस भीड़ में से बहार निकला तभी उसकी नजर सामने वाले टेबल पर गई । उस टेबल पर रिया गुमशुम बैठी थी । अजय ने रिया को देखा तो बस देखता ही रह गया । आज अजय को पहली बार यह अहसास हुआ कि उसके सीने में भी दिल नाम का ऑर्गन है जो धड़कता है और अभी वो सामने बैठी हुई लड़की ( रिया ) के लिए धड़क रहा था । अजय उसे देख ही रहा था कि एकाएक उसे उस लड़की की खूबसूरती मैं कुछ कमी सी लगी और वह कमी थी रिया के चेहरे की हँसी । अजय ने उसके चेहरे पर खुशी लाने की कोशिश की । उसने देखा कि उसके पास वाले टेबल पर स्कूल के बच्चे थे वह उनके पास गया ।

रिया गुमसुम सी बैठी निधि का इंतजार कर रही थी तभी एक छोटी सी बच्ची रिया के पास आई और रिया को गुलाब देते हुए बोली “स्माइल प्लीज । ” रिया को बच्चे पसंद थे इस लिए उसने वह गुलाब लिया और कुछ कहती उससे पहले ही वह बच्ची भाग गई । रिया उसे देख रही थी कि पीछे से एक और बच्चा आया और उसने भी पहली बच्ची की तरह गुलाब का फूल दिया और स्माइल प्लीज कहा और भाग गया और दो बच्चे ने भी वैसे ही किया । फिर एक बच्चे ने गुलाब के फूल के साथ रिया के गाल खीचते हुए स्माइल प्लीज कहा और यह देख रिया हस पड़ी । पर जैसे ही वह बच्चा भागने गया रिया ने उस बच्चे को पकड़ लिया और यह सब क्या है और क्यों कर रहे हो यह पूछा तो उस बच्चे ने एक कागज का टुकड़ा दिया । रिया ने उस कागज खोला तो उस में लिखा था ” खूबसूरत चेहरे पर हँसी नही यह तो सरासर नाइंसाफी है।” रिया ने उस बच्चे से पूछा कि यह उसे किसने दिया तो उस बच्चे ने अजय जहा खड़ा था वहाँ बताया । रिया ने देखा तो अजय वहा से जा चुका था ।

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अजय सिविल हॉस्पिटल पहोचा और तेजी से दौड़ता हुआ अंदर पहोचा । उसने रिसेप्शन पर जो लड़की बैठी थी उससे राधिका गुप्ता कोनसे से वोर्ड में यह पूछा । वहा बैठी लड़की ने वोर्ड नं. 21 बताया । अजय दौड़ता हुआ वोर्ड नं.21 मैं पहोचा उसने राधिका को कोने के बेड पर देखा और उसके पास पहोचा । बेड पर एक बच्ची सोई हुई थीं और उसी के पास एक फीमेल डॉक्टर उस बच्ची का चेकअप कर रही थी। अजय ने उस बच्ची को चॉकलेट दी और सॉरी कहा उस बच्ची ने कहा –

” जिन्हें असल में सॉरी कहना चाहते हो उन्हें मुह पर कहो और उन्हें चॉकलेट दो पर दूसरी वाली । ” उस बच्ची ने चॉक्लेट अजय के हाथ से ले ली । अजय ने हस्ते हुए राधिका (फीमेल डॉक्टर ) के सामने देखा और कहा ” बड़ी बदमाश हो गई है । ” राधिका ने यह सुनकर उस बच्ची के सामने देखकर कहा –

“जिया इनसे कह दो की जो खुद बदमाश होते है वह दूसरों को बदमाश नही कहते । और हा यह भी कह दो की मुझे इनसे कोई बात नही करनी ”

अजय उठते हुए बोला – ” यह सरासर नाइंसाफ़ी है मीलॉर्ड । पहले खुदने तो छुट्टी ली नही मेरा प्लान बिगाड़ दिया और ऊपर से मुह चढ़ा रही है । ”

यह सुनते ही राधिका आग बबूला हो गई और बोली –

“मैंने प्लान बिगाड़ा ? एक तो मेरा बर्थडे भूल गया और ऊपर से मैंने छुट्टी ली थी कि आज का दिन तेरे साथ बिताउंगी पर भाईसाब को दूसरों की भलाई करनी होती है । 10:30 बजे तक वैट किया ओर बाद में में यहा आई और मैंने प्लान बिगाड़ा ? ” यह कहकर उसने पास में रखा गिलास फेककर मारा । अजय के सीधा मुह पे लगा और वह गिर गया। यह देख राधिका के मुहसे ओह माई गॉड निकल गया । उसे अपनी हरकत पर अफसोस हुआ और वह दौड़कर अजय के पास गई पर अजय मुस्कुरा रहा था। यह देख की वह ठगी गई है और गुस्सा होते हुए उठने गई तो अजय ने हाथ पकडते हुए कहा ।

” इतनी फिकर करती हो तो क्यू खामखा गुस्सा हो रही हो। ”

” मुझे तुमसे कोई बात नही करनी है और तुम्हे भी मुझसे कोई बात करने की जरूरत नही । ”

” अपनी बहन से बात नही करू तो किससे करूँगा और तुम्हे पता है न कोई भी लव प्रोब्लेम देखता हूं तो रह नही पाता । तु जो भी बोलेगी वो में करूँगा ।”

“जो भी बोलूँगी वो करेगा । ”

“100 % । ”

“ओके तो चल 10 उठक बैठक कर । ” यह सुन अजय को 400 चालीस वाल्ट का झटका लगा । उसने कहा-

“दी यह घर नही है , यहा सब देख रहे है । ”

“तो क्या हुआ ! तूने ही कहा कि तू कुछ भी करेगा तो अब करो । ”

अजय ने अपनी बहन को मनाने की कोशिश की पर वह न मानी। आखिर में अजय को उठक बैठक करना ही पड़ा ।

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दोनों बहन भाई ने पूरे दिन बर्थडे सेलिब्रेट किया । रात को अजय कंप्यूटर पर अपना आर्टिकल लिखने की कोशिश कर रहा था पर लिख नही पा रहा था । बार बार उसके आँखों के सामने रिया का चेहरा आ जाता था । उसने अपना सर टेबल पर पटका । अपनी भाई की यह हरकत देख राधिका ने पूछा –

“यह क्या कर रहा है पागल ? ”

“कुछ नही एक लड़की के चेहरे ने परेशान किया है। ”

लड़की सुनकर राधिका ने सबकुछ छोड़कर अपने भाई के पास आई और बोली ” लङकीईई ! ”

अजय अपनी बहन से कुछ नही छुपाता था इस लिए उसने सब बता दिया। यह सुनकर राधिका बोली-

“अरे वाह तो तूने उससे बात क्यो नही की ? ”

“तुम्हारे तड़कते भडकते मैसेज के कारण मुझे वहां से भागना पड़ा । ”

“अच्छा तो नाम पता किया न ?”

” नही !”

“छोटे तो उसे तू भूल जा , क्योकि यह मुम्बई है यह अपने भी खो जाते है तो वो तो पराई है , कैसे मिलेगी ? ” (तभी बहार बारिश होने लगी ) व्हाट नॉनसेंस बिना मौसम के बारिश ।”

बारिश देखकर अजय मुस्कुराया और बोला

” तुम्हे पता है दी यह धरा ( जमीन ) और यह आकाश दोनों ही प्रेमी है पर यह कभी भी एक दूसरे से मिल नही सकते है ।इस लिए आकाश अपना प्यार बताने के लिए जी भरकर रोता है और उन्ही के आंसू जब उस धरा को छूते है तो वह धरा प्रफुल्लित होकर खिल जाती है । ”

” तेरी पोएट्री कभी खतम ही नही होती । एकदम पागल है , हर चीज में प्यार ढूंढ लेता है और उस कैफे वाली लड़की को भूल ही जा । नाम पता मालूम नही और प्यार करने चले ।”

अजय ने अपनी बहन की बात नजर अंदाज कर के कैफ़े वाली लड़की के बारे में सोचने लगा । तभी अजय को एकाएक याद आया कि कैफ़े में उसे निधि से मिलना था पर अपनी बहन के कारण जा न सका । उसने तुरंत मोबाइल उठाकर निधि को फ़ोन किया । रिंग बज रही थी तभी फ़ोन रिसीव हुआ सामने लाइन पर रिया थी।

( क्रमशः ) too be continued…….

हेलो दोस्तों सबसे पहले आप सभी से माफी चाहता हु की कल तबियत नासाज़ होने के वजह से इस एपिसोड को पब्लिश न कर सका । कैसा लगा आपको यह दूसरा एपिसोड मुझे कमैंट के माध्यम से जरूर बताएगा और हा एपिसोड लंबा किया गया तो आप ऐसे ही लंबे एपिसोड चाहते है कि नही मुझे कमेंट के माध्यम से बताये । यह थे हमारे कहानी के मुख्य नायक जो हर चीज में मोहब्बत ढूंढ लेते है । एक वे जिसका मजहब ही इश्क़ है और दूसरी वह जिसके सीने में दिल ही नही तो कैसी होगी यह मोहब्ब्त और कैसी होगी इनकी पहली मुलाकात जानने के लिए पढिये हमदर्द #3 । और इसे लाइक और शेयर जरूर करे

-Aryan suvada

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