द लास्ट हार्टबीट -11 ( महाएपिसोड)

Episode #11

रिया और अजय वासिन्ध से मुंबई के लिए कार से रवाना हुए । पूरे सफर के दौरान रिया यही सोच रही थी कि कल रात वह नींद की गोलियों के बगैर कैसे सो सकी । उसे अभी भी इस बात विश्वास नही हो रहा था । क्या अजय ने जो बचकानी हरकत करने को कही क्या वह इतनी असरदार थी या फिर सच में यह उसके प्यार की वजह से हुआ है । क्या अजय का प्यार इतना मजबूत है कि मेरे डर को खत्म कर गया । क्यो मैंने उसकी यह बात मानी ? क्या मैं भी उससे प्यार करने लगी हु या बस युही मैंने बात मान ली थी ? अजय मेरी जिंदगी से दूर जा चुका था तो क्यों में उसके पास गई ? क्यो मुझे उसकी कमी महसूस होती है क्या मेरा दिल हार गया है उसकी मोहब्बत के सामने ? क्या मैं उससे प्यार करने लगी हु ? ....... ।

तभी ब्रेक लगने की आवाज आई । रिया अपने ख्यालो से बाहर आई । अजय ने कार रोक दी थी और वह बोला -

" गाड़ी से उतरो आ गया हमारा ठिकाना । "

रिया ने खिड़की से बहार देखा । वहां पर होस्टल सराउंडिंग न देखके रिया बोली -

" हमे तो होस्टल जाना था न ? "

रिया कार से उतरी तो उसने देखा की सामने अजय का घर था और दरवाजे पर राधिका और 50 साल की लगने वाली एक आधेड़ औरत थी । उसने अजय के सामने सवालिया नजरो से देखा । अजय ने उसकी नजरे पढ़ते हुए कहा -

" कहा था न तुम्हारे लिए सरप्राइज है , यह है वो सरप्राइज , यह मेरी माँ है । ( रिया अजय को देखती रह गई ) तुम्हे मेरी मोहब्बत की जरूरत नही है बल्कि माँ के मोहब्बत की जरूरत है । वैसे भी जो मेरा है वह तुम्हारा भी तो है । तो बस आज से मेरी माँ का प्यार भी तुम्हारा । "

रिया अजय को देखती ही रह गई तभी अजय की माँ ने आवाज लगाते हुए कहा -

" अब वही पर खड़े खड़े बात करते रहोंगे या फिर यहाँ भी आओगे "

" आ रहे है मम्मी । "

यह कहकर अजय ने रिया का हाथ पकड़ा और माँ की तरफ चल दिया । रिया बस अजय के कदम से कदम मिलाकर चल रही थी । जब वह माँ के पास पहोचे तो रिया को माँ के सामने खड़ा करके पीछे हट गया । माँ रिया को देखकर मुस्कुराई और अजय के सामने देखते हुए कहा -

" तो यह है आपकी पसंद ? "

अजय ने हा में सर हिलाया । माँ ने भी हाथ से बढ़िया है का इशारा किया । रिया ने अजय की मम्मी के पैर पड़ने के लिए जुकी तभी अजय की मम्मी ने मना करते हुए खड़ा किया और कहा -

" हमारे घर की बेटिया पैर नही पड़ती बल्कि उनके सर चूमे जाते है । "

यह कहकर माँ ने रिया का सर चूमा जिससे रिया अंदर से पूरी हिल चुकी थी । माँ ने और राधिका ने रिया को हैप्पी बर्थडे विश किया और माँ रिया को घर के अंदर ले गई । अजय दोनो को जाते हुए देख मुस्कुरा रहा था पर उसकी आँखों से आंसू आ रहे थे । राधिका यह देख अजय के पास आई और कहा -

" क्या हुआ ? अजु रो क्यों रहा है मेरे भाई ।"

अजय ने अपने आंसू पोछते हुए मुस्कुराते हुए ना में सर हिलाया । राधिका ने अपने भाई के गाल पर हाथ रखते हुए कहा -

" रिया के साथ जो हुआ उसके बारे मे सोच रहा है न ? "

अजय ने हा में सिर हिलाया और रोते हुए अपनी बहन के गले लग गया । राधिका ने अजय को शांत कराया और उसके आंसू पोछते हुए कहा -

"मेरे भाई के चेहरे पर मुस्कुराहट अच्छी लगती है , यह आंसू नही । चल रोना बन्द कर ।"

अजय ने अपने आंसू पोछते हुए कहा -

" थैंकयू दी , माँ को यहां लाने के लिए । "

" थैंक यू से काम नही चलेगा बल्कि तुजे मुजे कुछ देना होगा ।

" क्या चाहिए दी बोलिये ? "

फिलहाल के लिए तो तू मुजे किस्सी दे तेरे गालो पे ।

" नो वे दी , क्या बेतुकी बात कर रहे हो , बच्चा थोड़ी हु अब । "

" देना मेरा बाव है न। "

" ना ना "

राधिका अजय को पकड़ने गई तभी अजय घर के अंदर भागा । राधिका भी उसके पीछे भागी । दोनो हॉल मैं पहोचे जहा रिया डाइनिंग टेबल पर बैठी थी और माँ उसे नास्ता परोस रही थी । दोनो भाई बहन अपनी माँ को देखकर रुक गए । माँ ने कहा -

" यह क्या छोटे बच्चो की तरह उछल कूद कर रहे हो ? तुम दोनों बस शरीर से बड़े हुए हो दिमाग से अभी भी बच्चे हो । "

" माँ देखना ये किस्सी नही दे रहा । "

" तुम बच्ची हो क्या ? कितना बड़ा हो गया है । गर्लफ्रैंड वाला हो गया है अब तुम्हे थोड़ी किस्सी देगा ।"

यह कहते हुए माँ अजय के पास आई और उसका गाल पकड़कर गालो पर पप्पी ले ली । मौका देख राधिका ने भी अजय के दूसरे गालो पर पप्पी ले ली । अजय ने मुह बिगाड़ा यह सब देखकर रिया हँसी । अजय ने अपने आपको छुड़वाया और दोनों गाल हाथो से साफ करते हुए चिढ़कर कहा -

" माँ तुम भी "

" अब ज्यादा ओवरएक्टिंग मत कर । रिया जब पप्पी देगी तो तू मना करेगा ? "

यह सुन रिया और अजय दोनो झेप गए । यह देख माँ ने अजय को नास्ता करने को कहा । दोनो भाई बहन डाइनिंग टेबल पर बैठे और नास्ता करने लगें । माँ रिया को अपने हाथों से खाना खिला रही थी । यह सब रिया के लिये सपने के बराबर था । नास्ता करने के बाद माँ ने अजय से कहा :

" अजु चल तेरा ऐ. टी. एम ला दे । "

" क्यो ? "

ले , शॉपिंग करनी है मुझे और रिया को ।

" ओह्ह ! ओके । हम भाई बहन घर पर एकेले क्या करेंगे हम भी चलते है ।"

" हा चलो , मुजे कहा तुम दोनों को गोद में उठाकर चलना है । "

सब लोग नास्ता करके शॉपिंग करने के लिए निकले । माँ सबसे पहले रिया को ब्यूटी पार्लर ले गई । वहां पर रिया, राधिका और माँ तीनो ने फेसिअल करवाया मेडिक्योर पेडीक्योर करवाया और अजय बहार बैठा बैठा मैगज़ीन पड़ रहा था । उसके बाद सभी शॉपिंग करने गए । वहां पर माँ ने रिया के लिए कुछ कपड़े खरीदे जिसे रिया लेने से मना कर रही थी , वह कह रही थी -

" आंटी यह में नही ले सकती और मेरे और अजय के बीच ऐसा कुछ भी नही है । "

" जानती हूं बेटा की तेरे और अजय के बीच कुछ भी नही है । अजय मुझसे कभी कुछ नही छुपाता । तो तुम दोनों के बीच की सारी बाते मुझे पता है और इन बात को तुम दोनों ही सॉल्व करो , पर जब माँ अपनी बेटी को कुछ दे रही हो तो बेटी आनाकानी नही करती बल्कि उनपर अपना हक जमाती है । और मुझे आंटी नही माँ कहो । "

रिया यह सुनकर कुछ बोल न सकी और उसने वह कपड़े ले लिए । फिर सभी ने मिलकर रिया का बर्थडे सेलेब्रेट किया , केक काटा , रिया को सबने गिफ्ट दिए , पूरा दिन रिया अजय की माँ के साथ रही और खूब सारी मस्ती की ।

अजय, रिया और राधिका एक बेंच पर बैठे थे । माँ कही दिख नही रही थी तो अजय ने राधिका से माँ के बारे में पूछा , पर राधिका को भी माँ के बारे में नही पता था अजय ने चारों तरफ नजर दौड़ाई तो एक कोने पर माँ चोरी छुपे आइस -क्रीम खा रही थी । दरअसल अजय की माँ को डायबिटीज की प्रॉब्लम थी इस लिए अजय या राधिका उन्हें मीठा खाने नही देते थे । अजय तुरंत उठकर माँ के पास पहोचा । अपनी चोरी पकड़ी गई है यह देखकर माँ कान पकड़ने लगी । यह दृश्य दूर से रिया और राधिका देखकर मुस्कुरा रहे थे तभी रिया ने राधिका से कहा -

" तूम्हारी फैमिली काफी क्यूट है । "

" तुम्हारी नही हमारी फैमिली । अब तुम भी इस परिवार का हिस्सा हो ।"

रिया यह सुन सिर्फ मुस्कुराई और कहा -

" तुम्हारे पापा क्या करते है ? कभी भी उनका जिक्र अजय के मुह से सुना नही । "

राधिका ने रिया की तरफ देखा और गंभीर होते हुए कहा -

" अजु जब 8 साल का था तब उनके पापा और मम्मी का डिवोर्स हो चुका था "

यह सुन रिया चोक गई । उसने अजय की तरफ देखा । अजय और मम्मी मुस्कुरा रहे थे । अजय की मुस्कुराहट के पीछे इतना गम था यह उसने आज तक पता नही चलने दिया उसे , राधिका ने आगे कहा -

" मम्मी और पापा की अरेंज मैरिज हुई थी पर कुछ सालों बाद उनके पापा और मम्मी के बीच अनबन शुरू हो गई और यह अनबन वक्त के साथ मारपीट में बदलने लगी और जब मम्मी पेट से थी तब पापा ने मम्मी को इतना मारा की उनका मिस कैरिज हो गया और डॉ ने बताया कि वो कभी माँ नही बन सकती । तब मम्मी ने अजय के पापा को डिवोर्स दे दिया और अजय को लेकर बरोडा चली आई । "

" और तुम पापा के साथ थी ? "

तुमने शायद मेरी और अजय की सरनेम पर गौर नही किया । मेरा पूरा नाम राधिका गुप्ता है और अजय का पूरा नाम अजय चौहान है । मैं उसकी सगी बहन नही हु । में और अजु एक ही स्कूल में पढ़ते थे ओर मैं उसके साथ अपना टिफ़िन शेयर करती थी । तो मुजे बस दीदी कहा करता था । जब मैं 12 साल की थी तब मेरे मोम डैड की कार एक्सीडेंट में डेथ हो गई और अन्य परिवार वालो ने मुझे अपनाने से मना कर दिया और मुझे अनाथ आश्रम छोड़ आए । तब इस पागल ने मम्मी से जिद करके मुझे अडॉप्ट करवाया । मम्मी को भी पहले से एक बेटी चाहिए थी और बस तब से में अजु की बड़ी बहन हु । और मम्मी ने कभी भी मुझे यह अहसास होने नही दिया कि मैं उनकी बेटी नही हु। "

कुछ पल के लिहे दोनों के बीच खामोशी रही । इस खामोशी को तोड़ते हुए राधिका ने कहा :-

तुम और अजय एक ही नाव के मुसाफिर हो । बस दोनो ने अपने रास्ते अलग अलग चुने है । दर्द दोनो के दिल में एक जैसे है पर तुमने जहा नफरत का रास्ता चुना है तो वही अजय ने मोहब्बत का रास्ता चुना । आखरी पल में हम यह नही सोचते कि हम किन किन से नफरत करते है या हमसे कौन नफरत करता है , बल्कि हम यह सोचते है कि किन्हें हम प्यार करते है और हमसे कौन प्यार करता है । रिया नफरत के लिए यह जिंदगी बहोत छोटी है और प्यार के लिए इस जिंदगी का कोई अंत नही । अब फैसला तुम्हे करना है की तुम्हे कोनसी जिंदगी चाहिए । "

राधिका की बात सुनकर रिया पर गहरा असर हुआ ।अजय ने माँ को आइस क्रीम खाने दी यह देखकर राधिका उनके पास चली गई ।

पूरा दिन खत्म होने के बाद रिया ने अजय की मम्मी से विदाई ली अजय रिया को होस्टल छोड़ने गया । होस्टल पहोचकर अजय ने सारे गिफ्ट के पैकेट कार से निकाले और रिया को थमाए और रिया को गुड नाईट कहा और जाने लगा तभी रिया ने उसे आवाज लगाई । अजय रुक गया और मुड़ा । रिया उसके पास आई और बोली -

" थैंक्स यु सो मच अजय , मुझे मेरी जिंदगी का सबसे बेस्ट गिफ्ट देने के लिए । यह गिफ्ट में जिंदगी भर भूल नही पाऊंगी । तुम सोच भी नही सकते कि आज मैं कितनी खुश हूं , मुझे समझ में नही आ रहा कि तुम्हारा शुक्रियादा कैसे करू "

"अरे बस बस ! मैं कोई चंद तारे नही तोड़ लाया हूं तुम्हारे लिए , बस वही किया जो सही लगा और तुम खुश हो न ( रिया ने है में सर हिलाया ) बस वही मेरा थैंक्स है । ओके तो अब थैंक यू बोलना बन्द करो और जल्दी अंदर जाओ वरना वार्डन घुसने नही देगी । वैसे भी काफी देर हो चुकी है । "

रिया ने हाँ में सिर हिलाया और जाने लगी तभी वह रुक गई । यह देख अजय ने कहा -

" क्या हुआ ? रुक क्यो गई ?"

रिया मुड़ी और अजय के पास आई । अजय ने फिरसे पूछा कि क्या हुआ पर रिया ने कोई जवाब नही दिया और अजय के गालो पर किस करते हुए बोली -

" हैप्पी किस डे अजु । "

यह कहकर वह अपने होस्टल में चली गई और अजय आश्चर्यचकित होकर रिया को जाते हुए बस देखता रहा ।

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जगह : होस्टल

समय : 9:32 मिनीट

रिया अपने कमरे में आई. कमरे में अंधेरा था । रिया ने स्विच ऑन की । रोशनी होते ही भोपू की आवाज आई । रिया ने देखा तो सामने निधि खड़ी थी । वह बोली -

"हैप्पी बर्थडे रिया ! जानती हूं कि तुजे तेरा बर्थडे सेलेब्रेट करना पसंद नही पर मेरी बेस्ट फ्रेंड का बर्थडे है तो मनाना तो बनता है । "

रिया ने कोई जवाब नही दिया तब निधि ने रिया गौर से देखा तो रिया रो रही थी । उसके आँखों से आंसू बहे जा रहे थे यह देख निधि बोली -

" आई एम सॉरी , में तुजे हर्ट नही करना चाहती थी । आई एम रियली सॉरी ... "

निधि कुछ आगे बोलती इस से पहले रिया ने उसे गले लगा लिया औऱ कुछ पल तक वह वैसी ही रही । निधि कुछ समझ ही नही पा रही थी कि रिया को क्या हुआ है या फिर वह क्या करे उसे शांत करने के लिए । रिया निधि के बाहो से अलग हुई तो वह मुस्कुरा रही थी पर उसकी आँखों से आंसू बहे जा रहे थे । यह देख निधि और कंफ्यूज़ हो गई । रिया हँसे भी जा रही थी औऱ रो भी रही थी यह देख निधि बोली -

" रिया क्या हुआ ? देख मुझे डर लग रहा है ,बता न क्या हुआ ? "

रिया बेड पर बैठ गई । वह कुछ पल मैं मुस्कुरा रही थी तो कुछ पल में रो रही थी । फिर वह एकाएक बोली -

में हार गई निधि , में हार गई । मेरी नफरत हार गई , अजय जीत गया । मेरी नफरत उसकी मोहब्ब्त से हार गई । मुझे भी प्यार हो गया ( रिया रोते हुए मुस्कुरा रही थी ) । बहोत कोशिश की मैंने पर लोग बून्द को मना कर सकते पर समंदर को कैसे मना कर सकते है और अजय का प्यार वही समंदर है जिसमें में बह गई । उसकी मोहब्ब्त जीत गई । में अजय से प्यार करने लगी हु , आई एम इन लव निधि , आई एम इन लव । "

रिया ने आखरी वाक्य ऊँची आवाज में कहे । निधि यह सुन बेहद खुश होते हुए बोली -

" वॉव क्या ख़बर सुनाई तूने । यानी हमारी जान भी मोहब्बत में गिरफ्तार हो ही गई । ओये ओये , वाह तूने अजय को अपनी दिल की बात बताई के नही । "

रिया निधि की बात सुनकर मुस्कुराई और ना में सर हिलाया । यह देख निधि बोली :-

"क्यो ? बता देना चाहिए था न , बिचारा कितने दिनों से ट्राय कर रहा है । "

"अगर इतना इंतज़ार किया है तो थोड़ा इंतजार और कर लेने दो उसे । में उसे कल प्रोपोज़ करने जा रही हु उसी जगह जहा पर उसने मुझे पहली बार देखा था। रिया खुराना प्रोपोज़ करने जा रही है तो प्रोपोज़ शानदार होना चाहिए । "

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तारीख : 14 feb 2019

दिन : गुरुवार

रिया ने राधिका को सुबह में फोन करके अपनी दिल की बात बता दी और अजय को यह बताने से मना किया । राधिका यह सुनकर बहोत खुश हुई और उसने अपने बेस्ट विषेस दिए । उसके बाद उसने अजय को फ़ोन किया और निधि आ चुकी है और वह उससे मिलना चाहती है यह कहकर उसने अजय को उसी कॉफ़ी शॉप में बुलाया जहा वह दोनों पहली बार मिले थे । रिया ने आज लाल चुनरीदार लहंगा पहना , वह जानती थी कि अजय को वह इंडियन ऑउटफिट में ज्यादा पसंद आती है , इस लिए उसने यह लहंगा पहना और बहुत ही सज संवर के वह कॉफी शॉप गई । और अजय का इंतजार करने लगी ।

अजय बाइक से आया और कॉफी शॉप पहोचने ही वाला था कि तभी एक ट्रैफिक हवलदार ने उसे रोका । अजय ने बाइक साइड में ली । ट्रैफिक हवलदार ने बाइक के पेपर्स मांगे । अजय ने पेपर्स निकाल के दिखाए तभी अजय की नजर कॉफ़ी शॉप पर गई । वहां पर बहार के टेबल पर ही रिया बैठी थी । अजय रिया को देखता ही रह गया । वह उसकी खूबसूरती को निहारे ही जा रहा था तभी रिया की नजर अजय से मिली । रिया ने अजय को हाथ हिलाकर हाय कहा । अजय का ध्यान टूटा और उसने भी हाथ हिलाकर अभिवादन किया । अजय ने रिया की खूबसूरती की तारीफ करने की लिए हाथ से बी की मुद्रा बनाई । जिसे देखकर रिया ने भी सर जुकाकर वेलकम किया । यह देख अजय मुस्कुराया । रिया को क्या सूजी की उसने इशारे में ही अजय को आई लव यू कहा पर तभी एक कार निकली और अजय को कुछ समज में नही आया , और उसने असमंजस में सिर खुजाया और क्या कह रही है । फिरसे इशारों में समजाने के लिए कहा रिया ने फिरसे आई लव यू इशारो में कहा औऱ इस बार भी एक कार निकली और अजय को समज में नही आया औऱ उसने उसे फिरसे इशारा करने को कहा । इस पर रिया ने तंग आकर जोर से आई लव यू कहा पर ज्यादा शोर होने के वजह से अजय को कुछ सुनाई नही दिया । वह थोड़ा आगे आया । रिया ने उसके हाव भाव देखकर फिरसे चिल्लाकर आई लव यू कहा और आसपास के लोग उसे देखने लगे । अजय को इस बार सुनाई दे गया । पहले तो चौक गया पर फिर मुस्कुराया और तभी एक ट्रक एकदम तेज गति से  अजय से टकराई और अजय सीधा उड़कर कार के फ्रंट मिरर से टकराया । यह देख रिया जोरसे अजय का नाम चीखी ।

अजय को तुरंत ही हॉस्पिटल पहोचाया गया । अजय के सर पर गहरी चोट आई थी । उसके दिल की धड़कन बंद हो चुकी थी । रिया रोए जा रही थी और वह बार बार अजय को आवाज दे रही थी , पर अजय कोई जवाब नही दे रहा था , उसकी सासे भी बंद हो चुकी थी । डॉक्टरों ने सीधा उसे आपरेशन थिएटर मैं ले गये औऱ उसकी ट्रीटमेंट शुरू कर दी । दूसरी तरफ अजय की बहन राधिका और माँ भी वहां पर पहोचे । माँ को देखकर ही रिया उनके सीने से लिपटकर रोने लगी । राधिका ने खुदको किसी तरह संभाला था । उसने रिया से पूछा कि अजय को अभी कहा ले जाया गया है पर रिया रोए ही जा रही थी । राधिका ने उसे रोने से मना किया और फिरसे अजय के बारे पूछा , पर जवाब न मिलने पर राधिका ने उसे जोरसे थप्पड़ मारा । रिया शांत हो गई पर सिबक रही थी । राधिका अपने आँसू को रोक कर बोली :-

" रोना बन्द करो । मेरे भाई को और तुम्हारे प्यार को कुछ नही हो सकता । अजय कहा है ? "

रिया बस ऑपेरशन थिएटर ही बोल पाई । राधिका तुरंत ऑपेरशन थिएटर में गई । अंदर की एक नर्स ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने बताया कि वो भी एक डॉक्टर है । नर्स ने उन्हें जाने दिया । राधिका खुद अजय को ऑपरेट कर रही थी । डॉक्टरों की टीम ने डिफेब्रिलैटर देने का तय किया । सारी मशीने लाई गई ।रिया डोर के स्मॉल मिरर से देख रही थी । डॉक्टरों ने हार्ट को रिवाइव करने के लिए फर्स्ट शॉक दिया पर कोई प्रतिकिया नही हुई । राधिका भी यह देखकर डर गई और खडी रह गई । दूसरे डॉक्टर ने राधिका को आवाज दी तब उसने फिरसे शोक दिया पर कोई रेस्पॉन्स नही । उसने दरवाजे के तरफ देखा जहा रिया खड़ी थी । उसके चेहरे को डर को देखकर राधिका ने अजय को तीसरा शोक दिया पर दिल में कोई हल चल नही हुई । राधिका ने अभी तक जो अपने आंसू रोके हुए थे वह धर धर बहने लगे , तो दूसरी तरफ रिया सदमें में आ चुकी थी और ऑपेरशन थिएटर के पास वाली दीवाल से सट के बैठ गई ।

【 फ़्लैश बैक 】

जगह : आश्रम

समय : रात के 11:56

रिया और अजय आश्रम के दरवाजों की सीढ़ियों पर बैठे थे रिया ने कहा

" तुम लवस्टोरी लिखते होना ? "

" हा "

" यानी जुठ बेचते हो । "

" व्हाट ओह्ह हेलो प्यार कोई जुठ नही है ।"

" जुठ ही तो है बचपन में मैंने एक लवस्टोरी पढ़ी थी । "

" तुमने और लवस्टोरी पढ़ी थी ?

"हा हो! उसमे एक लड़की कोमा में होती है और राजकुमार उसे किस करता है तो कोमा से बहार आ जाती है , यानी कि मेडिकल साइंस कुछ है ही नही । यह जुठ ही तो है ।"

अजय यह सुन हँसने लगा फिर बोला: -

" इसमे बात मोहब्बत की नही है बल्कि मोहब्बत पर भरोसे की है । उसे यकीन था कि उसके किस करने से वह जाग जाएगी । वह कहते हैं न खुद पर यकीन कर दुनिया भी तेरे सामने सर झुकाएगी । अगर किसी दिन में टपक गया और तुमने मुझे किस किया न , कसम से यमराज से भी लड़कर वापिस तुम्हारे पास आ जाऊँगा । "

【 】

रिया उठी और सीधा ऑपेरशन थिएटर में गई ।राधिका अभी भी वही पर खड़ी रो रही थी । उसने रिया की तरफ देखा । रिया अजय के पास पहोंची और अजय के होठों पर अपने होठ रख दिए । राधिका यह देख और रो उठी । वहा जितने लोग थे यह देख रो उठे । राधिका रिया को उठाने गई तभी उसकी नजर अजय की उंगलियों पर गई । वह हिल रही थी । यह देख राधिका ने चिलाकर डॉक्टरो को बुलाया । रिया ने अजय की धड़कनें महसूस की , उसका दिल धड़क रहा था । सभी डॉक्टर आ गए । रिया वहा से हटी और फिरसे ट्रीटमेंट शुरू हुई । अजय की धड़कनें नॉर्मल थी , यह देख एक डॉक्टर बोल उठा :

" हाऊ दिस इज पोसीबल ? "

राधिका ने मुस्कुराकर कहा :-

" कभी कभी हम डॉक्टर खुदको भगवान मानने लगते है , तभी वो हमे हमारी औकात दिखाने के लिए ऐसे चमत्कार करता है , वो अपने होने का सबूत देता है । वह यह अहसास कराता है कि हम कितनी भी तरक्की कर ले पर उसके सामने कुछ भी नही । "

अजय का ऑपेरशन सक्सेसफुल रहा पर अभी भी उसे होश नही आया था , इस लिए उसे आई. सी. यू में शिफ्ट किया गया । रिया अजय के बेड के पास बैठ गई थी । उसने तय कर लिया था कि जब तक अजय को होश नही आ जाता तब तक वह वहाँ से हटेगी नही । अजय की सारी रिपोर्ट आ चुकी थी , डॉक्टरने राधिका को अपने केबिन में बुलाया । राधिका केबिन में पहोंची । डॉक्टर सिंह अपनी चेयर पर बैठे थे , उन्होंने राधिका को बैठने के लिए कहा । राधिका बैठी डॉ .सिंह बोले :-

"आज तक मैंने  अपनी जिंदगी मैं ऐसा केस नही देखा जिसमें  पेशेंट मरकर वापिस जिंदा हो गया । ट्रूली इट इज अ मिरेकल । ऑपरेशन सक्सेसफुल रहा पर ...."

"पर क्या ? व्हाट हैप्पन ? "

" देखो एक्सीडेंट  में अजय के सर पर बहोत गहरी चोट आई थी , कुछ काच  के टुकड़े उसके ब्रेन के अंदरूनी भाग तक घूस चुके  थे । हमने सारे टुकड़े तो निकाल दिए पर एक टुकड़ा अजय की ब्रेन वैन्स से जा लगा है , जिसे हम नही निकाल पाए । अगर हम निकालने की कोशिश भी करते तो वह कोमा में चला जाता या उसकी मौत हो जाती  ।"

यहा पर राधिका और डॉ. सिंह के बीच बातचीत चल रही थी  तो दूसरी तरफ अजय को होश आया रिया ने अजय का हाथ अपने हाथों में लिया हुआ था । अजय के हाथों में हलचल देखकर रिया ने अजय की तरफ देखा । अजय को होश आ गया है यह देखकर रिया मुस्कुराई और अजय का नाम पुकारा । अजय ने रिया की तरफ देखा और कहा : -

" तुम कौन हो ?"

" मैं रिया ! "

तभी अजय के सामने वह एक्सीडेंट आ गया औऱ उसके सर मैं जोरो का दर्द होने लगा । वह चिल्ला उठा । रिया उसे संभालने गई पर वह और चिल्लाने लगा । नर्स दौड़ते हुए डॉ. सिंह के केबिन में गई और अजय के हालात के बारे में बताया. राधिका और डॉ सिंह दोनो भागते हुए आई.सी.यु में  पहोचे । वहा पर उन्होंने देखा कि अजय को पांच छह लोग पकड़े हुए थे और वह जोर जोरसे चीख रहा  था । डॉक्टर ने तुरंत अजय को  बेहोशी का इंजेक्शन दिया और अजय बेहोश हो गया । रिया यश सब देखकर गभरा गई ।

डॉक्टर ने फिरसे अजय की जांच की ,रिपोर्ट करवाए और रिया जब भी अजय के सामने जाती अजय की हालत फिरसे बिगड़ जाती थी । रिपोर्ट आने के बाद रिया और राधिका को डॉक्टर ने बुलाया और उन्हें बताया कि अजय की याददाश्त जा चुकी है । अब उसे कुछ भी याद नही । अपनी पहचान तक वह भूल चुका है । यह सुन दोनो के होश ही उड़ गए , डॉक्टर ने आगे बताया कि रिया के सामने आने से जो अजय कि तबियत बिगड़ रही थी वह इस लिए की जब भी वह अजय के सामने आती है , तब अजय के सामने एक्सीडेंट का वह मंजर वह पैन  सब एक साथ याद आते है , शायद रिया एक्सीडेंट के वक्त अजय के साथ थी और अगर रिया बार बार ऐसी ही आती रही तो उसके दिमाग के अंदर का टुकड़ा उसकी जान तक ले सकता है । हो सके तो रिया अजय के सामने  न आए ।

डॉक्टर की बात सुनकर रिया वहां से चुपचाप खड़े होकर चली गई । यह देख  राधिका भी उसके पीछे पीछे गई । रिया अजय के  रूम में पहोंची । अजय बेड पर सो रहा था । रिया उसे निहार रही थी । राधिका भी वहाँ पर पहोंची । रिया चुपचाप खड़ी अजय  को देख रही थी । राधिका को यह खामोशी कुछ सही नही लग रहीं थी , तभी रिया ने मुस्कुराकर कहा -

" जो चेहरा अजय की जिंदगी थी आज वही चेहरा अजय की मौत का कारण बन चूका है । यह मोहब्बत की साजिश है राधिका , मैंने जिंदगी भर मोहब्बत को ठुकराया है , आज मोहब्बत मुझे ठुकरा रही है पर अब मैं हार नही मानूंगी । ( रिया ने झुककर अजय का सर चूमा ) जा रही हु यह शहर छोड़कर ताकी मेरी मोहब्बत जिंदा रहे । "

यह सुन राधिका कुछ बोलने गई तभी रिया ने  उसे बोलने से मना किया और कहा -

"कुछ मत बोलना राधिका । मोहब्बत  मुझे आज़मा रही हैं पर उसे पता नही की उसका पाला किस से पड़ा है । में भी  अजय से इतनी मोहब्बत करूँगी की मोहब्बत भी मजबूर हो जाएगी मुझे मेरी मोहब्बत लौटाने के लिए । आप से एक गुजारिश है कि मेरी मोहब्बत का ख्याल रखना । रखेगी न दी ?"

राधिका ने हा मै सिर हिलाया और  रोते हुए रिया के गले लिपट गई ।  रिया ने अपने आपको राधिका से अलग किया और रोते हुए कमरे से बहार निकल गई ।

मोहब्बत की यह कैसी किस्मत  जिस प्यार में अजय को हार कर शहर छोड़कर जाना था , आज रिया शहर छोड़कर जा रही थी ।

( क्रमश )

Aryan suvada

Mo:- 8347587193

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