तेरे प्यार की कसम - 7 in Hindi Love Stories by Tanya gauniyal books and stories Free | तेरे प्यार की कसम - 7

तेरे प्यार की कसम - 7

शाम के साडे़  चार बज गए थे
आयशा की नींद टूटी वो अंगदाई लेते हुए उठी और फ्रेश होने चली गयी
वहा रघु भी नींद से जाग गया
बाथरूम से आयशा भी आ गयी
आयशा रघु से :  गुड मॉर्निंग
रघु सवालिया अंदाज से बोला : गुड मॉर्निंग ?
आयशा : हा ऐसी सोये थे ना इसलिए
रघु ने अच्छा कहा और आयशा  ने जवाब दिया : हा तुम आ रहे हो न मेहंदी के फंक्शन मे
रघु ने हा कहा फिर आयशा बोली : तुम तैयार हो जाओ
रघु ने मे जवाब दिया और  आयशा बालकनी को जाने लगी
रघु ने पीछे  से रोककर कहा : आयशा
आयशा पलटी और  हा कहा
वो तुम्हें अंजली  ने कुछ दिया रघु  झिझक रहा था
आयशा समज गयी थी की वो क्यों पूछ रहा है : क्या
कुछ भी नहीं दिया रघु  ने पूछा
आयशा ने अंजान बनते हुए कहा  : नही क्यों  कुछ देना था क्या
नहीं कुछ नहीं रघु  ने मू लटाकर कहा
आयशा ने ठीक है कहा और  हसँते हसँते बालकनी मे चली गयी
रघु ने कपड़े लिए और वॉशरूम मे चला गया थोड़ी देर बाद वो आया बालकनी मे : अब तुम भी तैयर हो जाओ
आयशा ने हा कहा और कमरे मे चली गई
आयशा कमरे मे आयी और एक पैकेट उठाके जाने लगी
रघु पीछे से : आयशा ये पैकेट किसी ने दिया है
आयशा ने कन्फ्यूज्ड होकर कहा  क्या
मेरा मतलब है अंजली  मिली तुमसे
हा मिली थी
कब रघु  ने जानने के लिए  कहा
आयशा ने नाटक करते हुए कहा : अभी अभी जब तुम वॉशरूम मे थे
कुछ दिया उसने तुम्हें रघु  ने अपनी झिझक छुपाते हुए कहा
आयशा शरारत से : हा दिया ना
रघु ने जवाब मे अच्छा कहा
आयशा शक की नजरो से : वैसे तुम्हें हुआ किया ये सब क्यों  पूछ रहे हो
रघु : नहीं वो वैसे ही पूछ रहा था
पक्का ना या फिर कोई और बात है आयशा ने शरारत से पूछा
ना ना कोई बात नहीं है तुम तैयार हो जाओ मै बाद मे आऊँगी रघु  ने मरेमन से कहा
आयशा ने  ठीक है  कहा रघु जाने को हुआ आयशा बोली  वैसे मुझे बहुत बुरा लगा
रघु रूका और उसकी तरफ देखकर कहा : क्यों  मेरी बात का बुरा लगा तुम्हें
तुम्हें मुझे देना चाहिए था ना  अंजली  को क्यों दिया
वो मै रघु  बोला पर उससे पहले आयशा बीच मे बोली   : क्या मै
तुम्हें बुरा ना लगे रघु  ने मू लटाकर कहा
पर मुझे लगा आयशा ने कड़क आवाज मे कहा
रघु उदास हो गया : सॉरी
क्या सॉरी ये लो पकडो़ अपना गिफ्ट ले जाओ यहा से
तुम्हें पसंद नहीं आया रघु  ने पूछा
तुम्हारी नियत मे खोट है मुझे समज जाना चाहिए था तुम एक नंबर के बतमीज हो। मैं तुमसे  नफरत करती हूँ आयशा ने गुस्से मे कहा
आई एम सॉरी आयशा मै तुम्हें हर्ट नहीं करना चाहता था
तुमने हर्ट किया है मुझे आयशा ने गुस्से से कहा
  सॉरी ये तो मैंने सिर्फ तुम्हे गिफ्ट दिया तुम्हें  इतना बुरा लगेगा मुझे पता नहीं था (आयशा रोने लगी) आई एम सॉरी प्लीज रो मत प्लीज आयशा रघु  ने उसे छुप करवाने कि कोशिश मे कहा
आयशा रघु को हिलाते हुए : क्या हुआ
प्लीज आयशा रघु ने  अपनी धुन मे कहा
आयशा ने उसे ऐसे बड़बड़ाते हुए देखा तो बोली  : क्या प्लीज
रघु को होश आया उसने सामने देखा तो आयशा खडी़ थी और बोल रही थी : क्या हुआ
आ..
आयशा : क्या आ.... क्या कर रहे हो यार कब से देख रही हूं बड़बडा़ए जा रहे हो आयशा सॉरी आयशा सॉरी क्यों
रघु : वो
आयशा बीच मे : क्या वो ..क्यों  सॉरी बोल रहे थे तुम मुझे
रघु : नहीं वो मै .. ये सब छोडो तुम तैयार हो जाओ
हा मैं तौलिया भूल गई थी वो लेने आई और तुम यहा पता नहीं क्या बड़बड़ाए जा रहे थे आयशा माफ कर  दो वैसे क्यों  माफ़ कर दू मै
रघु झेप गया : वो कुछ नहीं मैं जाता हूं तुम तैयार हो जाओ और वहा से भाग गया 
आयशा उसे  कन्फ्यूज्ड होकर  देख रही थी फिर वो बाथरूम चली गई
छह  बज गए थे
रघु अंजली  के कमरे के बाहर गया :   उसने दरवाजे की घंटी बजाई तिया ने दरवाजा खोला
तिया मन मे : ये आयशा का दीवाना यहा क्या कर रहा है
रघु : अंजली  से बात करनी थी
तिया मन मे : इसे अंजली  से क्या बात करनी है। तिया ने अंजली  को बुलाया
अंजली  : हा रघु बोलो
तुमने आयशा को..
अंजली बीच मे  : हा हा दे दिया है
रघु ने मुस्कराकर  थैंक यू कहा और जाने लगा
अंजली ने उसे रोकते हुए कहा :  आयशा को भेज दो
रघु ने ठीक है कहा और उसने कमरे का दरवाजा खोला वहा आयशा ब्लाउज की चेन लगाने की कोशिश कर रही थी रघु उसे देखने लगा
आयशा ने मिरर मे देखा की रघु है तो वो पीछे मुड़ी और बोली :  तुम क्या हुआ
वो अंजली  तुम्हें बुला रही है
अच्छा ठीक है मैं चली जाऊंगी आयशा ने जल्दी जवाब दिया
आयशा वही पर चेन लगाने लगी
रघु ने हम्म कहा उसने उसके चेहरे पर परेशानी देखी तो बोला : क्या हुआ कोई प्रॉब्लम है
आयशा ने रघु  को देखकर कहा  : नहीं तो नहीं है
रघु : बता दो कोई प्रॉब्लम हो तो
आयशा : वो मेरी चेन नहीं लग रही (चेन लगाते हुए) कितनी कोशिश कर रही हूं
मैं लगा देता हूँ
तुम आयशा ने तुरंत कहा
अगर तुम मना ना करो रघु  ने झिझकते हुए कहा
नहीं वो पर...
मै किसीको बुला दू या तो रघु  ने सुझाव दिया
किसको बुलाओंगे सब बिजी होंगे आयशा ने खालीपन से कहा
रघु उसके पास आया : मैं कर दू
आयशा मन मे : क्या करू हा या ना
रघु ने उसे सोचते हुए देखा तो बोला :  क्या हुआ
आयशा ने कुछ नहीं कहा और नज़र झुका ली
तब तक तिया आई : आयशा कहा है तू चल
आयशा : अच्छा हुआ तू आ गई प्लीज चेन लगा दे
तिया समज गई तिया जानबूझके एक्टिग  करते हुए : टाईम नहीं है यार चल मै जा रही हूं बाय (वो भागते हुए चली गई)
आयशा तिया तिया रुख...  बोलती रह गई  पर वो चली गई
मैं कर दू अगर....
कोई तो है नहीं सब बिजी है तो तुम ही कर दो
रघु ने हम्म कहा और कदम उसकी तरफ बडा़या
आयशा ने उसकी तरफ पीठ की और मिरर से रघु को देखने लगी रघु उसके पास आया उसने एक पल आयशा को देखा  फिर चेन पकड़ी वो आयशा को ही देख रहा था  वो धीरे से उस चेन को ऊपर करने लगा आयशा को उसकी उंगलिया  महसूस हो रही थी उसने अपनी आंखे बंद कर ली रघु ने चेन लगा दी आयशा ने अपनी  आंखें खोली उसने सामने मिरर मे देखा तो रघु उसे देख रहा था
रघु ने मिरर से आयशा को देखते हुए कहा : लग गई चेन जाओ तुम्हें अंजली  बुला रही है
आयशा ने  हा कहा और  बहार चली गई रघु उसे जाते हुए देख रहा था 
आयशा अंजली  के रूम मे गयी वहा अंजली ने आयशा को देखा और बोली  :  कहा थी तू
सॉरी सॉरी वो चेन नहीं लग रही थी ना इसलिए
अंजली ने उससे पूछा  लग गई चेन
आयशा ने हा कहा उसे  वो सब याद आया
अंजली दुपट्टे को पकड़के बोली  : ये दुपट्टा पहना दे और देख ना ये जुड़ा
अभी कर देती हूं आयशा ये बोलकर  करने लगी
तिया शरारत  से : वैसे आयशा किसने लगायी चेन
आयशा समज गई : कि...किसने क्या मतलब
तिया : अरे तुने लगायी चेन या फिर
प्रिया शरारत से : या फ़िर...
तिया : बता ना आयशा
आयशा हकलाते हुए : म..मैंने ला..
तिया बीच मे बोली  : झूठ मत बोल
अनीता : तुझे पता है क्या किसने लगायी
तिया ने  हसँते हुए हा कहा
अंजली एकसाइटमेंट  मे : किसने
हो गया ना छोड़ो आयशा ने बात पलटने कि कोशिश मे कहा
तिया : क्यों  छोडो बताती हूं
अनीता ने तुरंत कहा : रघु ने
तिया ने मुस्कराकर हा कहा
तुम्हे कैसे पता आयशा ने चौककर कहा
अनीता  ने धुप्पल मे कहा था पर उसकी बात सच हो गई  : इसका मतलब  असलियत मे उसने लगायी
आयशा दुपट्टे की पिन लगाते  हुए : ना.. नही मतलब  वो लग नहीं रही थी  तो
तिया शरारत से आँखों से आयशा को इशारे कर रही थी  : हा हा नहीं लग रही थी तो
अनीता : रघु ने लगा दी
अंजली हल्के से चिल्लाई :  आ .... ऊऊ  क्या कर रही है आयशा देख के कर ले
आयशा ने सॉरी कहा
अंजली ने हसँते हुए   हम्म कहा
वहा रघु हॉल मे था जहां  फंक्शन  होने वाला था
रघु काउंटर के पास आ रहा था वो आहना से तकरा गया
रघु ने उससे सॉरी कहा
आहना उसे घूरते हुए : हो तो तुम उसी छिपकले के भाई  भी वही है  (रघु जाने को हुआ ) ऐ सुनो मिस्टर
रघु ने पीछे देखा : हा कहो
आहना ने उसे वार्निंग देते हुए कहा : मेरी दी से दूर रहो समझे पास गए ना तो तुम्हारा मू तोड दूंगी
क्यों ठेका लिया है सबका मू तोड़ने का रघु  ने उसे छेड़ते हुए कहा
हा यही समज लो दी से दूर रहना वरना अच्छा  नहीं होगा तुम्हारे लिए
और अगर ना रहा तो क्या करोगी  रघु  ने बेशर्मी से दांत फाड़कर कहा
आहना : तुम्हारा और तुम्हारे उस छिपकले भाई का मू तोड दूंगी
अपने होने वाले जीजू का मू तोडो़गी
आहना कन्फ्यूज्ड होकर : कौन जीजू
मैं साली साहिबा मैं हूं रघु ने खुदकी तरफ इशारा करके बोला
  चुप रहो वरना ...
जाओ जाओ साली साहिबा रघु  ने बीच मे ही कह दिया
आहना : तुम दी से प्यार करते हो
रघु ने पलटकर जवाब दिया : हा अपनी दुल्हन से नही करूंगा तो किससे करूंगा 
दी को पता है
रघु: जल्दी ही बताने वाला हूं
आहना : दी तुमसे प्यार नहीं करेंगी
रघु : मैं करवा दूंगा
आहना गुस्से से : नहीं करेंगी
रघु : चैलेंज मत करो साली साहिबा
आहना : क्यों  डर गए
रघु: नहीं पर तुम हारोंगी चैलेंज
आहना : देखो दी तुमसे कभी प्यार नहीं करेंगी भूल जाओ उन्हें और यू उन्हें घूरना बंद करो
रघु ने बडे़ कान्फिडेंस से कहा : करेंगी
आहना कुछ बोलने को हुई तब ही प्रिया ने अवाज लगा दी वो वहा चली गई
प्रिया : क्या बात कर रही थी तू उससे
आहना : कुछ नहीं
प्रिया : बता ना
आहना : छोड ना
प्रिया :  बता  ......
आहना : यार कुछ नहीं कह  रही थी की दी से दूर रहना
प्रिया : क्या यार हम यहा उसे खरीब ला रहे हैं और तू
आहना: अगर उसने मेरे दी का दिल दुखाया तो
प्रिया चुप हो गई
वहा रघु ने कोल्ड ड्रिंक ली और सोचने लगा : आयशा ने वो क्यों नहीं पहना  कितने अरमान थे मेरे उसे उसमे देखने के शायद उसे पसंद नहीं आया या उसे पता चल गया है की वो मैंने दिया है पर वो फिर मुझे देने क्यों  नहीं  आ रही वापीस
वहा अंजली  तैयर हो गई थी
तिया  अंजली को देखकर बोली : कितनी प्यारी लग रही है
हा बहुत सुंदर आयशा ने उसका साथ देकर कहा
अंजली  ने कुछ नहीं कहा
आयशा ने अंजली  को किसी सोच मे  देखा था
वहा आहना आई : चलो सबको बुला रहे हैं मेहंदी वाली आ गई है
अनीता : हा आ रहे हैं
सब उठे और अनीता और तिया चले गए
आयशा अंजली  को देखकर : कुछ हुआ है
अंजली  होश मे आते हुए : ना
खुश नहीं लग रही तू कुछ हुआ है आयशा ने पूछा
अंजली  झूठा मस्कराते हुए : नहीं तो बहुत खुश हूं
आयशा ने ठीक है कहा
अंजली मन मे : इसे बता दूं ये हेल्प करेंगी
वो नीच पाहुचे
अंजली को मंच मैं बैठाया और मेहंदी का कार्यक्रम शुरू हुआ
अंजली  के हाथो मे मेहंदी लगाना चालू होने वाला था
अंजली  की मां : आयशा बेटा ये मेहंदी है ले जाओ
आयशा मेहंदी ले जा रही थी वो रघु से तकराते तकराते  बची:  संभल के रघु  ने कहा
आयशा : ओह अच्छा हुआ बच गई वरना मै   जाती  काम से
वो पीछे मुड़ी और जाने लगी रघु ने देखा की उसकी जिप खुली है तो रघु बोला :  आयशा रूको सुनो मेरी बात
: बाद में अभी बहुत काम है आयशा ने पलटकर जवाब दिया
रघु उसे कवर करते हुए जाने लगा
वहा अंजली  को किसी का फोन आया और वो घबरा गयी उसने फोन उठाया और बात होने के बाद वो ज्यादा ही घबरा गई
अंजली ने मन मे कहा : अब आयशा को बताना होगा
अंजली  जाने को हुई पर तिया ने उसे बैठा दिया
तिया : अब तुम कहा चल दी यही बैठो  मेहंदी लगानी है
अंजली  बैठ गयी वहा आयशा भी आई उसके पीछे पीछे रघु उसे कवर करते हुए
लो आ गई मेहंदी आयशा ने महंदी रखते हुए कहा
रघु ने जब देखा कि आयशा इतनो के बीच चली गई है  उसने मन मे कहा  : ये इतने सारे लोगो के बीच आ गई कैसे ले जाऊ इसे उसने देखा की वहा एक लाल रंग का (ज्यादा बड़ा नहीं था) कपड़ा पड़ा है उसने वो  कपडा़ उठाया  और आयशा को पीठ से उडा़या और उसका हाथ पकड़के ले गया  सब ये देखके शॉक रह गए की अभी हुआ किया
तिया : अभी ये जो कुछ भी हुआ वो सच था
अनीता : हा यार सच था
प्रिया : मुझे चुटी काट
अनीता और तिया ने प्रिया को चुटी काटी
आउउच ! प्रिया ने अपने हाथ को मसलते हुए कहा 
आहना को बहुत तेज गुस्सा  आया और अंजली  भी शॉक्ड होके देख रही थी
वहा रघु उसे साइड मे लाया
आयशा उसे हैरानी से देख रही थी
वो मै कह रहा था की रघु  ने कहा
आयशा ने जवाब दिया :  मुझे यह ऐसे क्यों लाए वहा सब क्या सोच रहे होंगे
रघु : वो तुम मेरी बात सुन ही नहीं रही थी कबसे इसलिय
आयशा कड़क आवाज मे : इसलिय तुम मुझे यहा ले आए और अब हाथ भी पकडा़  है। आयशा ने उसका हाथ जोर  से झटक दिया
रघु : आई एम सॉरी लेकिन....
आयशा गुस्से मे : लेकिन क्या रघु ऐसे कौन करता है क्या सोच रहे होगे लोग
रघु : सॉरी पर वो तुम जब तकराई तो..
आयशा गुस्से मे  : गलती से तकराई थी मै
रघु : हा एक बार मेरी बात सुन तो लो जब तुम तकराई तब मैंने देखा की तुम्हारी जिप खुली है और तुम सबके सामने चली गई इसलिय मैंने...
आयशा का गुस्सा शांत हो गया आयशा ने पीछे हाथ लगाया तो जिप खुली थी
आयशा रघु को देखकर : सॉरी
रघु : तुम सॉरी छोडो चेंज करके आ जाओ
आयशा ने  हा ठीक है कहा और वो चलने लगी वो रुकी और पीछे मुड़ी और बोली : थैंक यू  बताने के लिए
रघु  उसे देखकर :  थैंक यू  मत बोलो मेरा फ़र्ज़ था (मन मे) होने वाला पती हूं इतना तो कर ही सकता हूं
आयशा ने  सॉरी कहा
क्यों  रघु  ने कन्फ्यूज्ड होकर कहा
मैंने तुम्हारे ऊपर कुछ ज्यादा ही गुस्सा  कर दिया
कोई नहीं अब जाओ इससे पहले और प्रॉब्लम हो जाए
आयशा : हा एक और बात प्लीज ऐसा मेरा हाथ मत पकड़ना
रघु ने ठीक है कहा आयशा वहा से कमरे मे चली गई
रघु जाने को हुआ उसका रास्ता आहना ने रोका
आहना घूरके : क्या था ये
क्या रघु  ने कन्फ्यूज्ड होकर कहा
आहना : तुम कितने भोले हो ना क्या था ये मेरी बहन को यू सबके सामने हाथ पकड़के  ले आए क्या सोच रहे होंगे लोग
वो आयशा का..
आहना बीच मे  : मू बंद रखो अपना हो तो तुम छिपकले के भाई बतमीज तो होंगे आज कर दिया अगली बार मत करना
रघु : सुनो तो सही मेरे बात.... (आहना वहा से चली गई)
अजीब हो साली साहिबा बात तो सुन लेती
वो बहार आया सब उसे ऐसे घूरके देख रहे थे जैसे उसने क्या कर दिया होगा उसे अजीब महसूस हुआ इसलिये वो काउंटर मे जाने लगा
अंजली ने  रघु को रोककर कहा : रघु 
रघु ने उसकी तरफ देखकर हा कहा
आयशा कहा है अंजली ने पूछा
अभी आ रही है रघु  ने कहा और काउंटर मे चला गया
मेहंदी वाली ने पूछा : मेहंदी लगाऊ
रुकिए थोड़ी देर प्लीज अंजली ने मना करते हुए कहा
थोड़ी देर के बाद आयशा दुसरे लांछे मे आई सबने उसे देखा
अनीता : कहा थी इतनी देर से और कपड़े क्यों बदलें
तिया : हा क्या हुआ उन कपड़ो मे
आयशा उनके पास आई: ​​वो चेन खराब हो गई थी इसलिय रघु ने...
ओह अच्छा प्रिया ने शरारत से कहा
आयशा ने  हा कहा
अंजली : कोई नहीं अब ठीक है
आयशा ने  हा कहा और मेहंदी शुरू हुई आयशा और बाकी सबने ढूंढ़कर एक सुंदर सा डिजाइन चुना और मेहंदी वाली ने शुरू किया सबके मेहंदी लगाना शुरू हुई
वहा संजय रघु के पास आया : तुम उसे ऐसे साइड मैं क्यों लेंगे
रघु उसे बिना देखे : अभी आयशा ने बताया नहीं
संजय : हा पर तुम उसे बता सकते थे ये सब करने की क्या जरूरत थी
रघु: कोई और देख लेता इससे पहले मैंने दख दिया
संजय : बहुत फ़िकर है तुम्हें उसकी कार मैं और अभी यहा
रघु : हा बहुत फ़िकर है उसकी
संजय : वैसे तुमने भी तो देखा
रघु : मेरी नियत साफ है मेरी नज़र गंदी नहीं है
संजय : अच्छा जिस नज़र से तुम उसे देखते हो वो क्या है
रघु : मैं उसे गंदी नज़र से नहीं देखता
संजय कुछ बोलने को हुआ तब तक वहा आहना आई : थैंक यू रघु
रघु सवालिया अंदाज से : थैंक यू ?
आहना : हा वो दी की मदद करने के लिए
इट्स ओके वो रघु  ये बोलकर  बहार खुले आसमान के नीचे आ गया और तारो को देखने लगा 
आहना संजय से : इसे क्या हुआ
मुझे क्या पता संजय ने कहा
यहा सबकी मेहंदी लग गई थी दुल्हन की बची थी। आयशा आहना के पास आई : ​​रघु कहा है कब से दिखा नहीं
आहना : बाहर चला गया
क्यों  आयशा ने सवाल किया
आहना ने पता नहीं कहा
आयशा बहार गई उसने देखा रघु एक जगह खड़े होकर तारो को देख रहा है
आयशा उसके पीछे आई और बोली : कितने हैं
रघु ने देखा : तुम यहा
आयशा : हा तुम तारे गिन रहे थे ना तो सोचा मदद कर दू अकेले अकेले ठक जाओगे
रघु हसँ  गया आयशा बोली :   हा सही तो कह रही है मैं और वैसे भी इनका चांद तो है नहीं आज तो तारो से ही काम चलाओ
रघु आयशा को देखकर मन मे : है ना चांद मेरे सामने ये सिर्फ मेरा चांद जिसे दुर से सब देख सकते हैं पर छूने का हक मेरा है
आयशा अपनी  आंखे बड़ी करके : देखो मेहंदी कैसी लग रही है (उसने अपना हाथ आगे किया) पर रघु आयशा को ही देखे जा रहा था जब आयशा ने देखा की वो कुछ बोल नहीं रहा तो उसने हाथ पीछे  कर दिया और  उसे देखकर बोली  : तुम नराज हो मुझसे
रघु नरमी से : नहीं मैं नराज नहीं हूं
आयशा : मैंने तुम पर कुछ ज्यादा ही गुस्सा  कर दिया तुम मेरी मदद कर रहे थे और मैंने...
रघु बीच मे बोला : नहीं मुझे अच्छा लगा की तुम मजबूत हो अपने लिए स्टैंड लेना आता है तुम्हें जवाब देना आता है ये देखकर खुशी हुई हर लड़की को इंडिपेंडेंट  बनना चाहिए वो तुम हो
आयशा को उसकी सोच अच्छी लगी : फिर क्या हुआ तुम यहा अकेले क्यों हो
ऐसे ही
आयशा : दोस्त नहीं मानते
रघु : दोस्त से बड़कर को तुम
आयशा : फिर बताओ क्या बात है
रघु :  जिस तरह मैं तुम्हें साइड मे ले गया वो अजीब था ना मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था सब क्या सोच रहे होंगे
आयशा : ओहो मुझे लगा ना जाने क्या बात हो गई (वो रघु के सामने आई और रघु को देखकर बोली): कुछ लोगो का काम सिर्फ बोलना होता है उन्हे बोलने दो क्यों अपने  दिल से लगाते हो  उस वक्त जो जरूरी था वो तुमने किया उस वक्त जो हुआ वो  गलत नहीं था
रघु  ने आयशा को देखा :  हा रघु उस वक्त तुमने मेरी मदद की और मैं कहती  हूं तुमने जो किया वो ठीक था और बाकी सब को बोलने दो (कोहनी से रघु को हल्के से मरते हुए) : समझे
रघु को इस हरकत में बहुत प्यार आया: हा समझ गया
आयशा : वैसे किसने बोला तुमसे ये सब
किसीने नहीं
आयशा बोली  : तो फिर अपने मन से ही सोच लिया  चले मेहंदी की शाम को  रंगीन बनाते है
हा चलो रघु  ये बोलकर जाने लगा
वैसे तुम्हें डांस करना पड़ेगा तबही मुझे यकीन  होगा की तुम खुश हो आयशा ने उसका मूड ठीक करते हुए बोला
हा करूंगा  तुम्हारे साथ डांस चलो अब
दोनो जाने को हुए तबी वहा पर आहना मिली
आयशा : तू यहा चल हम अंदर ही आ रहे थे
दी एक गड़बड़ हो गई
क्या हुआ आयशा ने फिक्र से पूछा
आहना आयशा को साइड मे ले गई और सब बता दिया
ओह... गॉड ये क्या हो गया
हा दी अब क्या होगा अंजली  दी टेंशन मैं है
आयशा : कुछ नहीं होगा मैं हूं ना
आहना : हा दी आपको ही कोई हल  निकालना होगा
आयशा : अबी चल तू
दोनो अंदर जाने लगे
रघु ने आयशा से पूछा  : सब ठीक है ना क्या हुआ
एक गड़बड़   हो गई है आयशा ने कहा
क्या हुआ मैं कुछ मदद करू
  तुम मेरी मदद करोंगे आयशा ने कंफोर्म करते हुए पूछा
ऑफकोर्स रघु  ने तुरंत जवाब दिया
दी ये क्या करेंगा... आहना ने टोककर कहा पर
आयशा बीच मे बोली  :  रघु अभी चलो मेरे साथ में तुम्हें कुछ बताती हूं
हा बताओ क्या हुआ मैं सुन रहा हूं
हमे मोहित के घर जाना पड़ेगा
वो कौन है रघु  ने सवाल किया
मोहित ने अंजली  को ड्रिंक मे कुछ नसीली चीज पिलाके उसका फायदा उठाना चहा पर मैं आ गई और मैंने उसे बचा लिया पर उसने वीडियो बना ली  और अब वो वीडियो के ज़रीये उसे ब्लैकमेल कर रहा है शादि नही होने देगा रूकवा दूंगा और बदनाम कर देगा उसे आयशा ने उसे सारी बात बता दी
रघु : ये बात हर्षित को पता है
आयशा : हा पर अगर उसके घरवालो को पता चला तो वो रिश्ता तोड़ देंगे
रघु : वो यहा रहता है
नहीं पर आया हुआ है
उसने एक वीडियो भी भेजी है
आहना ने   वीडियो दिखाई जिसमें  मोहित अंजली के साथ जबरदस्ती करने कि कोशिश कर रहा था वो  वीडियो  आधी थी जब आयशा आई तब  का हिस्सा नही था
रघु ने वो वीडियो देखकर कहा : इस वीडियो को डिलीट मारो अगर किसी ने देख ली तो  प्रॉब्लम हो जाएगी
आहना ने वो वीडियो डिलीट मार दी
तुम चिंता मत करो हम दोनो जाएंगे पर अभी अंदर चलो वरना सब हमे पूछेंगे मौका देखके निकलेंगे
तीनो अंदर चले गए
आहना ने अंजली  को इशारा किया अंजली  ने हामी भरी
अंजली  के हाथ पैर मैं मेहंदी लगा दी और वो अकेली बैठी थी पर उदास थी
रघु उसके पास आया धीरे से कहा : चिंता मत करो हम है कुछ ना कुछ करेंगे
अंजली  उदासी से : थैंक यू
रघु : इतना उदास होगी तो एन्जॉय कैसे करोगी कल शादी है और तुम्हारा पती तुम्हारे साथ है ना पता है ना उसे सब कुछ
अंजली  : हा सब पता है
रघु: अभी मुस्कराओ करो और खुश रहो मेहंदी है तुम्हारी शादी सिरफ एक बार होती है तो आनंद लें
आयशा वहा आई : अंजली  टेंशन मत ले मैं हूं ना
अंजली : हा जिसके तुम जैसे दोस्त हो उसे टेंशन क्या
रघु और आयशा ने एक दुसरे को देखा
आयशा अंजली  से : अब उदास मत हो आज मेहंदी है यार तेरी खुश रहे
हा अंजली  आयशा सही कह रही है रघु  ने अंजली को
समझाते हुए कहा
अंजली : एक शर्त पर  मे खुश रहूंगी
रघु और आयशा एक साथ  : कौनसी
तुम दोनो डांस करोंगे
आयशा : अरे क्यों  नहीं करेंगे हना रघु
हा क्यों नहीं रघु  ने आयशा को देखकर कहा
वो दोनों स्टेज से नीचे आए और म्यूजिक बजना चालू हुआ अनीता आहना तिया और प्रिया सब आए और गाने लगे
बुम्बरो बुम्बरो शाम रंग बुम्बरो
बुम्बरो बुम्बरो शाम रंग बुम्बरो आए हो किस बगिया से ओ ओ तुम भंवरे ओ शाम भंवरे खुशियों को साथ लाए मेहंदी की रात में तुम लेके सौगात आए
रघु  गाते हुए
ओ काजल का रंग लाए नज़रें उतारने को
बागों से फूल लाए रस्ते सँवारने को
आयशा गाते हुए
ओ काजल का रंग लाए नज़रें उतारने को
बागों से फूल लाए रस्ते सँवारने को
आओ मेहंदी की छांव में गीत सुनाएं बुम्बरो
झूमें नाचें साज़ उठाएं जश्न मनाए बुम्बरो
हो बुम्बरो बुम्बरो ...बुम्बरो बुम्बरो शाम रंग बुम्बरो
बुम्बरो बुम्बरो शाम रंग बुम्बरो आए हो किस बगिया
से ओ ओ तुम
म्यूजिक ......
सबने चारो तरफ गोला बना दिया आयशा बीच मे बैठ गयी और रघु  और संजय पीछे आ गए
खिल खिल के लाल हुआ मेहंदी का रंग ऐसे
गोरी हथेलियों पे खिलते हों फूल जैसे
रघु  गाते हुए
खिल खिल के लाल हुआ मेहंदी का रंग ऐसे
गोरी हथेलियों पे खिलते हों फूल जैसे
ये रंग धूप का है ये रंग छाँव का है
मेहंदी का रंग नहीं माँ की दुआओं का है
इस मेहंदी का रंग है सच्चा बाकी सारे झूठे
हाथों से अब मेहंदी का रंग कभी ना छूटे
ओ बुम्बरो बुम्बरो ...बुम्बरो बुम्बरो शाम रंग बुम्बरो
बुम्बरो बुम्बरो शाम रंग बुम्बरो आए हो किस बगिया
से हो हो तुम
आयशा उठी और घूमने लगी
चंदा की पालकी में दिल की मुराद लाई जन्नत का नूर लेके मेहंदी की रात आई
चंदा की पालकी में दिल की मुराद लाई जन्नत का नूर लेके मेहंदी की रात आई
अनीता  तिया आयशा के राइट मे और आहना और प्रिया आयशा के लेफ्ट मे गए और सब अंजली के पास आए और सब गाने लगे
रुख पे सहेलियों के ख्वाबों की रोशनी है सबने दुआएं मांगी रब ने कबूल की है ये हाथों की मेहंदी है या शाम की लाली बुम्बरो 
चांद सितारे लेकर आए रात निराली
ओ चंदा की पालकी में दिल कि मुराद लाई  जन्नत का
नूर लेके महंदी बुम्बरो बुम्बरो शाम रंग बुम्बरो
बुम्बरो बुम्बरो शाम रंग बुम्बरो आए हो किस बगिया से ओ ओ तुम भंवरे ओ शाम भंवरे खुशियों को साथ लाए मेहंदी की रात में तुम लेके सौगात आए
  बुम्बरो बुम्बरो बुम्बरो बुम्बरो शाम रंग बुम्बरो
बुम्बरो बुम्बरो बुम्बरो बुम्बरो
सब झूम  झूम के गाए जा रहे थे रघु आयशा के पास आया और बोला : हमे  चलना चाहिए है
आयशा ने इधर उधर देखा और बोली  हा  चलो (दोनो सब की नजरो से बचकर बहार निकल गए वहा एक टैक्सी खडी़  थी वो दोनो उसमे बैठ गए)
रघु : वैसे जाना कहा है
आयशा : पता भेज  दिया है आहना ने
रघु ने अच्छा कहा आयशा ने ड्राइवर को पता बताया और गाड़ी चल दी
दोनो तरफ खामोशी थी आयशा खिड़की  के बहार देख रही थी और रघु भी
दोनो वहा पाहुचे गाड़ी को कुछ देर खड़ा करवा दिया और वो दोनो  अंदर जाने लगे
रघु : गेट से नहीं जाते पीछे की दीवार से जाते हैं
हा सही कह रहे हो वही से चलते हैं
दोनो दीवार के पास आए
आयशा : अब जाए कैसे यहा से
रघु इदर उधर देखते हुए : पता नहीं देखते है कुछ मिलेगा 
दोनो ने इधर उधर देखा मगर कुछ नहीं मिला
आयशा : क्या करे पूरी रात ऐसी ही नहीं रह सकते
कुछ तो करना होगा रघु  ने सोचते हुए कहा
कुछ देर बाद रघु : तुम अपने सैंडल उधर फेको
क्यों आयशा ने सवाल किया
फेको तो सही (आयशा ने वैसे ही करा )
अब मैं हाथ रखूंगा तुम मेरे हाथ में पैर  रखना फिर उस दीवार से लगाना चढ़ने की कोशिश करना
आयशा ने मना कर दिया  नहीं रघु  ये क्या कह रहे हो
ऐसे ही जाया जाएगा और तुम्हारी सैंडल भी है
हा ठीक है फिर आयशा ने कहा
रघु ने अपने दोनो हाथ आगे किए
आयशा ने रघु को देखकर एक बार कंफोर्म करते हुए पूछा : रखू पक्का
रघु ने  आयशा को देखकर हा कहा
आयशा ने उसके हाथ में अपना पैर  रखा और चड़ गई वो पीछे की दीवार से  कूद गई वहा रघु भी दीवार मैं चड़ गया  वहा आयशा ने हाथ बड़ाया : आओ संभल के
रघु ने आयशा का हाथ पकडा़  और उतर गया   : थैंक यू
आयशा : थैंक्स छोडो़ चलो अब (आयशा ने सैंडल पेहनी वो दोनो और चले गए जैसे वो अंदर गए वह पे मोहित अपने रूम मे जा रहा था रघु ने आयशा का पकडा़ और  आयशा को पिलर के पीछे खड़ा कर दिया।
आयशा रघु को देख रही थी और रघु उस दरवाजे को
रघु दरवाजे को देखर: वो चला गया हमे चलना चाहिए  पर उसे .... (उसने आयशा को देखा आयशा उसे ही देख रही थी वो भी देखने लगा )
थोड़ी देर बाद उसने आयशा की बाजुए  पकड़ी और कहा : आयशा चलो हम ढूंढना होगा
आयशा को होश आया : हा चलो पर एक मिनट उसने उस सीडी को कहा रखा होगा
रघु : पता नहीं पर देखते हैं वो वाला कमरा खाली है वही चलते हैं
आयशा ने हा कहा और दोनो चुपके चुपके से दबे पाओ कमरे के अंदर चले गए)
रघु : तुम यहा देखो मैं वहा देखता हूं और संभल के अवाज नहीं आनी चाहिए  (दोनो ढूंढने लगे कुछ देर बाद
आयशा ने पूछा : कुछ मिला
कुछ नहीं पता नहीं कहा रखा है
वहा मोहित बहार आया कमरे से
आयशा ने ड्रावर खोला उसमे  एक सीडी दिखी
आयशा खुशी से चिलाई : मिल गया...
रघु  उसे शांत करते हुए बोला : चिल्लाओ  मत शांत हो जाओ
आयशा शांत हो गई : सॉरी
मोहित बहार से : कौन है (वो वहा आने लगा)
ओहह.. शिट अब क्या होगा
अब   छिपो कहीं रघु  ने लगभग झल्लाकर कहा
पर कहा
रघु : कहीं भी खिड़की के पीछे परदे के पीछे कहीं भी
आयशा उसके सर मे मारकर : पागल इंसान मैं दिखूंगी नहीं क्या
रघु सर को सहलाते हुए : आ .. तो कहा फिर
आयशा : चलो बाथरूम मे
बाथरूम ?
हा यार चलो अब आयशा  उसका हाथ पकड़के ले गई बाथरूम मे
वहा मोहित अंदर आया और देखने लगा : कौन है
आयशा : भगवान बचा ले
तो चिलायी क्यों रघु  ने उसे घूरकर कहा
आयशा उसे देख कर : मैंने जानबुज के किया क्या यार खुशी हुई तो चिलाई
रघु : हा पर इतनी जोर से चिल्लाने क्या जरूरत थी
आयशा : अब चिल्ला गई तो चिल्ला गई भाई अब इसमे  मैं क्या करू
रघु: कर भी क्या सकती  हो अब अगर वो आ गया तो हम गए जो करेगा वो करेंगा
आयशा : तो अब क्या करू मैं हा यार
रघु : प्लीज भाई मत बोलो वो तुमने अभी मुझे...
आयशा : नहीं वो वाला भाई नहीं कहा मैंने वो ऐसे वो कहते हैं गुंडे लोग और भाई कैसा है... वो वाला
रघु ने अच्छा ठीक है कहा
आयशा : हम्म.... देखो ना वो गया की नहीं
रघु  ने देखा दरवाजा खोलके : ना नहीं गया
आयशा : शिट अब क्या होगा
रघु : कुछ नहीं होगा तुम चिल्लाओ मत
आयशा हलका सा जोरसे : मैं चिल्ला नहीं रही
रघु उसके पास आया और उसके मू मे हाथ रख दिया : कितना बोलती हो थोड़ी देर चुप रहो वो सुन लेगा कितने जोर से बोलती हो
आयशा उसे देख रही थी खामोशी से
रघु : अब  प्लीज थोड़ी  देर शांत रहो
आयशा आंखो को नीचे करने लगी
रघु कन्फ्यूज्ड  होकर : क्या कर रही हो
आयशा ने दोबारा अपनी आंखें नीची और ऊपर कि रघु ने देखा की उसका हाथ आयशा के मू मे है उसने हाथ हटा  दिया
रघु आयशा से नज़र चुराते हुए : सॉरी
आयशा उसे देखकर : इट्स ओके
रघु : अब चिलाना मत
आयशा उसे घूरके  : मैं चिलायी नहीं थी
अच्छा .. चिलायी थी तुम रघु  ने उसे घूरते हुए कहा
आयशा उसके करीब आई और बोली : नहीं चिलायी थी मै
रघु: तुम चिलायी थी जैसे कोई राक्षस नहीं चिलता
आयशा गुस्से मे उसके कुछ ज्यादा पास आ गई
उसे उंगली करते है : तुम हो दानव मैं नहीं
रघु : मैं दानव नहीं हूं तुम हो राक्षसीनी चिलाने वाली चिलाती रहती हो
आयशा : अच्छा  तुमने मुझे राक्षसीनी कहा तुम अपना मू मत खोलो वरना मैं तुम्हें मार दूंगी
रघु हाथ फोल्द  करके : अच्छा क्या करोगी
आयशा : देखो मुझे गुस्सा  मत दिलाओ वरना
रघु उसके चेहरे के करीब आके : वरना
आयशा को बहुत तेज गुस्सा आया : वरना मैं मार दूंगी
मारो रघु  ने बेफिक्र होकर कहा
आयशा को बहुत तेज गुस्सा  आया उसने रघु के पैर मैं अपनी सैंडल से मार दिया
रघु चिला गया : आआ... ऊउउच्छ !
आयशा ने उसके मू मे हाथ रख दिया : क्या कर रहे हो इतना तेज कौन चिल्लाता है
रघु दर्द मे : जब लगी है तो दर्द तो होगा ही ना
आयशा : अब करोंगे
रघु : नहीं मेरी माँ
मैं तुम्हारी मां नहीं हूं यार आयशा ने मू बनाकर कहा
क्यों  तुम भाई बोल सकती  हो तो मैं मां नहीं बोल  सकता
आयशा : सोच समझकर बोला करो यार मैंने तुम्हें वो वाला भाई नहीं बोला था और तुम मुझे अपनी मां बना रहे हो। दिमाग नहीं है क्या तुम्हारे अंदर भोन्दू प्रसाद
रघु ने  बुरा सा मू बनाते हुए कहा दिमाग बहुत सारा दिया है मुझे
आयशा : हा तो गुस्सा क्यों दिलाया मुझे तुम अगर  मुझे गुस्सा  नहीं दिलाते तो मुझे गुस्सा नहीं आता तो फिर तुमपर गुस्सा नहीं करती फिर तुम्हारी ये हालत नहीं होती
क्या कर सकते हैं सारी गलती तुम्हारी है
रघु उसके पास आया और उसका मू बंद कर दिया हाथ लगाके : कितना बोलती हो चुप हो जाओ कुछ समज नहीं आ रहा है  गुस्सा पूसा पता नहीं क्या क्या..
आयशा ने उसके हाथ अलग किया और दूर हुई : प्लीज तुमसे कितनी बार कहा है मुझे टच मत किया करो
रघु ने सॉरी कहा
अब दूर ही रहना
हा  वैसे भी मुझे अब दोबारा मार नहीं खानी
आयशा मुस्कराते  हुए : अच्छा गुस्सा  मत दिलाना फिर दोबारा मुझे
रघु:  तुम्हें गुस्सा  दिलाओ या नहीं तुम गुस्से मे ही रहती हो
आयशा उसे घूरके : अच्छा जी
रघु : नहीं  झांसी की रानी चलो अब चलते हैं
आयशा : कहा चलते हैं बहार वो बेवकुफ आदमी है
रघु : मैं देखता हूं वो है या नहीं
रघु ने देखा की कोई नहीं है कमरे मैं अँधेरा है
रघु ने कहा चलो निकलते हैं और दोनो निकल गए
आयशा खुशी से बोली : बच गए
रघु : अब चलो दुसरे कमरे मे
वो दोनो बहार निकलने को हुए उन्होने देखा मोहित टीवी देख रहा है सोफे मैं बैठ कर
रघु : चिल्लाना मत और संभलके चलना
आयशा उसे घूरके : मैं नहीं चिलाती
रघु बीच मे बोला : हा हा अब बैठ के जाना होगा और प्लीज ये सीडी मत गिराना
  तुम मुझे क्या समझते हो मैं तुम्हारी तरह नहीं हूं भोन्दू प्रसाद आयशा ये बोलकर बैठ कर चलने लगी और रघु भी पीछे  पीछे  मू बनाकर चलने लगा
आयशा मोहित को मुक्का दिखते हुए: तुझे तो मैं छोडूंगी नहीं मार डालुगी गला गोठके
शांत हो जाओ अगर उसने देख लिया ना तब हम गए रघु  ने उसे शांत करते हुए बोला
आयशा : कैसे शांत हो जाऊ मेरी दोस्त के साथ कितना गंदा किया इसने मेरा मन है की मैं इसे तोड़ फोड़ डालू
शांत हो जाओ और जल्दी चलो  हमें काम खत्म करके निकलना है
दोनो कमरे  में घुसे  और हल्के से दरवाजा बंद किया
रघु : धीरे से लैपटॉप ढूंढ़ना और प्लीज़ झांसी की रानी चिल्लाना मत
आयशा ने उसे गुस्से  से घूरा और बोली  : मै..
हा हा नहीं चिलती तुम मैं चिल्लाता हूं बस अब जाओ रघु ने हाथ जोड़कर कहा
दोनो सीआईडी ​​की तरह सबूत खोजने लगे
रघु को लैपटॉप दिखा उसने वो लैपटॉप बेड मे रखा : आयशा मिल गया
आयशा आई : चलो जल्दी से इस सीडी को देखते हैं
रघु ने लैपटॉप खोला तो पासवर्ड मांग रहा था
आयशा सोचते हुए : अब पासवर्ड क्या होगा
रघु भी सोचने लगा : हम्म कुछ ऐसी चीज जो उसकी पसंद की हो
शायद उसका बर्थडे डेट हो
कब आता है रघु  ने पूछा
आयशा झलाते हुए : मुझे क्या पता
रघु उसे देखकर  😑😐: फिर बोल क्यों  रही हो
शायद उसका खुद का नाम हो आयशा ने सोचकर कहा
रघु ने उसे घूरा और झल्लाकर कहा : वो खुद का नाम क्यों रखेगा यार
तो फ़िर
हम्म उसकी कोई  गर्लफ्रेंड है  रघु ने सवाल किया
पता नही  आयशा ने जवाब दिया
सोचो किसी के साथ वो क्लोज हो
हम्म अंजली  के बाद संजना नाम की लड़की से करीब था पर वो उसकी गर्लफ्रेंड थी या नहीं पता नहीं
कोशिश करता हूं रघु  ने टाइप किया पर वो अनलॉक नहीं हुआ)
आयशा : क्या मुसीबत  है क्या होगा फिर
शायद अंजली रघु  ने आयशा को देखकर कहा
नहीं पागल हो क्या आयशा ने झल्लाकर कहा
हो भी सकता है
आयशा बीच मे बोली : पर .. अगर ये निकला ना तो मैं इसे जान से मार दूंगी
हा मार देना पर पहले कोशिश करने दो (उसने अंजली नाम डाला और लैपटॉप अनलॉक हुआ): हा  हो गया
आयशा को बहुत तेज गुस्सा  आया वो बहार जाने लगी : इसकी हिम्मत कैसे हुई ये पासवर्ड लगाने की इसे  मैं बताती हूं
रघु ने आयशा को पीछे से पकडा़  और अपनी तरफ कर दिया : शांत हो जाओ प्लीज आयशा उसे पता चल जाएगा
आयशा खुदको छुडा़ने  की कोशिश करते हुए : आज नहीं बचेंगा ये मेरे हाथो से अब ये गया काम से छोड़ो ना रघु
रघु ने उसे अपनी तरफ किया : शांत हो जाओ उसे बाद में देखेंगे पहले इसे देखते हैं। प्लीज आयशा वरना अंजली  का काम बनते बनते  बिगड़ जाएंगा
आयशा ठीक है बोलकर शांत हुई
आयशा ने वो सीडी लैपटॉप मे लगायी वो वीडियो थी अंजली  की आयशा को इतना तेज गुस्सा  आया की उसने अपना हाथ लैपटॉप मे दे मारा
क्या कर रही हो लग जाएगी रघु  ने उसे देखकर कहा
आयशा ने सीडी निकाली और उसे तोड़  दिया बुरी तरीके से रघु भी उसे देख रहा था
आयशा गुस्से मे उठी और जाने को हुई : अभी बताती हूं इसे क्या करेगा
रूको आयशा
आयशा पलटी और झल्लाकर बोली : अब क्या है
उसकी कॉपी भी डिलीट मारनी पडेंगी लैपटॉप से
कॉपी नहीं मैं लैपटॉप ही तोड़  देती हूं आयशा ये बोलकर लैपटॉप पर टूट पडी़  आयशा नहीं रघु  ने उसे समझाने कि कोशिश करते हुए कहा
आयशा गुस्से मे : चुप... बिलकुल चुप
  अच्छा अच्छा ठीक है शांत हो जाओ रघु ने सारी कॉपी डिलीट मार दी
आयशा ने लैपटॉप को ले लिया और फेकने लगी कमरे के बहार से किसी के आने ही आहट आई
रघु आयशा से : आयशा चलो यहा से शायद वो आ गया
इतनी जल्दी नहीं पहले इसके लैपटॉप को तोडूंगी फिर उसे
चल लो प्लीज वरना आज हम पकडे जाएंगे रघु   आयशा को पकड़के  बाथरूम मे ले गया आयशा अपने साथ मोहित का लैपटॉप भी लायी
आयशा झल्लाते  हुए बोली : क्या है क्यों लाए मुझे यहा
वो आ गया है कमरे मे
मैं डरती नहीं हूं उससे
हा हा जनता हूं पर पहले तुम शांत हो जाओ रघु  ने उसका गुस्सा शांत करवाने कि कोशिश मे कहा
आयशा : मैं इस लैपटॉप को तोड़  के रहूंगी
इससे क्या दुश्मनी है रघु ने लगभग झल्लाकर कहा
देखा नहीं इसने  पासवर्ड मेरी दोस्त का नाम लगाया है हिम्मत कैसी हुई इसकी
वहा मोहित कमरे मे आ गया था उसने बहुत तेज वॉल्यूम मे गाने बजा दिए
पागल है क्या ये इतनी तेज वॉल्यूम मे गाने को बजाता है आयशा ने गुस्से मे कहा
कैसे निकलेंगे बहार
आयशा ने वो लैपटॉप नीचे फेकना चहा तोड़ने  के लिए
रघु झलाते हुए कहा : क्या कर रही हो वो सुन लेंगा
सुनने दो आई डोंट केयर
रघु ने उसे रोका और उसे अपनी तरफ किया : शांत हो जाओ लेपटॉप ही तोड़ना  है ना तो तोड़  लेना पर पहले उसे जाने दो
आयशा : वैसे भी उसे सुनायी नहीं देने वाला इतनी तेज करी है वॉल्यूम कहा से सुनेगा
शांत तो हो जाओ रघु  जबतक इतना बोला ही था तबतक आयशा ने वो लैपटॉप गिरा दिया
है भगवान ये लड़की हमे मरवाके छोडेंगी  (आयशा से) ये क्या किया तुमने अब इसकी अवाज गई होगी उसके कानो मे
आयशा गुस्से मे :  आई डोंट केयर (वो उस लैपटॉप को पैरो से मारने लगी)
रघु ने उसे अपनी तरफ खींच लिया : अब तो शांत हो जाओ पता चला कि वो आ गया
आयशा ने अपना एक हाथ शावर के पाइप मे  दे मारा : क्या है तुम्हें
रघु ने उसका हाथ पकड़ लिया : पागल हो गई हो क्या हाथ क्यों मार रही हो शांत हो जाओ अब तोड़ दिया है ना लैपटॉप
आयशा ने शांती  से  ओके बोला
हम्म थैंकस रघु  ने कहा
आयशा चिड़कर बोली  : क्या मुश्किल है कहा फस गई
पता नहीं कब निकलेंगे
मोहित वहासे जाने का नाम नहीं ले रहा था
आयशा : कितनी तेज वॉल्यूम की है यार कौन सुनता है इतना तेज करके
मोहित चला गया था पर गाने चल रहे थे
रघु : चलो वो चला गया
आयशा और रघु दोनो निकले और जाने लगे पर तबतक मोहित वापीस आ गया रघु ने उसे आते हुए देख लिया था रघु आयशा को खींचते हुए बाथरूम मे ले गया और दीवार से लगा दिया
आयशा उसे देखते हुए : क्या हुआ
वो दोबारा आ गया
ओह अब छोड़ दो मुझे
आयशा ने रघु का हाथ इतनी झोर से झटका की उसका हाथ शॉवर मे लग गया और वो खुल गया
सॉरी मैने कुछ ज्यादा ही तेज झटक दिया
ये सब छोड़ो पहले ये शावर बंद करो आयशा पीछे हट गई रघु शावर को बंद करने की कोशिश कर रहा था और भीग भी गया था वहा आयशा खड़े होके देख रही थी)
अब ऐसे क्या देख रही हो आओ हेल्प करो
मुझे भीगना पसंद नहीं है  आयशा ने कहा
रघु ने उसे घूरके देखा और बोला  : अच्छा  बारिश मे भीग सकती  हो पर यहा नहीं हेल्प करो मेरी आओ
आयशा अकड़ते हुए : मैं नहीं करूंगी
अभी आओ और हेल्प करो
नहीं मैं नहीं करुंगी हेल्प आयशा ने हाथ फोल्द करते हुए कहा
रघु उसके पास आया और हाथ पकड़के  शावर के पास लाया
क्या कर रहे हो आयशा ने झल्लाकर कहा
मैं अकेले नहीं करूंगा  तुम भी करो रघु  ने उसे घूरते हुए कहा और बंद करने लगा
आयशा ने एक पल रघु को घूरके देखा और मरेमन से करने लगी वो भी भीग चुकी थी शावर बंद होने का नाम ही नहीं ले रहा था आयशा को गुस्सा आया आयशा ने शॉवर तोड़  दिया पूरा
आयशा गुस्से मे : अच्छा हुआ दिमाग खराब किया हुआ था
क्या अच्छा पूरा पानी बह रहा है रघु  ने झल्लाकर कहा
आयशा : वैसे भी भीग तो गए है अब क्या होगा और भीग के
पानी तो खत्म हो जाएगा ना रघु  ने उसी अंदाज मे कहा
आयशा : होगा तो उस मोहित फोइट का ना
हद है यार इस लड़की के लिए रघु  ने अपने  सर पर हाथ रखकर कहा
अब चुप रहो अगर अवाज बहार जाएगी ना तो वो आ जाएगा आयशा ने उसे घूरकर कहा
रघु उसे घूरके : तो ये पानी की अवाज़ नहीं जा रही होगी हना
मैने कब कहा की नहीं जाएगी अब प्लीज शांत हो जाओ
वहा मोहित ने म्यूजिक प्लेयर बंद किया बाथरूम में पानी बहना भी बंद हो गया था। वो  दोनों  पानी से पूरे भीग गए थे : ये लो टंकी खाली हो गई
आयशा : अच्छा  हुआ अब वो नहा नहीं पाएगा
वो तो नहीं नहा  पायेगा पर हम नहा गए
हमारी होली हो गई आयशा ने चेहककर कहा
रघु ने बाहर नोटिस किया और बोला :   वैसे गाने बंद  हो गए है लगता है वो चला गया
  हमे भी चलना चाहिए
वो दोनों  बाथरूम से निकल गए
चलो चलते हैं आयशा ने कहा
हा संभल के रघु  ने कहा
दोनों  कमरे के बहार निकले वहा कोई नहीं था  
रघु : चलो कोई नहीं है लगता है वो दुसरे रूम मे है
आयशा : हा चलो जल्दी वरना मैं इसका खून कर दूंगी
रघु ने उसे देखा और फिर बोला चलो यहा से
दोनो बहार जाने लगें पीछे से आवाज आई : कहा  जा रहे हो हमसे नहीं मिलोगी
हर हर महादेव
तान्या गौनियाल 

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Akash Jaiswar

Akash Jaiswar 5 months ago

Next part jaldi upload kariye ma'am please😢😢 †_✨🙏🙏🙏✨_†

Tanya gauniyal

Tanya gauniyal 6 months ago

sangeeta ben

sangeeta ben 5 months ago

Akash Jaiswar

Akash Jaiswar 5 months ago

Ma'am next part jaldi please, can't wait 🙏🙏🙏

Usha Dattani Dattani