तेरे प्यार की कसम - 10 in Hindi Love Stories by Tanya gauniyal books and stories Free | तेरे प्यार की कसम - 10

तेरे प्यार की कसम - 10

ऊपर आयशा खिड़की के पास से देख रही थी :  मैडम तेरे हर्षित जी आ गए
अंजली  खिड़की के पास आते हुए बोली  : कैसा लग रहा है मुझे भी दिखा ना
आयशा ने पर्दा लगा दिया : नहीं आंटी  ने कहा था की दुल्हन सिर्फ मंडप मे ही दुल्हे को देख सकती है
अंजली रिक्यूएसट करते हुए बोली  प्लीज ना देखने दे
आयशा ने साफ कह दिया : कहा ना नहीं
अंजली  ने दोबारा पूछा : एक बार बस
जा वहा चेयर मैं बैठ जा चुपचप आयशा ने कुर्सी कि तरफ इशारा करते हुए कहा अंजली  मू बनाते हुए कुर्सी मे बैठ गयी अंजली  बड़बडा़ते  हुए बोली : जब तेरी शादी होगी तब बताऊंगी तुझे भी देखने नहीं दूंगी  तेरे रघु को
कुछ कहा आयशा ने उसे देखकर कहा
अंजली ने कहा : नहीं कुछ नहीं आयशा प्लीज़ देखने दे
नहीं ना मंडप मे देख लेना अंजली ने बुरा सा मू बना लिया
वहा हर्षित और उसका परिवार अंदर आया और वर पूजा के लिए बैठ गया प्रिया ने चुपके से उसके जूते चोरी कर लिए रघु कब से सीढी़यो को ही देख रहा था प्रिया रघु के पास आयी
प्रिया रघु से बोली : आ जाएगी इतनी क्या जल्दी है
रघु प्रिया से : नहीं नहीं तो वो मैं अंजली  को देख रहा था
प्रिया ने शरारत से कहा :  मैंने कब कहा की तुम आयशा को देख रहे हो रघु जेप गया प्रिया हसँने लगी
अनीता वहा आई और प्रिया से बोली : बहुत प्यारी लग रही है
प्रिया रघु को देखकर : हा बहुत प्यारी लग रही है आज आयशा नज़र ना लगे (रघु ने प्रिया को देखा )
प्रिया : आज उसने पिंक कलर का लांछा पहना है बड़ी प्यारी दिख रही है
रघु ने एकसाइटमेंट मे सच्ची कहा
अनीता बोली : हा हा सच्ची ऐसा लगा रहा है जैसे वही दुल्हन है
तिया भी आ गयी : हा कोई लड़का  पसंद ना कर ले फिर चट मगनी और पट्ट शादी हो जाएगी
रघु की बेचैनी बढ़  रही थी उनकी बात सुनकर
तिया रघु को छेड़ते हुए : रघु तुम भी कमाल लग रहे हो
अनीता रघु से : क्यों ना तुम्हारी शादी करवा दे दुल्हा भी है दुल्हन भी है मंडप भी है
रघु को उनकी शादी वाली बात अच्छी  लगी पर वो कुछ बोल नहीं पाया
रघु मन मे : इन तीखी मिर्चियो से निकलना होगा वरना मे गया काम से रघु वहा से कुछ काम करने के बहाने निकल गया : बच गया मै इन तीखी मिर्चियो से
वहा वर पूजा हो गयी थी
पंडित जी ने दुल्हन को बुलाने के लिए कहा
अहाना अंजली  के रूम मे आयी : दी आपको बुलाया है    और आहना ये बोलकर   चली गयी 
अंजली  ने  आ रहे हैं कहा और खडी़ हुई
चलो दुल्हन आपके दुल्हे के पास आयशा ने वर माला पकड़ी थी और अंजली  के साथ चल दी
अंजली  आयशा के कान मे  : अब देखना है रघु का रिएक्शन आयशा ने फ़ीकी तरह से सिर्फ़ हम्म कहा
अंजली : तूने उसे बहुत तड़पाया है वो बेचारा कबसे इंतजार कर रहा होगा
अब पहन तो लिया आयशा ने जवाब दिया वो दोनो सीढी़यो  मे पाहुँचे स्पॉट लाइट उन दोनो मे पड़ी वहा रघु की नज़र तो कबसे वही थी उसका दिल तेजी से धड़क उठा दोनो नीचे उतरे रघु ने आयशा को देखा उसके हाथ से ड्रिंक नीचे गिर गयी और उसका मू खुला का खुला रह गया वो मू फाड़ के आयशा को देखने लगा
वहा सब लोग भी आयशा को ही देख रहे थे
लड़के तो लड़के लड़किया भी उसे आँखे फाड़  और मू खोले देख रही थी वो अंजली  को तो भूल ही गए
एक लड़की ने कहा  : ये दुल्हन है कितनी सुंदर लग रही है
अंजली  ने रघु और बाकी सब को देखा : सब तुझे ही घूरे जा रहे हैं जैसे तू दुल्हन हो
उदास मत हो अभी मैं बता देती हूँ आयशा ने माइक पकडा़  :  आप सब यहा मेरी दोस्ती की शादी मे आए खुशी हुई ये है मेरी प्यारी दोस्त अंजली
एक लड़का : मुझे लगा इसकी शादी है
दुसरा लड़का : हा यार वर माला तो इसके हाथ में थी
तीसरा : नहीं यार कितनी सोनी लग रही है
सबने तालिया बजायी
प्रिया ने रघु  को देखा तो अनीता से बोली  : वो देख कैसे आँखे फाड़के और मू खोलके देखे जा रहा है
अनीता : वो नहीं लड़के लड़किया सब देख रहे हैं
तिया उसका साथ देकर बोली : हा लग ही इतनी प्यारी  रही है
अंजली  की माँ आयशा के पास आयी और काजल निकालके आयशा के कान के पीछे लगा दिया : नजर ना लगे तुम बहुत बहुत खूबसूरत लग रही हो
क्या माँ मुझे भूल गयी अंजली ने नाराजगी से कहा
अंजली  की माँ अंजली  से : अरे बेटा तू भी बहुत खूबसूरत लग रही है (उन्होने अपनी आँखों से काजल निकाला और अंजली  के कान के पीछे लगा दिया)
आयशा ने वर माला अंजली  को पकडा़  दी और उसे स्टेज मैं ले गयी
प्रिया रघु के पास आयी : ​​ऐसे मू फाड़ के मत देखो मच्छर  घुस जाएंगे वो स्टेज मे चली गयी है
रघु हिला ही नहीं  प्रिया ने उसे हिलाया : कहा हो वो स्टेज मे चली गयी
रघु होश मे आया: हा क्या हुआ
क्या हुआ क्या आयशा आयी और तुम मू खोलके देखने लगे
रघु नज़र चुराते हुए : ना नहीं तो
प्रिया उसे घूरके : अच्छा तो फिर
रघु : वो मै....
प्रिया : दीवार को घूर रहे थे रघु झेप गया
प्रिया ने हसँते हुए कहा : अब चलो (सब स्टेज के करीब  आए )
हर्षित ने अंजली से कहा : बहुत ख़ूबसूरत लग रही हो
थैंक्स किसीने तो देखा मुझे हर्षित हसँ  गया अंजली  भी हसँ  दी हर्षित ने अंजली  को वरमाला पहनाई फिर अंजली  ने भी हर्षित को चारो तरफ फूलो की बरसात हुई और सब तालिया बजाने लगे
दोनो को स्टेज मे ही बिठाया और सब उन्हे बधाई बोलने और फोटो खीचाने आ गए
आयशा आंटी के बीच घिरी हुई थी सब उसे काला टीका लगा रही थी
रघु जूस पीते हुए आयशा को ही देख रहा था
आयशा ने रघु को देखा और अपनी आइब्रो ऊपर करी
रघु तो आयशा को ही देख रहा था बदले मे वो हल्का सा मुस्कराने  लगा
रघु के पास  लड़किया  आ गयी जो उसे कबसे घूरे जा रही थी उसमे से एक लड़की ने रघु  को हाय कहा
रघु तो सिर्फ  आयशा को ही देखे जा रहा था वो लड़की उससे बात करे जा रही थी आयशा ने देखा ये सब
आयशा आंटी से बोली  : आप लोग खाना जरूर खाना मैं अभी आती हूँ  (वो वहा से रघु के पास चली गयी )
आयशा  ने रघु से  हाय कहा और सारी लड़कियों ने उसे देखा
रघु ने आयशा को देखकर  हाय मे जवाब दिया
सारी लड़कियों ने आयशा को घूरा
पहली लड़की ने मन मे कहा :  इससे  इतनी देर से बात कर रहे एक शब्द नहीं बोला (आयशा को देखकर) इसने बोला और इस पुतले को जान आ गयी
दुसरी लड़की ने  आयशा से हाय कहा बदले मे आयशा ने भी हैल्लो कहा
वैसे आज बहुत अच्छी लग रही हो दुसरी लड़की ने कहा
आयशा ने  थैंक्स कहा और फिर  रघु से बोली : तुम बिजी हो
रघु कुछ बोलने को हुआ उससे पहले पहली लड़की बोली : हा जाओ यहा से बिजी है वो रघु उसे हैरानी से देखने लगा आयशा को गुस्सा आया वो उस लड़की की तरफ मुड़ी और हाथ फोल्द करके कहा : मैंने तुमसे कहा
नहीं बोला पर आयशा  बीच मे बोली : फिर मू क्यों  खोला
लड़की ने गुस्से मे  कहा :  चुप रहो
तुम चुप रहो तुमसे पूछा मैंने जिसे पूछा है वो जवाब दे सकता है
तुम चुप रहो अपनी खूबसुरती का जादू कहीं और चलाना लड़की ने कहा
रघु उस लड़की से बोला : तुम चुप रहो जाओ यहा से सब (  दुसरी लड़की ने पहली लड़की से कहा : चल यार )
पहली लड़की आयशा से बोली  : सुना नहीं उसने कहा जाओ
आयशा कुछ बोलने को हुई रघु बीच मे बोला : मैंने उसे नहीं तुम लोगो को कहा जाओ यहासे
वहा से सारी लड़कियों मू फूलाते हुए चली गयी
रघु आयशा को देखने लगा
कैसी लग रही हूँ :....... ( रघु  ने कोई जवाब नही दिया )
क्या हुआ कुछ बोल क्यों  नहीं रहे
वहा प्रिया चुपके से उनकी फोटो खीच रही थी
इतनी खराब लग रही हु क्या? आयशा ने पूछा
रघु प्यार से उसे देखकर बोला  : नहीं तुम बेहद खूबसूरत लग रही हो ऐसी कोई लफ्ज नहीं जिसमे मैं तुम्हें बया कर सकु
आयशा ने थैंक यू कहा और रघु ने हम्म कहा
रघु मुझे ये ड्रेस बहुत अच्छी लगी थैंक्स देने के लिए
म....अ.. रघु  हकला गया
अब हकलाना शुरू मत करो मैं जानती हूँ की ये तुमने दिया है
रघु उसे हैरानी से देखकर : तुम्हे कैसे पता
अंजली  ने बताया था जब हम शॉपिंग मे गए थे उसके अगले दिन सुबह अंजली आयी थी और देके चली गई मैंने मना भी किया था पर तुमने दिया था तो इसलिये मैं ना नहीं कर पायी आयशा ने मुस्कराकर कहा
मतलब जो तुम लोग मुझे चिड़ाते थे वो सब जानबुजके छेड़ते थे रघु  ने उससे पूछा
आयशा हसँते  हुए बोली  हा वो लोग जानबुजके तुम्हें  छेड़ते थे
रघु उसे घूरके : तुम भी शामील थी उनमे  वो उस रात कैसे बात कर रही थी जैसे तुम्हें कुछ पता ना हो
(आयशा हसँ  गयी) ज्यादा मत हँसो वरना दांत  तोड़  दूंगा
आयशा हसँते हुए : तुम तो आहना कि तरहा कर रहे हो मू तोड़  दूंगी दांत तोड़ दूंगा हाहा...
रघु हसँते  हुए : हा साली है उसका असर तो होगा
आयशा हँसी रोकर : क्या ! साली
रघु मन मे बोला :  अबे क्या बोल दिया मैंने शिट मर गया
रघु ने सफाई देते हुए कहा : नहीं मतलब हरर्षित की साली है और मेरी अच्छी दोस्त  की बहन तो असर तो होगा ना
आयशा ने  अच्छा कहा और रघु  ने हा कहा और मन मे बोला :  बच गया वरना आज काम से जाता छोड़ती नहीं ये हिटलर मुझे
आयशा ने हम्म मे जवाब दिया
रघु : मतलब तुमने अपने दोस्तो के साथ मिलकर मुझे उल्लू बनाया पोपट किया मेरा
आयशा ने बेशर्मी से  हा कहा
बडी़या  है इसका बदला लेके रहूंगी मैं
आयशा जोर जोर  से हसँने लगी रघु भी उसे देखकर मुस्कारने लगा वो हसँते  हुए इतनी प्यारी लग रही थी की रघु भी हसने लगा
अनीता ने प्रिया से कहा  : क्या कर रही है
दिख नहीं रहा फोटो वीडियो बना रही हूँ प्रिया ने झल्लाकर कहा
अनीता ने  हा पर क्यों   प्रिया बोली : अरे यादे यार पर कुछ कमी लग रही है
अनीता ने कन्फ्यूज्न से   क्या कहा
प्रिया ने सोचकर कहा :  ये आयशा उसे छू नहीं रही
अनीता हैरानी से बोली : क्या.. क्या बोल रही है तू
प्रिया : मतलब वो उसकी बाहो मैं नहीं है जैसे हल्दी के दिन थी
अनीता : हम कब काम आएंगे अभी करती हूं कुछ ... क्या करू थोडी देर सोचकर वो बोली : हा अभी धक्का देके आयी
वहा रघु और आयशा हँसे जा रहे थे
अनीता वहासे गुजरी और पैर मुड़ने का नाटक करते हुए आयशा को धक्का दे दिया
अनीता धक्का देते हुए आ.. पैर  मुड़ गया मेरा आ आ...
आयशा रघु के ऊपर गिर गई आयशा के हाथ रघु के सीने  मैं जा लगे रघु ने उसके दोनो हाथ पकड़ लिए और उसे संभाल लिया वहा प्रिया ने उनकी फोटो खीच ली
सॉरी वो पैर मुड़  गया  अनीता ने नाटक करते हुए कहा कहा
रघु ने ठीक हो पूछा
आयशा ने भी फिक्र से पूछा : क्या हुआ पैर मे मोच आई है
ना ना वो हील पेहनी है ना इसलिय धक्का  मेरा मतलब है पैर मुड़ गया  तू ठीक है ना आयशा ने चिंता से कहा
अनीता : हा हा मैं ठीक हूं तू ठीक है
हा मैं ठीक हूं आयशा ने जवाब दिया
अनीता ने मासूम सा चेहरा बनाकर कहा : सॉरी आयशा अरे कोई नहीं हो जाता है
अनीता ने अपनी खुशी छुपाते हुए हम्म कहा
अनीता वहा से कुछ काम करने का  कहकर चली गई
मैं अंजली  के पास जाती हूं आयशा ने कहा  मैं भी आता हूं रघु  ने कहा
आयशा अंजली  के पास आ गई रघु हर्षित के पास वो सब बातें करने लगे
अनीता आहना प्रिया तिया और बाकी सब भी आए सबने एक साथ तस्वीर खीचाई
मुहरत मे अभी समय था इसलिए अभी  दुल्हा दुल्हन की फोटो खीच  रही थी
आयशा को भूख लगी थी इसलिये वो खाने के स्टाल मे चली गई
वह पे आहना और प्रिया भुकड़ो की तरह खा रहे थे
तुम दोनो भुकड़ खा खाके मोती हो जाओगी अनीता और तिया कहा है
आहना रोटी मू मैं डालते हुए बोली : दी  वहा खाना ले रही  हैं
ठीक है खाओ खाओ दोनो भुकड़ आयशा ये बोलकर वहा पहुची उसने एक प्लेट उठाई  और चमच पीछे से आवाज आई मेरे लिए भी लेलो आयशा ने पीछे देखा तो रघु था : तुम्हें भी भूख लगी है
लगी तो तुम्हे भी है रघु  ने कहा
आयशा ने बदले मे  हा कहा
रघु ने प्लेट चमच उठाई : चलो खाना खाते हैं
दोनो खाना देखने लगे
आयशा  ने डिशीश  देखकर  बोली : मेरे मू मे तो पानी आ गया
रघु ने हसँते हुए कहा :   उठा लो जो भी खाना है
आयशा ने  हा कहा फिर रघु  ने पूछा : वैसे तुम्हारी फेवरेट   डिश कौनसी  है
छोले चावल आयशा ने कहा  रघु ने अच्छा मे जवाब दिया
आयशा ने कहा :  तुम्हारी
हम्म पनीर और शिमला मिर्च बेस्ट
मुझे भी पसंद है आयशा ने एकसाइटमेंट मे कहा
रघु ने उसे देखकर अच्छा कहा और मन मे बोला :  हमारी पसंद कितनी मिलती है
आयशा ने हा कहा और दोनो ने खाना प्लेट मैं लिया और कुर्सी मैं बैठकर खाने लगे
संजय खाने के लिए आया उसने उन दोनो को साथ देख लिया उसे बहुत तेज गुस्सा आया वो उनके पास आया
संजय गुसा छुपाते हुए : हाय सबको
हाय तू कहा रहता है दिखा ही नहीं
संजय : काम कर रहा था शादी का
रघु ने उसे देखा मन मे :  अब ये कबाब मैं हड्डी क्यों आया है
संजय रघु से बोला : कहा हो तुमसे ही बोल रहा हूं
रघु  ने बेमन से  हाय  कहा
खाना हो गया तुम लोगो का संजय ने प्लेट देखकर कहा
हा हो गया तू भी खाले आयशा ने कहा
हम्म खा लो रघु  ने भी कहा
अब तुम दोनो इतना  बोल  रहे हो तो खा लेता हूं संजय ने मुस्कराकर कहा
रघु मन मे बोला  : मेरी तरफ से कोई जबर्दस्ती नहीं है
संजय ने प्लेट और चमच उठाई और खाना लेके आया वहा पे तबतक अंजली  के मामा आए
अंजली के मामा बोले  संजय उन्होने देखा के संजय खा रहा है अंजली  के मामा जाने को हुए तब तक रघु ने कहा : क्या हुआ अंकल कुछ काम है
अंजली  के मामा रघु से मिल चुके थे : हा बेटा वो देखो ना कार नहीं आई विदाई  कैसे होगी और वैन भी नहीं आई आज ही चेकआउट करना है
कोई बात नहीं मैं हूं ना मैं कर देता हूं रघु  ने आयशा से कहा  : आता हूं अभी
आयशा ने  हम्म कहा रघु वहा से चला गया
वहा आयशा दुल्हा दुल्हन को भी लाए खाने के लिए
दोनो ने खाना खाया शादी का मुरहत भी हो गया था दोनो को मंडप मैं बिठा दिया और पंडित जी ने पूजा चालू कर दी रघु भी काम खत्म करके आयशा के पास आ गया और संजय भी आयशा के ही  पास था
संजय मन मे बोला  : जब देखो इससे ही चिपकता  रहता है
रघु ने भी अपने मन मे कहा : ये मेरी लव स्टोरी का विलेन क्यों बनना चाहता है
आयशा उन दोनो से : चलो उदर कुशन मे बैठथे  है आयशा ये बोलकर उस तरफ चली गई  तीनो कुशन मैं बैठे और शादी देखने लगे ।
पंडित जी ने मंत्र पडे़ और ऐसे ही शादी होती गई सिंदूर दान मगलसूत्र पहनाया  फिर कन्यादान हुआ
लास्ट मे पंडित जी ने कहा : शादी संपन्न हुई आज से आप दोनो पती पत्नी हुए अपने बडो़ का आशीर्वाद ले
सबने तालिया बजाई और वर वधू ने बडो़ का आशीर्वाद लिया
प्रिया हर्षित से बोली  : जीजा जी जूते ऐसे नहीं मिलेंगे पैसे देंने पडे़गे
हर्षित: अब सालियो को तो देने ही पडे़गे (उसने सो रुपये रख दिए)
प्रिया मू बनाते हुए बोली : ये क्या जीजाजी इतने ही इतनी सारी सालिया सबको एक रूपे ही मिलेगे
हर्षित हसँ दिया
अंजली ने हर्षित से कहा :  देदो पैसे क्यों परेशान कर रहे हो  हर्षित ने वो सो रुपये ले लिए और उसे ज्यादा पैसे दे दिए
प्रिया ने मुस्कराकर कहा : अभी से जोरू का गुलाम बन गए
हर्षित हसँते हुए : अब सारी उमर इनकी ही सेवा करनी है क्यों अंजली  जी (अंजली  मुस्करा दी) अनीता ने हर्षित को जूते दे दिये
अंजली  की मां बोली : सब आराम करने जाओ थोड़ी देर बाद बाकी सब रश्मे करेंगे
सबने हामी  भरी और आराम करने चले गए
दुल्हा दुल्हन आराम करने अपने कमरे मे चले गए
अंजली  के कमरे मे  उसकी दोस्ते  आई सबने अंजली  को गले लगाए
अनीता आयशा तिया  प्रिया आहना  सबने बधाई हो अंजली कहा अंजली ने बदले मे थैंकयू कहा
प्रिया नोटंकी करते हुए बोली  : अभी तू तो पराई हो गई
तिया ने झूठा मू बनाकर कहा : हा अब अपने पति को ही पूछेगी हमे भूल जाएगी
  नहीं यार तुम लोग मेरे दोस्त होऔर रहोगे सबने उसे फिर से गले लगाया (सब उससे बात करने लगे)
थोड़ी देर बाद सब अपने कमरे मे  पैकिंग करने चले गए
हर्षित के कमरे मैं रघु और संजय था रघु ने बधाई हो हर्षित कहा बदले मे  मुस्कराकर  थैंक यू रघु कहा
संजय ने भी बधाई कहा
हर्षित ने  रघु से झूठी नाराजगी से कहा   : वैसे आज मैं तुमसे नराज हूं
क्यों  क्या हुआ मैंने क्या किया? रघु  ने कन्फ्यूज्न से कहा
हर्षित हसँते हुए बोला : तुमने  आयशा को इतनी अच्छी ड्रेस दी की सब उसे मू खोले देख रहे थे इससे हमारी दुल्हन नाराज हो गई
अरे वो... अच्छा मुझे लगा क्या हुआ रघु  ने मुस्कराकर सर इधर उधर करते हुए कहा
हर्षित ने उसे गले लगाया : हा वैसे तुमने अपने दिल की बात बतायी आयशा को
रघु हैरानी से देखने लगा फिर उसने पूछा : वैसे तुम्हें कैसे पता..
अंजली  ने बताया हर्षित ने कहा ओहहो अच्छा
हा  जल्दी अपने मन की बात बता  दो फिर मैं तुम्हारी शादी मैं आऊंगा क्यों  संजय
संजय मन मे सोचने लगा :  आयशा को वो ड्रेस इसने दी और उसने पहन  भी ली
हर्षित ने संजय को खोया देखा तो उससे पूछा :  कहा खोये हो
संजय को होश आया और वो बोला : नही कहीं नहीं
हा हा जल्दी ही वो दिन आएंगा जब मैं और आयशा एक साथ होंगे रघु  ने हर्षित से कहा
मैं भगवान से दुआ करुंगा तुम्हारे लिए
रघु ने  मुस्कराकर  थैंक यू कहा
संजय को उनकी बात बिलकुल अच्छी नहीं लग रही थी
संजय हर्षित से बोला : अब हम चलते हैं तुम आराम करो
हा हर्षित ठक गए होंगे रघु  ने कहा और दोनो  हर्षित को बाय बोलकर बाहर  चले गए
रघु अपने कमरे मे जाने लगा संजय ने पीछे से कहा : ये ड्रेस तुमने दी थी उसे
रघु ने पीछे देखकर  हा कहा
उसने कुछ कहा भी नहीं संजय ने हैरानी से पूछा
नहीं ,  कहा होता तो आज पहना होता रघु  ने कहा
अजीब है संजय के मू से हैरानी से निकल गया
रघु आगे चलने लगा
दिया क्यों  तुमने चाहते क्या हो उससे
रघु ने अनसुना कर दिया
संजय उसके पास आया : कुछ पूछ रहा हूं जवाब दो
क्या है मुझे कमरे मे जाने दो रघु  ये बोलकर चलने लगा फिर संजय ने कहा :  जवाब दो
पर रघु एलेवेटर मे घुस गया और चला गया
रूक कहा जा रहा है जवाब देते जा संजय ने चिल्लाकर कहा वो मन मे बोला   : मुझे आयशा से बात करनी होगी
रघु कमरे मे  पहुँचा आयशा बालकनी मे खडी़  थी वो वहा चला गया : तुम भी इस चांद को देखती हो
आयशा चांद  को देखकर : एक ये ही तो है जो खामोश रहकर मेरी हर बात सुनता है
हम्म सही कहा रघु  उसके बगल मे खडा़ हो गया
तुम भी देखते हो आयशा ने उसकी तरफ देखकर कहा
हा  दिल को सुकून  मिलता है इससे अपने दिल की हर बात कहता हूँ और ये खामोशी से सुनता है
आयशा कुछ कहने को हुई तबतक घंटी बज जाती  है कौन होगा
मैं देखता हूं रघु  ने कहा आयशा हम्म बोलकर चांद को देखने लगी रघु ने दरवाजा खोला तो वहा संजय दिखा
संजय हैरानी से बोल पडा़ : तुम! तुम यहा
रघु ने हा कहा तुम बताओ क्या काम है
तुम यहा क्या कर रहे हो आयशा कहा है
यही है बुलाता हूं रघु  ने कहा
संजय : एक मिनट तुम आयशा के कमरे मैं क्यों  हो
रघु कुछ बोलने  को हुआ तबतक  पीछे से आयशा बोली : कौन है (आयशा ने संजय को देखा):  तू यहाँ क्या हुआ कुछ काम था
संजय रघु को देखकर : हा कुछ काम तो था
बता क्या काम है संजय ने कहा  कुछ बात करनी है
बोल क्या बात करनी है आयशा ने कहा
संजय ने रघु  को देखकर कहा : अकेले मे करनी है
आयशा ने रघु को देखा
तुम बात करो मैं अंदर हूं  रघु  ये बोलकर  अंदर चला गया
आयशा संजय से  बोली :  बोलो
ये क्या कर रहा है? वो भी तेरे कमरे मे
रह रहा है और क्या
तुम दोनो एक ही कमरे मे   हो संजय ने चौककर पूछा
सारे रूम बिजी थे और अंजली  को पता नहीं था की वो भी आ रहा है इसलिये एक ही रूम मैं एडजस्ट करना पडा़ आयशा ने उसे समझाकर कहा
पर तू उसके साथ रह कैसे सकती  है संजय ने चौककर पूछा
आयशा ने कन्फ्यूज्ड  होकर  पूछा मतलब
मुझे वो इंसान ठीक नहीं लगता संजय ने फौरन कहा
क्यों आयशा ने चौककर पूछा
: देख वो ठीक नहीं है उसकी नियत ठीक नहीं लगती संजय ने उसे समझाने कि कोशिश करी
मुझे तो ऐसा नहीं लगता आयशा ने उसे देखकर कहा फिर संजय बोला :  कार मैं उसकी हरकत देखी थी और हल्दी मैं जो हुआ वो भी देखा मैंने
आयशा सोचने लगी फिर अपने मन मे बोली :   चिपकती तो मैं हूं उससे संजय ने उसे सोचता हुआ देखा तो बोला :  क्या सोच रही है
आयशा का ध्यान आया फिर उसने संजय को देखकर कहा :  संजय वो मुझसे दूर रहता है ये तो मैं ही हूं जो उससे चिपकती हूं कभी उसे चाटती  हूं तो कभी उसके
ऊपर गिर जाती हूं वो बेचारा मुझसे कुछ नहीं कहता और तो और वो मुझे गलत भी नहीं समझता और बात रही हल्दी की  मैं गिरी थी उसके ऊपर वो नहीं उल्टा मैंने उसके कुर्ते का बटन भी तोड़  दिया क्या सोच रहा  होगा वो मेरे बारे में
उसने ही दिया है ये लहंगा तुम्हें
आयशा ने हा कहा फिर संजय बोला : तुमने लिया क्यों
क्योंकि  उसने दिया है वो मेरा दोस्त है तू भी तो मुझे कितनी सारी चीज देता है और मैं ले लेती  हूं आयशा ने कहा तो संजय ने बेमन से कहा : हा सही करा पर तू उससे दूर रहे कहीं वो तुझे गलत ना समझे
हा सही कह रहा है तू दूर ही रहती हूँ आयशा ने कहा उसके बाद संजय बोला : कल हम निकल जाएंगे क्योंकि मेरी मीटिंग है
: ठीक है मैंने अपनी पैकिंग कर ली है आयशा ने कहा
फाइन उन भाईसाहब को भी बता दो
मैं अभी आती हूं  आयशा ये बोलकर अंदर गई वहा पर रघु  खडा़ था आयशा के इंतजार मे : रघु तुम पैकिंग कर लो कल हम निकल रहे हैं और नीचे आ जाओआयशा ये बोलके निकल गई संजय के साथ रघु  कुछ बोल रहा था पर फिर वो चुप हो गया सब नीचे थे सब कल जाने की बात कर रहे थे
आयशा अनीता के पास आई और बोली : मैं तुम्हारे साथ वैन मैं चली जाती हूं
अनीता ने  मन मे सोचा  : नहीं इसे नहीं ले जाती ये और रघु एक साथ ही जाए तो सही है
अनीता ने ड्रामे करके कहा  : यहा हमारे लिए ही सीट नहीं होती तू अपनी बात करती है
कही तो एडजस्ट कर लो
नहीं यार हर्षित का परिवार अंजली  का परिवार फिर हम इतने ही जने आ पा रहे हैं और वैसे भी जो जिसके साथ आया है वो उसके साथ जाएगा
आयशा ने मासूम सा चेहरा बनाकर  प्लीज कहा
अनीता ने साफ साफ मना कर दिया
आयशा वहा से काउंटर मैं चली गई संजय के पास
अनीता हसँते हुए अंजली  के पास गई और सारी बात बता दी : ठीक है अगर मुझसे पूछेगी मैं भी यही कहूंगी अंजली ने मक्कारी से कहा
अनीता ने बाकी सबको भी बता दिया  ताकी सब उसे यही झूठ बोले रघु भी नीचे आया और आयशा के पास खड़ा हो गया रघु कुछ कहने को हुआ पर आयशा वहा से बहाना करके निकल गई
वहा हर्षित और अंजली  को सब शगुन दे रहे थे
अंजली  का भाई आया और माइक लेके बोला : देवियों  और सज्जनों आज मेरी बहन की शादी हुई है मैं उसे  बधाई बोलता देता हूँ  बधाई  हो  अंजली
अंजली  ने  थैंकस कहा अंजली  के भाई ने डीजे भजाया  और सब डांस करने लगे
रघु आयशा के पास आया और  आयशा को आवाज दी
आयशा ने उसे देखा फिर बोली :  हा कुछ काम है
नहीं मुझे... रघु  के पूरा बोलने से पहले ही आयशा बीच मे बोली  : मुझे काम है मैं आती हूं और  वहा से  भाग गई)
रघु उसे  देखर सोचने लगा  : इसे क्या हुआ है ये ऐसे व्यवहार क्यों कर रही है संजय ने कुछ बोला है? पक्का मेरे खिलाफ ही बोला होगा
थोड़ी देर मे  डीजे बंद हुआ और सब अपने अपने कमरे मे सोने चले गए संजय भी अपने दोस्त के वहा चला गया
आयशा रूम का दरवाजा खोल रही थी
पीछे से रघु बोला : आयशा
ओह शिट फस गई आयशा के मू से निकल गया
फस गई क्यों ? रघु  ने पूछा
आयशा ने उसे देखा और हिचकते हुए बोली  : नहीं नहीं थक गई हूं ना इसलिय कुछ भी बोल रही हूं
तुम्हें  क्या हो गया
मुझे क्या होगा? आयशा ने अंदर जाते हुए कहा
अजीब बिहेव क्यों  कर रही हो रघु  ने पूछा
नहीं तो आयशा ने बिना उसे देखे कहा
मुझे टाल क्यों रही हो रघु  ने उसे देखकर कहा
आयशा अंदर चली गई : मैं कहा टाल रही हूं
रघु भी अंदर आया और दरवाजा बंद कर दिया : मैंने कुछ किया है
नहीं तो
फिर मुझसे नराज क्यों हो रघु  ने उसे अपनी तरफ करने कि कोशिश कि 
कब कहा मैंने की मैं नाराज हूं आयशा ने उससे दूर जाते हुए कहा
मुझसे बच  रही हो कुछ किया मैंने
किया तो मैंने है तुम्हारे साथ क्या करू यार मैं आयशा अपने  मन मे  बुदबुदाई  रघु  ने उसे सोचता हुआ देखा तो पूछा : क्या सोच रही हो
आयशा होश मे आई और कुछ नहीं कहकर जाने लगी
रघु ने उसे अपने सामने किया और कहा  साफ साफ बताओ फिर क्यों नाराज हो
आयशा ने उसे देखा रघु  ने फिर पूछा : बताओ आयशा ने फिर हिम्मत करके उसकी आँखों मे देखकर कहा :  मैंने तुम्हारे साथ ना जाने क्या क्या  किया और तुमने कुछ भी नहीं कहा ना जाने तुम्हारे मन मैं मेरे लिए क्या इमेज बन गई होंगी
रघु को उसकी बात बिलकुल अच्छी नहीं लगी रघु  ने उसे समझाते हुए कहा : जब मैंने तुम्हारा हाथ पकड़ा था तब तुम्हारे मन मेरी क्या इमेज बनी होगी यही की मैं छिछोरा हूं तुम्हें  छेड़ रहा हूं
नहीं तो नहीं बनी आयशा ने गर्दन हिलाकर कहा
क्यों  नहीं बनी रघु  ने पूछा
क्योंकि  मैं जानती हूं की तुम ऐसे लड़के नहीं हो तुम किसी के साथ ऐसी हरकत कभी नहीं कर सकते
रघु को उसकी बात सुनकर तस्सली मिल रही थी की आयशा के मन मैं उसकी इमेज क्या है ये सब जानकर उसे राहत मिल रही थी
तो फिर तुम क्यों ऐसा समज रही हो कौन बोल रहा है ये सब तुमसे ये सब कबाड़ की बात है कबाड़ मैं ही रहने दो तुमने कहा था ना जब मैं तुम्हारा हाथ पकड़के  ले गया था  वो सब ठीक था फिर तुमने ऐसे कैसे सोच लिया
हा पर अगर ये बात तुम उसे बताओंगे उसे तो बुरा लगेगा ना रघु ने कन्फ्यूज्न से होकर पूछा : किसे
वो तुम्हारी
रघु उसी तरह होकर पूछा : कौन मेरी
आयशा ने झल्लाकर कहा : अरे तुम्हारी जीएफ और कौन वो तो यही सोचेगी ना की मैं तुमपे दोरे दाल रही हूं
रघु शॉक्ड हो गया उसके मू से अपने  अपनेआप निकल गया  : जीएफ
: तुम ऐसे शॉक्ड क्यों हो रहे हो तुमने ही बताया था की तुम्हारी जीएफ है
रघु सोचने लगा मन मे कि कब उसने ऐसा कहा वो मन मे सोचने लगा : मैंने कब कहा आयशा से की मेरी जीएफ है
(थोड़ी देर बाद) शायद तब जब हम पहली बार मिले थे ना यार मैं होश मैं था हमारी कुछ ऐसी बात ही नही हुई  फिर कब कही उस रात जब हम उन अम्मा  के वहा थे  नहीं तब भी मैने...
वहा आयशा ने उसे  सोच मैं देखा फिर वो बेड  मैं जाकर   सो गई
वहा रघु को याद आया जब वो रास्ते में जा रहे थे तब आएशा के सवाल उसे याद आए
रघु अपना सर पीट कर : ओह शिट!
आयशा वो मै (उसने सामने देखा तो वहा आयशा नहीं थी उसने अगर बगल में मैंने देखा तो वो सो चुकी थी
इतनी बड़ी गड़बड़  कैसे हो गई अब मैं क्या करू  मेरी लव स्टोरी  शुरू होने से पहले ही खत्म हो गई एक काम करता हूं वीर को फोन करता हूं अब वो ही अपने भाई को बचा सकता है
रघु ने पॉकेक्ट से फोन निकाला और वीर का नंबर डायल कर दिया थोडी देर  बजने के बाद भी वीर ने फोन नहीं उठाया
छोटे प्लीज फोन उठा ले बचा ले अपने भाई की लव स्टोरी को (रघु ने एक और बार ट्राई किया पर वीर ने नहीं उठाया ) उठा ना बावले इंसान फोन नहीं उठा रहा
रघु ने समय देखा तो एक बज गया था
मैं भी ना इतनी रात को वो उठा थोड़ी ना होगा एक काम करता हूं मैसेज छोड़ देता हूं
रघु बोलते बोलते टाइप करने लगा : छोटे एक बहुत बड़ी गड़बड़  हो गई है तेरे भाई की लव स्टोरी  शुरू होने से पहले ही फ्लॉप हो गई बचा ले अपने भाई की लव स्टोरी  को वो खतरे में है खत्म होने को है रघु ने मैसेज भेज दिया
और मन मे बोला : है भगवान बचा लेना
उसने आयशा को देखा जो घोड़े बेचकर सो गई थी : वाह इन मैडम को देखो कैसे सो  रही है घोड़े बेचकर भगवान मेरी लव स्टोरी  शुरू होने से पहले ही खत्म मत कर देना
रघु आयशा के पास बैठा और उसे देखने लगा
आज बहुत खूबसूरत लग रही थी तुम जी तो कर रहा था बता दू की कितना प्यार करता हूं तुमसे
रघु उसके चेहरे को छुने  लगा : जितना गोरा तुम्हारा रंग है उससे कहीं ज्यादा तुम्हारा दिल साफ है पाक है मुझे गर्व है खुदपर की मैं तुमसे प्यार करता हूं
मैं तुम्हारे प्यार के काबिल बनने की कोशिश करूंगा। नहीं जानता की तुम्हें क्या तकलीफ है पर तुम हर तकलीफ से दूर रखूंगा "कसम तेरे प्यार की" न जाने मैं तुम्हें खुश रखूंगा या नहीं पर फिर भी तुम्हें हर खुशी देना चाहता हूं रघु सोफ़े मे जाकर सो गया
वहा संजय का बुरा हाल था चिड़  के मारे
वो शराब  पीए जा रहा था
संजय शराब  पीते हुए मन मे बोला : इस रघु को आयशा से दूर रखना पड़ेगा वरना सारी मेहंत मिट्टी मे मिल जाएगी
सुबह के  आठ बज गए थे आयशा और रघु अभी तक सो  रहे थे संजय बार बार दरवाजे की घंटी बजाय जा रहा था
रघु की नींद टूटी उसने दरवाजा खोला  : तुम इतनी सुबह सुबह
हा आज हम निकलेंगे याद नहीं है  क्या जल्दी तैयार हो जाओ ठीक नो बजे हम निकल जाएंगे संजय ने कहा
रघु ने ठीक है कहा और दरवाजा बंद कर दिया
रघु ने आयशा को देखा जो गहरी नींद मैं सोयी थी
इसे परेशान करना ठीक नही रहेगा कितनी गहरी नींद मे सोयी है  बाद मैं उठा था हूँ
थोड़ी देर में रघु तैयार हो गया वो आयशा के पास गया और उसे उठाते हुए बोला : आयशा उठ जाओ सुबह हो गई है आज निकलना भी है हमे
आयशा ने कोई जवाब नहीं दिया
रघु हल्का सा झुका और उसके सर को सहलाते हुए बोला : आज हमे  जाना है चलो उठो
आयशा नहीं उठी रघु ने आयशा को हिलाया : उठो आयशा साडे़ आठ हो गया है नो बजे निकलना है जल्दी उठो
आयशा चिड़ते हुए बोली : क्या है सोने दो
आयशा ने करवट ली और सोने लगी
अब इसे कैसे उठाऊँ रघु ने आयशा को जोर से हिलाया आयशा आधी नींद मे: क्या है सोने क्यों नहीं दे रहा  सोने दे वरना  मुक्का मारुंगी
ये लड़की क्या है हर समय मारने की बात करती रहती है वैसी ही छोटी बहन है दोनो लेडी बॉक्सर बनी रहती है
रघु ने आयशा को अपनी तरफ किया और चिल्लाते हुए बोला : उठ जा लड़की सुबह हो गई है
आयशा ने एक मुक्का उसके पैट मे  जमा दिया : अब चिल्ला गला फाड़कर 
रघु जमींन मे   पैट पकड़के  बैठ गया : आउउउ .. ये लड़की मैरी कोम्ब  क्यों बन जाती है कितना तेज मारती है शादी से पहले ये हाल है शादी के बाद तो मेरा खून ही कर देगी
आयशा हाथ पैर  हिलाने लगी इधर उधर
रघु अपने आप को बचकर हल्की सी आवाज मे बोला  : उठ जाओ मेरी झांसी की रानी अभी निकलना भी है
पर आयशा पे जैसे उसकी बातो का असर ही नहीं हुआ
अब क्या करू मार तो मैंने खानी नहीं है
रघु फोन के पास गया और  रिसेप्शन  मे कॉल लगाया
दो कप चाय भीजवा दिजिये
आयशा उठके बैठ गई  : कहा है चाय मुझे भी दो
रघु उसे हैरानी से देखने लगा : अभी इतनी देर से उठाने की कोशिश कर रहा हूँ मुक्का लाट खा चुका हूं और ये महारानी चाय के नाम से उठ गई
रघु आयशा के पास गया : आ रही है चाय तुम फ्रेश हो जाओ नो बजे निकलना है
आयशा ओके बोल्के बाथरूम मे निकल गई
थोड़ी देर मे वो फ्रेश होके आ गई वहा चाय भी आ गई थी दोनों  बालकनी मे खड़े होकर चाय पीने लगे
लगभग आठ पचपन हो गया था आयशा तैयार हुई और सबने होटल से चेकआउट किया बाकी सब वेन मे बैठके निकल गए
आयशा और संजय पीछे बैठे थे और रघु बेचारा आगे
गाड़ी शुरू हुई और सब निकल गए
एक जेल मैं एक लड़का रेहा हो गया वो पुलिस स्टेशन से बहार आया  : मैं वापीस आ रहा हूं आयशा मैं तुमसे अपना बदला लेके रहूंगा तुमने मेरे साथ अच्छा नहीं किया इसका भुक्तान तो तुम्हें अपनी मौत से करना होगा छोडूंगा नहीं तुम्हें मैं एक साल पहले जो हुआ अब धोराएगा इंतेजार है तो सिर्फ मेरे दोस्त का ..... हाहाहा ............ (हसँने लगा) वहा एक गाड़ी रूकी और वो उसमे  बैठकर निकल गया
हर हर महादेव 

hello reader story kaisi lg rhi hai jroor btaiyenga aur agar aap iske aage ke parts pdne hai to comment kriye kyuki aage ke parts yha post nhi honge please comment kre aur mai aapko post ke jariye bta dungi agla bhaag kha post honga 

kaisi lg rhi hai story aap logo ko 

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Tanya gauniyal

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