Mahila Purusho me takraav kyo ? - 33 in Hindi Human Science by Captain Dharnidhar books and stories PDF | महिला पुरूषों मे टकराव क्यों ? - 33 - केतकी का अपने पति पर शक

महिला पुरूषों मे टकराव क्यों ? - 33 - केतकी का अपने पति पर शक

केतकी व कजरी उस अनजान कॉल करने वाले को लेकर परेशान हो रही थी । बस चल रही है अधिकतर लड़किया सो रही है । केतकी ने अपनी साथ वाली सीट पर कजरी को बैठा लिया था । उधर बदली दामिनी और अभय थ्री सीट पर बैठे हुए हैं , दामिनी अभय से फौज की बाते पूछ रही है । बदली भी बड़े ध्यान से सुन रही है । ड्राईवर ने पेट्रोल पंप पर गाड़ी रोक दी और कहा आप मे कोई टॉयलेट जाना चाहे जा सकता है । मैं डीजल भरवाऊंगा और बाद मे चाय भी पीऊंगा थोड़ी सुस्ती आ रही है । अभय ने कजरी से पूछा.. चाय सभी के लिए बनवादूं। कजरी ने अपनी टीम को देखते हुए ..आप मे कौन कौन चाय पीना चाहते हैं .. एक लड़की ने कहा सभी पीयेंगे...उसकी हां मे हां मिलाते हुए कुछ लड़कियो ने एक स्वर मे कहा ।
कजरी बोली ...जीजू ..ये तो सभी पीने को तैयार हो गयी .. हम लेट तो नही हो जायेंगे ? मैं बात करता हूँ रेस्टोरेंट वाले से ..यह कहकर अभय और दामिनी दोनों नीचे उतर गये .. पेट्रोल पंप के आगे एक रेस्टोरेंट था ..उसमे जाकर मैनेजर से बात करने लगे .. मैनेजर बोला सर ..सिर्फ 10 मिनट लगेंगे ..अपने पास बड़ी भट्टी है .. अभय ने कहा ठीक है आप 56 चाय बनवा दीजिए..साथ मे एक एक कचोरी भी करवा दीजिए .. सर कचोरी बनने मे टाइम लगेगा ..आप कहो तो मिर्अची बड़ा बनवा दूं नही नही मिर्ची सब नही खायेंगे ..आप ऐसा करो पकोड़ा बनवादो..हां हां यह हो जायेगा । अभय ने बदली से कहा ..आप उन सभी को यहां लिवा लायें । अभय ने मैनेजर से कहा आप कुछ एक्स्ट्रा चेयर लगवा दीजिए ! दामिनी बोली जीजू मै अभी आती हूँ । दामिनी सड़क तक गयी, थोड़ी देर बाद वापस आ गयी । दामिनी और अभय वही चेयर पर बैठ गये । दामिनी बोली जीजू आप केतकी को समय नही दे रहे है, मै काफी समय से देख रही हूँ ..आप अब उनके साथ ही बैठना , केतकी को अच्छा लगेगा .. अभय दामिनी की ओर देखकर ..ठीक है ।
सभी लड़कियो ने चाय पकोड़ी खाई और बस मे जाकर बैठने लगी ..अभय केतकी के साथ बस की ओर चल रहा था ..केतकी को देखते हुए बोला ..केतकी मैं आपके साथ ही बैठूंगा ..केतकी ने अभय को देखा और कुछ नही बोली ..कजरी को दामिनी ने अपने साथ बैठा लिया ..
बस चली ही थी कि केतकी के मोबाइल पर घंटी बजी ..केतकी डर गयी वह फोन नही उठा रही है ..अभय ने कहा फोन उठाओ ..चलो मुझे दो मै बात करता हूँ.. केतकी के मुंह से निकला ..नहीं ..नहीं मै बात करती हूँ । फोन कट हो गया ..अभय फिर बोला आप फोन लगा लो ..
केतकी बोली बस मे सुनाई नही देता ,बाद मे कर लूंगी ।
केतकी बोली अभय हमे तो साथ ही रहना है प्लीज आप कजरी की जगह बैठ जाइए कजरी को इधर भेज दीजिए ..अभय मुस्कुराकर.. यह भी ठीक है ...
कजरी अब केतकी के पास आकर बैठ गयी थी ..कजरी बोली क्या हुआ .. ? केतकी बोली ..यह अभय मेरे पास क्यों आया था ? कजरी बोली बात क्या है ?
कजरी ! अभी फिर अनजान कॉल आया था , मैंने उठाया नही ..अब फोन बंद कर दिया है । कजरी ! मुझे लगता है यह सब अभय ही करवा रहा है .. कजरी बोली तुम्हारे पास कोई सबूत है ? तुम सिद्ध कर सकती हो ..? केतकी बिना सबूत के शक मत करो ..अपनी गृहस्थी बिगाड़ लोगी ।
मुझे शक हो रहा है ..इसका मेरे पास कारण है अभय का मेरे पास बैठना, फिर कॉल का आना ..फिर इसका कहना कि उठाओ फोन ! नही तो मै बात करता हूँ । मेरे फोन मे इतना इंट्रेस्ट क्यों ?
क्या अभय ही है जो अनजान कॉल करवा रहा है ..या कोई ओर है ..क्या पता लग पायेगा ? पढिए अगले एपीसोड में .....

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