: : प्रकरण - 53 : :
सब से बड़ा दूर उपयोग मोबाइल का होता हैं.
हर कोई उम्र की लड़की या औरत फ्रेंड शिप रिक्वेस्ट भेजती हैं.. उस का स्वीकार भी करती हैं. लेकिन आगे कुछ नहीं होता था.
फेसबुक बुक, यु ट्यूब में भी लड़कियां अपने फोटोस भेजती हैं, रील्स भेजती हैं और लोगो को उकसाने की कोशिश करती हैं.
कुछ लड़कियां तो अपनी खुद की वैबसाइट बनानी हैं और पुरुषो को आमंत्रित करती हैं. बड़ी उम्र की औरत छोटे बच्चे से सेक्स करती हैं.
यह सब कहाँ जाकर रुकेगा? कुछ समझ नहीं आता. बच्चे पैदा करने वाले संस्थान का उदभव हुआ हैं.
लड़किया भी अपना सब कुछ बताने के लिये प्राइस लिस्ट सादर करती हैं.
नग्न फोटो - 100 रूपये
नग्न वीडियो- 200 रूपये
गंदी बातें करने के - 250 रूपये
वीडियो सेक्स करने के 500 रूपये
यह तो एक नमूना हैं बाकी ऐसे तो कई प्राइस लिस्ट टेलिग्राम या अन्य कोई भी एप्लीकेशन खोलने पर मिल जायेंगे.
रील्स, गंदी फोटोस या वीडियो के जरिये लोगो को क्या क्या दिया जाता हैं. कुछ समझ नहीं आता. एक लेडीज को बच्चा देने के लिये वह लाखो रूपये खर्चा करने को तैयार हो जाती हैं. सेक्स के लिये भी मूंह मांगी रकम देने का वादा करती हैं.
यह सब दिखाने वाले, पैसे कमाने की धुन में क्या क्या गुल खिलाते हैं. वह लोग एक बार भी यहीं नहीं सोचते. आज ज्यादातर छोटे बच्चे मोबाइल देखकर बैठ जाते हैं, उन पर क्या असर होती होगी?
बस या ट्रैन में भी खुल्ले आम सेक्स दिखाते हैं. और मजे की बात हैं महिला को जरा सा छेड़ने पर वह तैयार हो जाती हैं. आसपास खडे हुए लोगो की उन्हें शर्म भी नहीं आती.
एक लड़का एक लड़की के साथ ऐसी हरकत करता हैं तो आजु बाजु खडे लडके भी उस से सेक्स करने को तैयार हो जाते हैं.
एयर क्राफ्ट में भी ऐसे दृश्यों की भरमार होती हैं., जिस में एयर होस्टेट भी बाकी नहीं रहती.
फिर ससुराल बहू, देवर भाभी, सास दामाद, सौतेले भाई बहन तो ठीक लेकिन सगे भाई बहन के सेक्स वीडियो वह भी रक्षाबंधन के दिन.. अब यह सब देखकर क्या करना? कुछ समझ नहीं आता.
बेटे की मौजूदगी में एक बाप उस की बहू के साथ गंदी हरकते करता हैं.
मालिक नौकरानी के रिश्ते के वीडियो की तो कोई कमी हीं नहीं खलती.. यह सब देखकर ऐसा लगता हैं. मानो हर घर के एक कोने में ऐसे रिश्ते पनपते हैं.
उस के अलावा ओफिसो में भी मालिक और लेडीज स्टाफ के बीच ऐसा होता रहता हैं. दुनिया का कोई भी कोना ऐसे अवैध रिश्ते से बचे नहीं हैं.
ऐसे रिश्तों में से कुछ अंश तक फिल्मों में दर्शाया जाता हैं, तो सेन्सर बोर्ड उस पर कैची चला देता हैं लेकिन यहाँ कुछ भी दिखाने की खुलल्म खुल्ली आझादी हैं.
0000000000
स्वच्छ, साफ सुथरी फिल्मे बनाने में बंगाली निर्माता बिमल रोय का बहुत बड़ा योगदान था. उस के अलावा प्रसाद प्रोडक्शन, राजश्री प्रोडक्शन, ऋषिकेश मुख़र्जी, गुलजार, चोपडा ब्रदर्स और राज कपूर भी शामिल थे.
बी आर चोपड़ा की दो फिल्मे ' इन्साफ का तराजू' और ' आज की आवाज' विवादस्पद साबित हुआ था.. उस में बलात्कार के दृश्य को कुछ ज्यादा मात्रा में पेश किये थे. यहीं बात ' आज की आवाज ' की थी..
फ़िल्म इंडस्ट्रीज में कपूर परिवार का सब से बड़ा योगदान था. उस में राज कपूर सब से ऊपर थे. उस के पहले उस के दादा और पिताजी पृथ्वी राज कपूर ne फिल्मों में काम किया था..अभिनय के साथ उस ने आर के फिल्म्स के बैनर तले खुद की फिल्मे बनाना शुरू किया था.
सब से पहले उस ने ' आग ' फ़िल्म बनाई थी. उस के बाद ' आह ' 'आवारा ' ' श्री 420 ' ' बरसात' ' जागते रहो' फिल्मे बनाई थी जिस में नरगिस ने काम किया था जिन्होने ' मदर इंडिया' फ़िल्म के बाद सुनील दत्त से शादी कर ली थी. उस के अलावा उन्होंने ' बूट पोलिश ' ' अब दिल्ली दूर नहीं' और ' जिस देश में गंगा बहती हैं 'फिल्मे बनाई थी जो ब्लैक & वाइट में थी.
उन्होंने ज्यादा टाइटल के हिसाब से बनी फिल्मों में काम किया था :
' आवारा ' ' श्री 420' ' अनाड़ी ' छलिया ' ' दिवाना ' ' सपनों का सौदागर ' इत्यादि फिल्मों में टाइटल भूमिका निभाई थी..
उस के बाद उन्होंने कलर फिल्मे बनानी शुरू की.पहली फ़िल्म थी ' संगम '. जिस का शूटिंग विदेशी लोकेशन में हुआ था.. फ़िल्म में राजेंद्र कुमार और वैजयंती माला सह कलाकार थे.
उन के दूसरे दो भाई थे. शम्मी कपूर और शशि कपूर. उन दोनों ने भी कई फिल्मों में काम किया था. शम्मी कपूर ने अपने बडे भाई की तरह टाइटल रोल्स भी किये थे, फिल्मे थी, ' जंगली', ' जानवर ' ' बदतमीज' ' ब्लफ मास्टर' और ' प्रोफेसर'.
उस के बाद शशि कपूर ने भी फिल्मों में प्रवेश किया था, जिन्होंने बडे भाई की फिल्मों में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर उन की पहली फ़िल्म आग में काम किया था और फिर बडे होकर ' चार दीवारी ' फिल्मों में काम किया था. तीनो भाइयों ने फिल्मों में अपना मकाम सर कर लिया था.
उस के बाद राज कपूर के बेटों ने भी फिल्मों में पदार्पण किया था. बडे बेटे रणधीर कपूर ने फिल्मों में काम करने के साथ अपने पिताजी की ' कल आज और कल ' फ़िल्म का निर्देशन की था जिस में तीन पीढ़ियों के पृथ्वीराज कपूर, राज कपूर और खुद रणधीर कपूर ने एक साथ काम किया था.
उस के बाद उन के दूसरे बेटे ऋषि कपूर ने भी अपने पिता की फ़िल्म ' मेरा नाम जोकर ' से फिल्मों में काम किया था. उस की दूसरी फ़िल्म ' बोबी' सुपर हिट साबित हुई थी.
अपने बडे भाई की तुलना में ऋषि कपूर काफ़ी जल्दी आगे बढ़ गया था. उस की शादी फ़िल्म अभिनेत्री नीतू सिंह से हुई थी, ज़ब की रणधीर कपूर ने अभिनेत्री साधना की चचेरी बहन बबिता से हुई थी.. दोनों का रिश्ता ज्यादा चल नहीं पाया था. और बबिता ने उसे छोड़ दिया था
कपूर परिवार में फ़िल्म अभिनेत्री से शादी करने में बाध भी थी फिर भी शम्मी कपूर ने खिलाफ जाकर अभिनेत्री गीता बाली के साथ शादी की थी जिस का बाद में देहांत हो गया था.
रणधीर कपूर और ऋषि कपूर ने उस प्रणालिका को नहीं स्वीकारा था.
00000000000 ( क्रमशः )