The Age of Show-Off in Hindi Comedy stories by Md Siddiqui books and stories PDF | दिखावे का ज़माना

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दिखावे का ज़माना

यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है और केवल हंसी व मनोरंजन के उद्देश्य से लिखी गई है। इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति समाज गांव या किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं है। यदि किसी घटना या व्यक्ति से कोई समानता लगती है तो वह मात्र संयोग माना जाएगा। 



आज का दौर बड़ा अजीब हो गया है। पहले लोग गरीब थे लेकिन दिल से अमीर थे और आज लोग पैसे से अमीर हैं लेकिन दिल से बहुत गरीब हो गए हैं। हर आदमी के पास मोबाइल है पैसा है गाड़ी है लेकिन अगर किसी की मदद करने की बात आ जाए तो सब ऐसे गायब हो जाते हैं जैसे चुनाव के बाद नेता।
एक छोटा सा गांव था। गांव में लोग बाहर से देखने पर बड़े सभ्य और समझदार लगते थे। हर घर में स्मार्टफोन हर गली में मोटरसाइकिल और हर आदमी के चेहरे पर स्टाइल। लेकिन अंदर की सच्चाई कुछ और ही थी।
गांव में एक आदमी था जिसका नाम करीम चाचा था। करीम चाचा गरीब थे लेकिन दिल के बहुत अच्छे थे। अगर किसी के घर में परेशानी हो जाए तो सबसे पहले वही पहुंचते थे। लेकिन गांव के बाकी लोग बड़े अजीब थे। उनके पास पैसा तो था, लेकिन मदद करने का दिल नहीं था।
एक दिन गांव के चौपाल पर कुछ लोग बैठे थे। सब अपनी-अपनी शान दिखा रहे थे।
एक बोला
मेरे पास नई बाइक आ गई है पूरे पचहत्तर हजार की।
दूसरा बोला
अरे वो तो कुछ भी नहीं मेरे पास तो शहर वाली नौकरी है।
तीसरा बोला
मेरे पास दो बीघा और जमीन बढ़ गई है।
चौथा बोला
मेरे पास तो इतना पैसा है कि अगर चाहूं तो शहर में प्लॉट खरीद लूं।
ये सब सुनकर करीम चाचा हंसने लगे।
एक आदमी ने पूछा चाचा हंस क्यों रहे हो
चाचा बोले
बेटा तुम लोग ऐसे शान मार रहे हो जैसे देश की अर्थव्यवस्था तुम ही चला रहे हो।
सब हंस पड़े, लेकिन किसी को चाचा की बात समझ नहीं आई।
गांव में एक और मजेदार बात थी। अगर किसी के घर में खाने को रोटी न हो फिर भी बाहर दिखावा ऐसा होगा जैसे घर में रोज बिरयानी बनती हो। कोई आदमी नया कपड़ा पहन ले तो बस पूरा गांव उसे अमीर समझने लगता था।
एक दिन गांव में एक आदमी आया। उसके पास बड़ी गाड़ी थी चश्मा था और हाथ में बड़ा मोबाइल था। बस क्या था पूरे गांव के लोग उसके पीछे ऐसे घूमने लगे जैसे कोई फिल्म स्टार आ गया हो।
एक आदमी बोला
भाई साहब चाय पीजिए।
दूसरा बोला
नहीं-नहीं हमारे घर चलिए।
तीसरा बोला
अगर कहें तो आपका जूता भी साफ कर दें।
करीम चाचा ये सब देख रहे थे। उन्होंने धीरे से कहा
वाह रे जमाने आदमी अच्छा हो या बुरा फर्क नहीं पड़ता। बस जेब भारी होनी चाहिए।
उधर गांव में एक गरीब आदमी भी रहता था जिसका नाम रामू था। रामू मेहनत करता था लेकिन उसके पास ज्यादा पैसा नहीं था। इसलिए गांव में उसकी इज्जत भी कम थी।
अगर रामू कोई सलाह देता तो लोग कहते
अरे तुम चुप रहो तुम्हारे पास है क्या
लेकिन अगर वही बात कोई अमीर आदमी बोल दे तो लोग कहते
वाह क्या बात कही है
करीम चाचा ये सब देखकर अक्सर कहते थे
आजकल बात की कीमत नहीं है जेब की कीमत है।
एक दिन गांव में एक बड़ी घटना हुई। सड़क पर एक आदमी का एक्सीडेंट हो गया। वह सड़क पर पड़ा था और दर्द से कराह रहा था।
पहले तो दो-चार लोग वहां पहुंचे। लेकिन मदद करने के बजाय उन्होंने मोबाइल निकाला और वीडियो बनाना शुरू कर दिया।
एक आदमी बोला
जल्दी वीडियो बनाओ वायरल होगा।
दूसरा बोला
हां-हां पहले फेसबुक पर डालेंगे।
तीसरा बोला
यूट्यूब पर डालेंगे तो पैसे भी मिलेंगे।
बेचारा घायल आदमी दर्द से चिल्ला रहा था
भाई मुझे अस्पताल ले चलो।
लेकिन किसी को फुर्सत नहीं थी।
तभी वहां करीम चाचा पहुंचे। उन्होंने गुस्से में कहा,
अरे नालायकों! वीडियो बाद में बनाना पहले आदमी को बचाओ।
फिर चाचा ने खुद एक गाड़ी रोकी और उस आदमी को अस्पताल पहुंचाया।
बाद में गांव में चर्चा होने लगी।
कोई बोला
करीम चाचा बड़े नेक आदमी हैं।
कोई बोला
आज भी ऐसे लोग मिल जाते हैं।
चाचा हंसते हुए बोले
बेटा, नेक बनने के लिए पैसा नहीं चाहिए, सिर्फ दिल चाहिए।
लेकिन गांव वालों की आदत नहीं बदली।
एक दिन फिर चौपाल पर सब बैठे थे। कोई अपनी नौकरी का घमंड कर रहा था कोई अपनी गाड़ी का कोई अपने पैसे का।
तभी करीम चाचा बोले
तुम लोगों को एक बात बताऊं?
सब बोले बताइए।
चाचा बोले
ये नौकरी पैसा गाड़ी जमीन ये सब बहुत अच्छी चीजें हैं। लेकिन अगर इनके साथ इंसानियत न हो तो ये सब बेकार हैं।
एक आदमी बोला
चाचा आप तो बड़ी भारी-भारी बातें करते हैं।
चाचा हंसते हुए बोले
भारी बातें नहीं बेटा सच्ची बातें करता हूं। आजकल लोग इतना दिखावा करते हैं कि अगर घर में दाल न हो तब भी फेसबुक पर फोटो डालेंगे आज की शानदार पार्टी
सब जोर से हंस पड़े।
फिर चाचा बोले
और अगर कोई गरीब आदमी सलाह दे दे तो लोग कहते हैं पहले अपनी हालत देखो।
एक लड़का बोला
चाचा ये तो सच है।
चाचा बोले
और एक सच और सुन लो। अगर गांव में कोई अमीर आदमी बोल दे कि मेरा जूता साफ कर दो तो लोग इतने खुश हो जाएंगे जैसे उन्हें सरकारी नौकरी मिल गई हो।
सब लोग फिर हंसने लगे।
लेकिन धीरे-धीरे सबको समझ आने लगा कि चाचा मजाक में बहुत बड़ी सच्चाई बोल रहे हैं।
फिर चाचा ने आखिरी बात कही।
बेटा याद रखना
पैसा कमाना बुरी बात नहीं है।
गाड़ी रखना भी बुरी बात नहीं है।
नौकरी करना भी बुरी बात नहीं है।
लेकिन अगर इन सब चीजों का घमंड हो जाए और इंसानियत खत्म हो जाए तो आदमी अमीर होकर भी गरीब ही रहता है।
चौपाल पर कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया।
फिर एक लड़का बोला
चाचा आज आपकी बात दिल को लग गई।
चाचा हंसकर बोले
दिल को लग जाए तो अच्छा है लेकिन अगर दिमाग में भी बैठ जाए तो गांव और देश दोनों सुधर जाएंगे।
और फिर वही हुआ जो अक्सर होता है।
कुछ लोग सच में बदलने लगे और कुछ लोग बोले
चलो यार चाचा फिर से ज्ञान देने लगे।
लेकिन चाचा मुस्कुराते रहे।
क्योंकि उन्हें पता था कि सच्चाई कभी-कभी मजाक के रूप में ही लोगों के दिल तक पहुंचती है।
और यही आज के जमाने की सबसे बड़ी कॉमेडी भी है और सबसे बड़ी सच्चाई भी।


लेखक के बारे में

अब तक मैं 25 स्टोरी पोस्ट कर चुका हूँ लेकिन मैं एक गरीब घर से ताल्लुक रखता हूँ और मुझे कुछ पैसों की जरूरत है अगर मेरे लिए कोई ऑनलाइन काम हो तो आप सब मेरी मदद करें ताकि मैं थोड़े पैसे कमा सकूँ और अपने घर को चला सकूँ
— Md Ibrar Pratapgarhi