The beloved wife of two husbands - 17 in Hindi Women Focused by Sonam Brijwasi books and stories PDF | दो पतियों की लाडली पत्नी - 17

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 17

तीनों हंसते-हंसते थक चुके हैं। Shreya के गाल लाल हो चुके हैं, Kabir और Karan दोनों पसीना पोंछते हुए उसे देख रहे हैं।

Kabir (थोड़ा बेबी-सा मुंह बनाते हुए) बोला - 
बस… मैं थक गया हूं… Shreya तुम्हारी वजह से running race हो गई।

Karan बोला - 
Running race? ये तो पूरा Olympics था।

Shreya (हंसते हुए सोफ़े पर गिरती हुई) बोली - 
आप दोनों तो baby हो… एक push करूं तो सीधे wall पे जाओगे!

Kabir और Karan दोनों उसके पास बैठ जाते हैं।

Shreya बोली - 
देखिए! आज से कोई ऐसे late-night games नहीं!
कल फिर मुझे ही डांट खानी पड़ेगी।
— ‘श्रेया थक गई होगी, खयाल क्यों नहीं रखतीं…’ ?

Kabir (Shreya के बाल ठीक करते हुए) बोला - 
हम डांट के लिए ready हैं… थकाने के लिए नहीं।

Karan (Shreya के हाथ दबाते हुए) बोला - 
Tired तुम होती हो… पर परेशान हम दोनों हो जाते हैं।

Shreya हल्का सा शरमा जाती है।
Kabir शरारत से Shreya को अपने कंधे पर सिर रखने का इशारा करता है। Shreya रख देती है।
Karan दूसरे तरफ उसके पैर अपनी गोद में ले लेता है और धीरे-धीरे दबाने लगता है।
Shreya की आंखें आधी बंद हो जाती हैं… जैसे यही उसका home हो… यही peace हो।

Kabir (धीरे से) बोला - 
Shreya… हम दिनों के बीच कभी झगड़ा नहीं होगा।
तुम्हारी वजह से तो बिल्कुल नहीं।

Karan बोला - 
हां… हमारी life का एक ही rule है…
जो Shreya कहेगी, वही होगा।

Shreya धीरे से मुस्कुरा कर दोनों का हाथ पकड़ लेती है।

Shreya बोली - 
आप दोनों… मेरी life का best decision हो।

फिर से light चली गई पूरे कमरे में एकदम अंधेरा।
Shreya डरकर Kabir से चिपक जाती है।

Shreya बोली - 
Ahh! ये light को क्या problem है आज?

Kabir उसके सिर पर हाथ रखता है।
Karan उसकी कमर पकड़ लेता है ताकि वो गिर न जाए।

Karan (मजाक में) बोला - 
लगता है… hide and seek round-2 शुरू होने वाला है।

Shreya (गुस्से में फुसफुसाकर) बोली - 
कौन खेल रहा है? मैं तो दोनों को दीवार से चिपका दूंगी!

Kabir बोला - 
बस बस … आज Shreya का gussa full charged लग रहा है।

तीनों हंस पड़ते हैं। तीनों अभी भी एक tight-hug वाले position में खड़े होते हैं— Shreya बीच में, दोनों भाई दोनों तरफ।
Shreya मुस्कुरा देती है।

Shreya बोली - 
सच बोलूं? मुझे ये trio-hugs बहुत पसंद हैं।

Kabir बोला - 
हमको भी… बिना इसके नींद नहीं आती।

Karan बोला - 
अब तुम हमसे भाग कर दिखाओ।

तीनों एक शांत, सुंदर पल में खो जाते हैं।

Light आ चुकी है। कमरे में हल्की रोशनी है।
Shreya बीच में बैठी है, Kabir और Karan दोनों उसके पास।
तीनों भाग-दौड़ से थक चुके हैं। Shreya धीरे-धीरे अपनी सांसे नॉर्मल करती है और दोनों को देखती है—

जैसे दिल से बोल रही हो कि “आप दोनों मेरे हो "

Kabir उसके कंधे पर सिर रख देता है।
Karan उसके हाथ को अपनी उंगलियों में ले लेता है।

Shreya (शरारत से) बोली - 
एक बात बताओ…
आप दोनों मुझे husband कम… 
babysitter ज्यादा लगते हो।

Kabir (हंसते हुए) बोला - 
और तुम हमे baby लगती हो।
जो थोड़ा सा धक्का लगे तो हम दोनों पर गिर पड़े।

Karan बोला - 
Baby तो तुम हो… हम तो बस तुम्हारी protection team हैं।

Shreya हंसते-हंसते दोनों के कंधों पर सिर मार देती है।
तीनों सोफ़े पर बैठे-बैठे ही शांत हो जाते हैं।
Shreya की आँखें मुंदने लगती हैं।
Kabir उसे अपनी तरफ खींच लेता है ताकि उसका सिर आराम से रहे।
Karan उसके पैरों पर हाथ फेरता है—
मानो उसकी हर थोड़ी-सी भी थकान मिटाना चाहता हो।

Shreya धीरे से फुसफुसाती है —
आप दोनों…हो तो मेरी life simple…
वरना मैं तो टूट ही जाती।

Kabir का हाथ उसके बालों में रुक जाता है।

Kabir (धीरे से) बोला - 
हम तुम्हे टूटने नहीं देंगे Shreya…
 कभी नहीं...।

Karan बोला - 
तुम हमारी जान हो…।
तुम्हारा एक आंसु भी बर्दाश्त नहीं होता।

Shreya हल्का सा मुस्कुरा कर दोनों की उंगलियों को पकड़ लेती है।

Shreya धीरे से बोलती है—
मुझे कभी लगा ही नहीं था…
कि मुझे कोई इतना प्यार देगा…
वो भी दो लोग…वो भी भाई…

Kabir और Karan एक-दूसरे को देखते हैं—
जैसे कह रहे हों “हम दोनों उसके साथ हैं, हमेशा।”

Karan बोला - 
Shreya… तुम हमें अलग थोड़ी हो।
जो तुम्हारा है… वो हमारा है।

Kabir बोला - 
प्यार बाँटने से कम नहीं होता…
तुम्हारे केस में तो और बढ़ गया।

Shreya शरमा कर दोनों को गले लगा लेती है…
तीनों का यह हग बहुत देर तक चलता है—
एक sukoon… एक belonging… एक home.

तीनों कमरे में जाते हैं।
Shreya को सेंटर में सुलाने का उनका daily rule आज भी चलता है।
Kabir दाईं तरफ।
Karan बाईं तरफ।
Kabir धीरे से उसकी उंगलियों पर किस करता है।
Karan उसके माथे पर किस करता है।

Kabir बोला है 
Good night, मेरी writer.

Karan बोला - 
Good night, मेरी जान।

Shreya धीमे से मुस्कुराकर बोलती है—
Good night… मेरे दोनों पति।

और उनकी सांसों की गर्मी में
Shreya धीरे-धीरे नींद में खो जाती है।
सुबह हल्की धूप परदों से छनकर कमरे में आ रही है।
Shreya धीरे-धीरे आँखें खोलती है…
सबसे पहले उसे महसूस होता है—
Karan का हाथ उसके कमर पर
और Kabir का हाथ उसकी उंगलियों में फंसा हुआ।
तीनों ऐसे सोए हुए थे—
जैसे दुनिया का सबसे खूबसूरत रिश्ता बस यहीं बंधा हो। Shreya हल्का सा करवट लेती है। Kabir की नींद खुल जाती है।

Kabir (नींद भरी आवाज़ में) बोला - 
उठ गई…?
पर अभी पाँच मिनट और सो जाओ…।

Shreya हंसते हुए उसके नाक पर हल्की सी चुटकी लेती है।
Karan भी करवट बदलता है और Shreya के बाल पीछे करके बोलता है—

Karan बोला - 
तुम सुबह और भी सुंदर लगती हो…
बिल्कुल एक बेबी जैसी।

Shreya शरमा जाती है और तकिया से चेहरा छुपा लेती है।
तीनों बिस्तर पर बैठे हैं।
Shreya बीच में है, दोनों तरफ उनके पति।

Shreya मज़ाक में कह देती है—
Achha बोलिए… आप दोनों मेसे better husband कौन है?

Kabir (बिना रुके) बोला - 
मैं!

Karan (तुरंत) बोला - 
बिल्कुल मैं!

Shreya ज़ोर से हँस देती है।

फिर शरारत से बोलती है—
दोनों गलत… best तो मैं हूं।

Kabir बोला - 
अच्छा? तो फिर हम दोनों क्या हैं?

Shreya बोली - 
आप दोनों…
best पति plus best friends plus मेरी full security team!

Karan और Kabir एक-दूसरे से हाई-फाइव करते हैं
जैसे कह रहे हों—
हाँ, ये तो सही बोला!

Shreya दोनों के लिए नाश्ता बनाती है।
Karan चाय बना रहा है।
Kabir फ्रूट काट रहा है।
तीनों kitchen में जैसे एक छोटी-सी family की तरह हैं।

Kabir अचानक बोलता है—
आज मैं Shreya को office drop करूंगा।

Karan बोला - 
नहीं मैं करूंगा।

Shreya हँस पड़ती है—

Shreya बोली - 
और मैं सोच रही हूँ…
कि आप दोनों मुझे छोड़कर ऑफिस ही मत रहना!

दोनों फौरन बोलते हैं—
कभी नहीं।

तीनों साथ में हँस पड़ते हैं।
आज Shreya नीली साड़ी पहनकर आती है।
खुले बाल… और सुर्ख बिंदी।
Kabir और Karan दोनों अपनी-अपनी तरफ से उसे escort करके अंदर लाते हैं।
Office में फुसफुसाहट शुरू—

Employee 1 बोला - 
यार… दोनों भाई उसे कितना protect करते हैं।

Employee 2 बोला - 
हां… और लड़की कितनी खूबसूरत है।

Employee 3 बोला -- 
भाई… lucky हैं दोनों !

Shreya थोड़ी shy हो जाती है।
Kabir उसे हल्के से पकड़कर आश्वासन देता है।

Kabir बोला - 
चिंता मत करो… हम दोनों यहीं हैं।

Cabin में तीनों बैठे काम कर रहे हैं।
Shreya फाइल लिख रही है।
Kabir laptop पर है।
Karan coffee बना रहा है।
Shreya गलती से pen गिरा देती है।
दोनों एक साथ उठते हैं pen उठाने के लिए—
और जोर से सिर टकरा जाते हैं।

Kabir बोला - 
Aaah! भैया संभालो!

Karan बोला - 
तू संभाल! मैने पहले देखा था!

Shreya इतनी हँसती है कि उसकी आँखों में आँसू आ जाते हैं।

फिर धीरे से दोनों को पकड़कर कहती है—
आप दोनों पागल हो…
पर मेरे हो।

दोनों उसे एक साथ देखते हैं—
और पहली बार Shreya की इस line से दोनों की आँखों में एक साथ softness आ जाती है।
उनके बीच का रिश्ता अब और गहरा हो चुका है…
एक अलग, अनोखा, पर बहुत ही खूबसूरत है।

Shreya सोफे पर बैठकर कुछ लिख रही थी।
Kabir और Karan दोनों काम से फ्री होकर उसके पास आकर बैठ गए।

Karan ने हल्के से पूछा—
Shreya… तुम थक गई हो? आज बहुत काम था।

Kabir ने उसके बाल सहलाते हुए कहा—
 चलो, आज हम दोनों तुम्हें कहानी सुनाते हैं…
ताकि तुम रिलैक्स हो जाओ।

Shreya उन दोनों के बीच सिमटकर बैठ गई।
दोनों भाई बारी-बारी से उसे छोटी-छोटी बातें सुनाने लगे—
कभी एक मज़ेदार किस्सा…
कभी कोई शायरी…
Shreya धीरे-धीरे उनींदी होने लगी।
Karan ने उसे अपने कंधे पर सर रखवा दिया।
Kabir ने उसके पैरों पर रजाई डाल दी।
ये बस कुछ मिनटों का सीन था…
पर इन कुछ मिनटों में Shreya ने महसूस किया—
कि दुनिया चाहे कुछ भी कहे,
पर उसके जीवन में दो ऐसे लोग हैं
जो उसे हर हाल में सुकून देना जानते हैं।
Shreya सो गई…
और दोनों भाई उसे वैसे ही निहारते रहे—
जैसे किसी अनमोल चीज़ की रखवाली कर रहे हों।