Shahad ki Gudiya - 38 in Hindi Love Stories by Ramesh Desai books and stories PDF | शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई (38)

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शहद की गुड़िया - रंजन कुमार देसाई (38)

  

                     शहद की गुड़िया- प्रकरण

         " फ्लोरा की प्रसूति के पहले नाथा लाल के छोटे सपूत ने अपनी भड़ास निकालते हुए उसे नौकरी से बेदखल कर दिया था."

          " वह बिल्कुल आउट स्पोकन थी. किसी की कोई बात सुनती नहीं थी. वह दादू से इतनी क्लोज थी यह बात ओफिस में किसी को जचती नहीं थी. "

           " ऊस में एक सिंधी लड़का किशन, रश्मि, ओपरेटर कोमल मुख्यत शामिल थे. "

            " दादू फ्लोरा को बहन मानते थे ऊस बात का मजाक उड़ाते हुए कोमल ने टकोर की थी. "

             " दिन को सिस्टर रात को बिस्तर!!       

              " ऊस के अनुसंधान में किशन ने भी वैसी टकोर की थी. "

               " दिन को दीदी, रात को बीवी. "

                " किशन ऊस नाथा लाल के पुत्र का चमचा था, जासूस था. वह सब पर निगरानी रखता था. ऊस की फ्लोरा के साथ गर्मा गर्मी हो गई थी."

                 " इस लिये वह फ्लोरा के खिलाफ हो गया था. लेकिन फ्लोरा बिंदास्त थी. वह किसी से डरती नहीं थी. "

              " नाथा लाल के ऊस बिज़नेस में जीरो लडके राकेश को सुनाती रहती थी. "

              " दादू को सब से बड़ा अचरज होता था. कोमल भी किसी लडके को प्यार करती थी. ऊस ने फ्लोरा के अघटित बातें की थी फिर उसी ने एक दिन दादू को कहां था. "

                " दादू ने ऊस से पेन मांगा था तो बड़े खुश मिजाज में दादू को कहां था. " 

                " पेन क़्या बहन भी मिलेगी. "

              " अभी ऊस का क़्या अर्थ होता था. "

               " ऊस के लिये बहन रात की बीवी थी.. ऊस का मतलब था वह दिन को सिस्टर रात को बिस्तर वाली दुहेरी भूमिका निभाने को तैयार थी. ऊस ने शायद सोचा नहीं था ऊस का क़्या मतलब होता था? "

                " दादू एक ओफिसर होते हुए भी अपने स्टाफ के साथ एक हीं टेबल पर खाना खाते थे. "

             " दादू अपनी बहन का नाम बदलना चाहते थे :' कीसी ' किस में जैसे दो होंठ एक साथ होते हैं उसी तरह दोनों अपने प्यार से एकमेव के उतने नजदीक आ गये थे."

   " और उन्होंने इस नाम के लिये फ्लोरा से अनुमति मांगी थी. उसे कोई प्रॉब्लम नहीं थी. लेकिन लोग क़्या बात करेंगे इस बात से टेंशन था . दादू ने ऊस की बात मान ली थी. और ऊस की हकालपट्टी के बाद उन्हें यह अधिकार मिल गया था. राघवन को इस बात पर कोई दिक्क़त नहीं थी. "

               " फ्लोरा ने जोब राकेश की दुश्मनी की वजह से खोया था, फिर भी लोगो ने उन दोनों के पाक रिश्ते को दोषित ठहराया था. लेकिन सच्चाई कुछ और थी. "

                " फ्लोरा प्रेग्नेंट थी. उसे डिलीवरी की छुट्टी देनी पड़ेगी वह भी तनख्वाह के साथ इस लिये राकेश ने बड़ा खेल किया था.

             " ऊस ने फ्लोरा को अपनी केबिन में बुलाकर उसे नोटिस दिया था, एक बड़े झूठ का सहारा लेकर.. "

              " हमारा धंधा कम हो गया हैं इस स्थिति में हमें तुम्हे जोब से बर्खास्त करना पड़ रहा हैं. "

           " दफ्तर में बीसो लोग काम करते थे ओर राकेश ने केवल फ्लोरा को निकलकर अपना नुकसान सरभर किया था. "

            " वह सब कुछ जानती थी. लेकिन वह इशू क्रिस्ट की परम भक्त थी. ऊस ने राकेश के लिये प्रार्थना की थी. ' ओह गोड़ उसे सद बुद्धि  प्रदान करना "

            " राकेश की इस हरकत को दादू ने अपने आर्टिकल में प्रकाशित किया था. "

             " शब्बीर ने वह आर्टिकल पढ़ा था. ऊस में प्रेम सन के भवाड़ो का लेखा जोखा था.  नाथालाल और उन के सपूतो के कारनामें प्रसिद्ध हुए थे.

               " महेश कुमार उसे देखकर आग बबुला हो गये थे.. शब्बीर ने दादू कहाँ काम करते थे ऊस की जानकारी महेश कुमार को दी थी और ऊस के बताने पर उन्होंने आर्टिकल अंडर लाइन कर के नाथा लाल सन्स को भेजा था. उन का मानना था की आर्टिकल पढ़कर नाथा लाल की मैनेजमेंट दादू को बाहर का रास्ता दिखा देगा. लेकिन मूर्ख के हजाम को मालूम नहीं था की दादू ने ऊस के पहले आर्टिकल की दो प्रत सुशील भाई को सुप्रत की थी. "

            " उन्होंने आर्टिकल के बारे में एक हर्फ़ भी नहीं उच्चारा था. दादू ने इस आर्टिकल में डोना को किस तरह जोब से दूर किया था, छोटा भाई किस तरह लड़कियो का शोषण करता था ऊस का पूरा इतिहास बयां किया था. दादू को एक बिनती के बदले धमकी दी था वह बात भी शब्दश लिखी थी. "

             " सुशील भाई के कामकाज और उन के काले धंधों को भी खुल कर लिखा था. दादू किस तरह नाथा लाल के सपूतो को ट्रीट करते थे यह खुद किशन ने अपनी आँखों से देखा था. तब से ऊस की सान ठिकाने आ गई थी और वह दादू को मानने लगा था. उन के साथ अच्छा व्यवहार करने लगा था. फ्लोरा के जाने के बाद कोमल भी दादू के करीब आ गई थी. वह फ्लोरा की तरह उन के साथ आने जाने लगी थी. दादू फर्स्ट क्लास में यात्रा करते थे कोमल भी उन के साथ यात्रा करती थी. वह एक बार ऊस के घर भी गया था..."                    

           " किशन को कंपनी की लंदन की ओफिस में ट्रांसफर होने का सुनहरा मौका मिला था. ऊस बात से वह और ऊस का सारा परिवार बेहद खुश थे."

            " ऊस ने लंदन जाने की तैयारी में काफ़ी खर्च किया था. और एक दिन ऊस के जाने का समय आ गया था. वह तैयार होकर अपने परिवार के साथ हवाई मथक पहुंचा था. "

             " वह जहाज में चढ़ा था. कुछ हीं पल में टेक ओफ हुआ था. "

              " पूरी यात्रा में ऊस का दिल खुशी से झूम रहा था. "

                " वह अपना लगेज लेकर जहाज से उतरा था. "

                 " और? "

                         000000000000 (क्रमशः)