माफिया की दीवानगी - सीजन 2
(ऑथर नोट: हेलो मेरे प्यारे रीडर्स! 😍😍 Kabir के राज ने सबको हिला दिया न? अब दसवें पार्ट में दिल धड़काने वाला मोड़ आने वाला है। कमेंट में बताना मत भूलना—क्या होगा अगला? लाइक, शेयर और फॉलो जरूर करें। हैप्पी रीडिंग! 📖❤️)
भाग 10: वो रात जो सब बदल देगी
पहाड़ों में रात बहुत गहरी हो चुकी थी।
चिमनी की आग अब धीमी पड़ रही थी, सिर्फ लाल-नारंगी चिंगारियां बची थीं।
Aira बिस्तर पर लेटी थी, लेकिन नींद नहीं आ रही थी। Rehaan बाहर बालकनी में खड़ा था—गन हाथ में, नजरें अंधेरे जंगल पर।
Kabir अंदर आया। उसका चेहरा पीला था।
"Boss... Vikram Rao के आदमी पहाड़ चढ़ रहे हैं। 10-12 लोग। हथियारों के साथ।"
Rehaan ने बिना मुड़े कहा,
"कितनी दूर?"
"अभी 2 किलोमीटर। लेकिन वो तेजी से आ रहे हैं।"
Rehaan ने Kabir की तरफ देखा।
"तू तैयार है?"
Kabir ने सिर हिलाया।
"जान देकर भी Aira और बच्चे को बचाऊंगा। ये मेरा आखिरी मौका है... अपना गुनाह धोने का।"
Rehaan ने एक पल रुककर Kabir के कंधे पर हाथ रखा।
"अगर तू सच में पछता रहा है... तो आज साबित कर।"
Kabir की आंखें नम हो गईं।
"मैं करूंगा, Boss।"
अंदर
Aira उठकर आई। उसने Rehaan को बालकनी में देखा।
"Rehaan... क्या हो रहा है?"
Rehaan ने उसे अंदर खींचा और दरवाजा बंद किया।
"वो लोग आ रहे हैं। लेकिन डर मत। मैं हूं न।"
Aira ने उसका हाथ पकड़ा। उसकी हथेली ठंडी थी।
"मुझे डर नहीं लग रहा। बस... अगर कुछ हुआ तो हमारे बच्चे का क्या होगा?"
Rehaan ने उसके पेट पर हाथ रखा।
"कुछ नहीं होगा। मैं वादा करता हूं।"
उसने Aira को अपनी बाहों में लिया। दोनों एक-दूसरे से चिपक गए।
Rehaan ने उसके कान में फुसफुसाया,
"तुम मेरी ताकत हो। चाहे कितने भी दुश्मन आएं... मैं तुम दोनों को बचाकर रहूंगा।"
Aira ने उसका चेहरा अपने हाथों में लिया और गहराई से किस किया।
"और मैं तुम्हें। हम तीनों... हम साथ रहेंगे।"
Rehaan ने उसके माथे पर, आंखों पर, होंठों पर बार-बार चुंबन दिए।
"तुम्हारी खुशबू... तुम्हारी सांसें... ये सब मेरी वजह से खतरे में हैं। लेकिन मैं इसे कभी नहीं होने दूंगा।"
Aira ने रोते हुए कहा,
"Rehaan... अगर आज कुछ हुआ... तो याद रखना—मैंने तुमसे कभी प्यार नहीं किया था... मैंने तुम्हें जीया है।"
Rehaan की आंखें भर आईं।
"ऐसा मत बोलो। हम जीतेंगे। हमारा बच्चा हमें देखेगा... बड़े होकर कहेगा कि उसके पापा-मम्मी ने कभी हार नहीं मानी।"
दोनों ने एक-दूसरे को इतनी जोर से गले लगाया कि लगा जैसे ये आखिरी बार हो।
बाहर
Kabir ने स्नाइपर राइफल सेट की।
"पहला आदमी 800 मीटर पर।"
Rehaan ने Aira को एक सेफ रूम में छुपाया।
"यहां रहना। दरवाजा अंदर से लॉक कर लेना।"
Aira ने रोते हुए कहा,
"Rehaan... वापस आना। वादा करो।"
Rehaan ने उसके पेट पर आखिरी बार चुंबन दिया।
"वादा। मैं वापस आऊंगा। हमारे बच्चे के लिए।"
उसने दरवाजा बंद किया और बाहर निकला।
जंगल में
Vikram Rao के आदमी तेजी से बढ़ रहे थे।
Rehaan और Kabir ने पोजीशन ली।
Kabir ने पहली गोली चलाई—एक आदमी गिरा।
लेकिन दूसरी तरफ से गोलियां आने लगीं।
Rehaan ने Kabir को कवर दिया।
"तू पीछे हट! मैं संभालता हूं!"
Kabir ने कहा,
"नहीं Boss... आज मेरा मौका है।"
उसने आगे बढ़कर दो और आदमियों को गिराया।
लेकिन तभी एक गोली Kabir की छाती में लगी।
Kabir गिर पड़ा।
Rehaan दौड़ा।
"Kabir!"
Kabir ने खून मुंह से निकालते हुए कहा,
"Boss... Aira... बच्चा... बचाओ... मैं... मैंने गलती की थी... लेकिन... आज... मैंने सुधार लिया..."
Rehaan की आंखों से आंसू बह निकले।
"तू मेरा भाई है... तू मर नहीं सकता!"
Kabir ने मुस्कुराकर कहा,
"अब... मैं मर रहा हूं... खुशी से... क्योंकि... मैंने... तुम्हें... और... तुम्हारी फैमिली को... बचा लिया..."
उसकी आंखें बंद हो गईं।
Rehaan चीख उठा।
"नहीं!!!"
तभी पीछे से एक आवाज आई।
Vikram Rao खुद सामने खड़ा था—गन हाथ में।
"Rehaan... अब तेरा भाई गया। अब तेरी बीवी और बच्चा... मेरे हैं।"
Rehaan ने गन तानी।
"तू... तू मेरे बच्चे को छू भी गया... तो मैं तुझे जिंदा नहीं छोडूंगा।"
Vikram हंसा।
"देखते हैं... कौन पहले मरता है।"
दोनों ने एक साथ गोली चलाई।
गोली की आवाज जंगल में गूंजी।
और फिर... पूरी खामोशी छा गई।
(क्या Rehaan बच गया? क्या Aira और बच्चा सुरक्षित हैं? या Vikram ने जीत हासिल कर ली?)
आगे क्या होगा?
Rehaan जिंदा है या...?
Aira का क्या होगा?
बच्चे की सेफ्टी?
अगला पार्ट में जवाब मिलेगा...
लेकिन वो जवाब इतना बड़ा होगा कि आप रुक नहीं पाओगे।
Thankyou 🥰🥰
(फ्रेंड्स, ये पार्ट कैसा लगा? दिल धड़क रहा है न? कमेंट में बताओ—क्या लगता है, Rehaan बच गया या नहीं? अगला पार्ट बहुत जल्दी आएगा। लाइक, शेयर और फॉलो जरूर करें! ❤️)