एक छोटा सा गांव था जहां जिंदगी हर दिन संघर्ष से शुरू होती थी और संघर्ष पर ही खत्म हो जाती थी उसी गांव के एक टूटे हुए घर में रहता था तेजस राजवंशीउसके घर की दीवारें पुरानी थीं छत जगह जगह से टपकती थी और अंदर का माहौल हमेशा भारी रहता था जैसे वहां खुशियां आने से डरती होंतेजस की मां दिव्या सुबह से ही काम में लगी रहती थी उसके चेहरे पर थकान साफ दिखाई देती थी लेकिन फिर भी वह अपने बच्चों के लिए हर दिन लड़ती थीउसकी छोटी बहन नव्या को अभी जिंदगी की सच्चाई समझ नहीं आती थी लेकिन उसके मासूम चेहरे पर भी डर साफ दिखता थातेजस चुपचाप कोने में बैठा था उसकी आंखों में एक अजीब सी बेचैनी थी जैसे वह कुछ ढूंढ रहा हो लेकिन उसे खुद नहीं पता क्यातभी दरवाजे पर जोर से दस्तक होती हैदिव्या के हाथ कांप जाते हैंदरवाजा खुलता है और सामने खड़ा होता है एक सूदखोरउसकी आंखों में लालच और चेहरे पर क्रूर मुस्कान थीवह जोर से बोलता हैकर्ज कब चुकाओगी दिव्यादिव्या की आवाज धीमी हो जाती हैथोड़ा समय दे दोवह आदमी हंसता है और कहता हैसमय खत्म हो चुका है अब दस करोड़ से ऊपर का कर्ज हो चुका हैतेजस की मुट्ठियां कस जाती हैंलेकिन वह कुछ नहीं कर पातावह आदमी घर के अंदर घुस आता है और सामान उठाने लगता हैनव्या रोने लगती हैतेजस का दिल जल रहा थाउसकी आंखों में गुस्सा था लेकिन शरीर कमजोर थावह कुछ नहीं कर पायाउस दिन तेजस ने पहली बार खुद को सबसे कमजोर महसूस कियाशाम को वह घर के बाहर बैठा थाआसमान की तरफ देख रहा थाउसके मन में बस एक ही सवाल थाक्योंतभी उसका दोस्त शौर्य उसके पास आता हैवह उसके कंधे पर हाथ रखता हैतू इतना चुप क्यों हैतेजस धीरे से कहता हैहम कुछ नहीं कर सकतेशौर्य गुस्से में बोलता हैहम कुछ ना कुछ जरूर करेंगेलेकिन तेजस जानता थासिर्फ बोलने से कुछ नहीं बदलतारात को जब सब सो जाते हैंतेजस की आंखें खुली रहती हैंउसके दिमाग में बार बार वही दृश्य घूमता हैमां की बेबसीनव्या के आंसूऔर उसकी खुद की कमजोरीवह खुद से कहता हैएक दिन सब बदलूंगालेकिन कैसेउसे नहीं पताएपिसोड 1 पार्ट 2अगले दिन स्कूल में भी वही कहानी दोहराई जाती हैतेजस अपनी पुरानी किताबों के साथ बैठा थाकुछ लड़के उसके पास आते हैं और उसका मजाक उड़ाने लगते हैंगरीबकर्ज में डूबा हुआउनकी हंसी पूरी क्लास में गूंजती हैशौर्य उन्हें रोकने की कोशिश करता है लेकिन कोई नहीं सुनतातेजस चुप रहता हैलेकिन अंदर से टूट रहा थावह पढ़ाई में सबसे अच्छा थालेकिन किसी को फर्क नहीं पड़ता थाउस दिन टीचर ने एक कठिन सवाल पूछापूरी क्लास चुप थीतेजस खड़ा हुआ और उसने पूरा जवाब दे दियाकुछ सेकंड के लिए सन्नाटा छा गयालेकिन फिर वही लड़के हंस पड़ेकहते हैं दिमाग से क्या होगा जब जिंदगी ही बेकार हैतेजस वापस बैठ जाता हैउसकी आंखों में आंसू नहीं थेबस एक ठंडा गुस्सा थास्कूल खत्म होने के बाद वह अकेला चल रहा थातभी अचानक उसके सामने एक काली कार रुकती हैदरवाजा धीरे से खुलता हैअंदर बैठा एक आदमी उसे ध्यान से देख रहा थाउसकी आंखों में कुछ अलग थाजैसे वह तेजस को पहले से जानता होवह आदमी धीरे से कहता हैतेजस राजवंशीतेजस रुक जाता हैवह हैरान हो जाता हैतुम मुझे जानते होआदमी हल्की मुस्कान देता हैमैं तुम्हारे पिता को जानता थायह सुनते ही तेजस का दिल जोर से धड़कने लगता हैवह पहली बार किसी को अपने पिता का नाम लेते हुए सुन रहा थाउस आदमी ने कहाअगर अपनी जिंदगी बदलनी है तो मेरे साथ चलोतेजस की आंखों में सवाल था डर था और एक उम्मीद भीवह नहीं जानता था कि यह फैसला उसकी पूरी जिंदगी बदल देगाऔर यही थाउसकी असली कहानी की शुरुआत