Tum Meri Aakhiri Saans ho - 1 in Hindi Horror Stories by kajal jha books and stories PDF | तुम मेरी आखिरी सांस हो - 1

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तुम मेरी आखिरी सांस हो - 1

तुम मेरी आख़िरी सांस हो
एपिसोड 1: खामोश हवेली का रहस्य
रात के सन्नाटे को चीरती हुई अयान मल्होत्रा की महँगी एसयूवी (SUV) शहर के शोर-शराबे से दूर, उस सुनसान इलाके की ओर बढ़ रही थी जहाँ बरसों पुरानी 'ब्लैकवुड हवेली' खड़ी थी। घड़ी की सुइयों ने जैसे ही रात के 12:07 बजाए, अयान ने गाड़ी के ब्रेक मारे। टायरों की चरमराहट ने उस खामोश फिजा में एक अजीब सी दहशत भर दी।
सामने खड़ी थी वह विशालकाय हवेली—ऊँची दीवारें, जंग लगे लोहे के विशाल गेट और चारों तरफ फैला घना काला साया। पॉश कॉलोनी होने के बावजूद, इस हवेली के इर्द-गिर्द एक ऐसा सन्नाटा था जो रूह को कंपा दे। चारों तरफ ठंडी हवा का एक चक्र सा घूम रहा था, मानो कोई अदृश्य शक्ति उस पूरी जगह को अपनी बाहों में जकड़े हुए हो।
अयान मल्होत्रा, 27 साल का एक सफल बिजनेस टायकून, जो अपनी निडरता और कॉन्फिडेंस के लिए जाना जाता था, आज पहली बार खुद को थोड़ा कमजोर महसूस कर रहा था। उसकी गहरी भूरी आँखों में हल्का सा डर साफ़ झलक रहा था। उसने गाड़ी से उतरकर उस विशाल गेट को देखा और खुद से धीरे से बड़बड़ाया—
“यार… सच में मुझे यही घर लेना था? क्या मेरा फैसला सही था?”
अयान को अपने दोस्त रोहन की बातें याद आईं। रोहन ने हँसते हुए कहा था, “भाई, इतनी बड़ी प्रॉपर्टी और इतनी कम कीमत! बस थोड़ा पुराना ढांचा है, रिनोवेशन करवा लेना। तू तो वैसे भी भूतों-प्रेतों पर यकीन नहीं करता ना?”
परंतु उस वक्त अयान को यह अहसास नहीं था कि यह हवेली सिर्फ “पुरानी” नहीं थी… यह डरावनी थी। इसमें कुछ ऐसा था जो उसे अपनी ओर खींच भी रहा था और चेतावनी भी दे रहा था।
हवेली का पहला कदम
अयान ने कांपते हाथों से गेट को धकेला। भारी लोहे का दरवाजा एक लंबी, तीखी चरमराहट के साथ खुला। जैसे ही अयान ने हवेली के आंगन में पहला कदम रखा, पीछे से एक ज़ोरदार आवाज आई— धड़ाम!
गेट अपने आप बंद हो गया था। अयान बिजली की गति से पीछे मुड़ा। उसने गेट को हिलाने की कोशिश की, लेकिन वह टस से मस नहीं हुआ। "कौन है?" अयान ने चिल्लाकर पूछा। उसकी आवाज़ हवेली की दीवारों से टकराकर वापस उसी के पास लौट आई। वहाँ कोई नहीं था। सिर्फ सूखी पत्तियों के उड़ने की सरसराहट और एक ऐसी खामोशी, जो कानों में चुभ रही थी।
उसने एक गहरी सांस ली और खुद को समझाया, “रिलैक्स अयान… तू कोई बच्चा नहीं है। यह सिर्फ हवा का दबाव होगा। पुरानी हवेलियों में ऐसा अक्सर होता है।”
वह अंदर की ओर बढ़ा। हवेली का इंटीरियर कभी बेहद आलीशान रहा होगा, लेकिन अब धूल की परतों और मकड़ी के जालों ने उसे ढक रखा था। जैसे ही वह मुख्य हॉल के बीचों-बीच पहुँचा, उसे ऊपर की मंजिल से कुछ सुनाई दिया।
ठक… ठक… ठक…
किसी के चलने की आवाज। भारी और धीमी। अयान का दिल सीने को चीरकर बाहर आने को बेताब था। उसने ऊपर की ओर देखा, जहाँ एक भव्य घुमावदार सीढ़ी अंधेरे की ओर जा रही थी।
“हेलो? कोई है क्या? मैं इस घर का नया मालिक हूँ!” उसने फिर आवाज़ दी।
जवाब में फिर वही आवाज़ आई— ठक… ठक… इस बार आवाज़ और साफ़ थी, जैसे कोई जानबूझकर सीढ़ियों के पास आ रहा हो।
पहली झलक और वो एहसास
अयान के कदम अपने आप सीढ़ियों की तरफ बढ़ने लगे। उसके दिमाग का एक हिस्सा कह रहा था कि भाग जाओ, लेकिन उसका दिल उसे ऊपर खींच रहा था। जैसे ही उसने आधी सीढ़ियां चढ़ीं और ऊपर की गैलरी में नज़र दौड़ाई… उसकी सांसें अटक गईं।
वहाँ एक लड़की खड़ी थी।
उसके लंबे काले बाल उसकी कमर तक लहरा रहे थे। उसने एक सफेद रंग की लंबी ड्रेस पहन रखी थी, जो उस अंधेरे में धुंधली सी चमक रही थी। उसका आधा चेहरा साये में था, लेकिन उसकी आँखें… वे आँखें सीधे अयान की आँखों में झाँक रही थीं। उन आँखों में एक अजीब सा दर्द, इंतज़ार और गहरा आकर्षण था।
अयान की ज़बान जैसे तालू से चिपक गई। “तुम… तुम कौन हो? यहाँ क्या कर रही हो?”
लड़की ने कोई जवाब नहीं दिया। वह बस मौन खड़ी उसे देखती रही। फिर, उसने धीरे-धीरे अपनी जगह से हिलना शुरू किया। वह सीढ़ियों से नीचे उतरने लगी। उसके चलने में कोई आहट नहीं थी, जैसे वह हवा में तैर रही हो। जैसे-जैसे वह अयान के करीब आ रही थी, वहां का तापमान गिरने लगा। अयान को अपने शरीर के रोएं खड़े होते महसूस हुए।
अयान को डर लगना चाहिए था, उसे चीखना चाहिए था, लेकिन उसके बजाय उसे एक अजीब सा सुकून महसूस हुआ। एक ऐसा खिंचाव जिसे वह चाहकर भी नज़रअंदाज़ नहीं कर पा रहा था। ऐसा लग रहा था जैसे वह इस लड़की को सदियों से जानता हो।
“मैंने… मैंने तुम्हें कहीं देखा है…” अयान के मुंह से अनजाने में ही ये शब्द निकल गए।
लड़की ठीक उसके सामने आकर रुक गई। उसके गुलाबी होंठों पर एक बहुत ही मद्धम और रहस्यमयी मुस्कान आई। उसने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी। उसकी आवाज़ किसी मधुर संगीत की तरह थी, लेकिन उसमें बर्फ जैसी ठंडक थी।
“तुम मुझे भूल गए, अयान…”
अयान के पूरे शरीर में बिजली का एक झटका सा लगा। “तुम… तुम मेरा नाम कैसे जानती हो? हम कब मिले?”
लड़की और करीब आई। अब उन दोनों के बीच महज कुछ इंच का फासला था। अयान उसकी आँखों की गहराई में डूबता जा रहा था। तभी उसे महसूस हुआ कि उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही है। उसका सीना भारी होने लगा, जैसे कोई धीरे-धीरे उसके फेफड़ों से हवा खींच रहा हो।
डरावना सच
लड़की ने अपना पीला और कोमल हाथ उठाया और अयान के गाल को छुआ। उसका स्पर्श बर्फ से भी ज़्यादा ठंडा था। अयान पीछे हटना चाहता था, उसका दिमाग चिल्ला रहा था कि यहाँ से भागो, लेकिन उसका शरीर जैसे पत्थर का हो गया था। उसकी मांसपेशियों ने काम करना बंद कर दिया था।
“तुम… तुम क्या चाहती हो मुझसे?” अयान ने बेहद मुश्किल से फुसफुसाते हुए पूछा।
लड़की की आँखों में अचानक आंसुओं की एक परत तैर गई। उसने अयान के चेहरे को सहलाते हुए कहा, “तुम्हारी सांस…”
अयान की आँखें फटी की फटी रह गईं। “क्या…?”
लड़की अयान के कान के पास झुकी और अपनी ठंडी सांसें उसके गले पर छोड़ते हुए फुसफुसाई, “क्योंकि… तुम ही मेरी आख़िरी सांस हो, अयान। तुम्हारे बिना मैं मुकम्मल नहीं हूँ।”
इससे पहले कि अयान कुछ समझ पाता, हवेली की सारी लाइटें एक साथ भभक कर जल उठीं और फिर एक ज़ोरदार धमाके के साथ बुझ गईं। पूरा घर घोर अंधेरे में डूब गया। अयान हड़बड़ाकर पीछे हटा और फर्श पर गिर पड़ा।
जब उसने दोबारा सामने देखा… वह लड़की गायब थी।
वहाँ कोई नहीं था। बस एक तेज़ ठंडी हवा का झोंका अयान को छूकर निकल गया और हवा में उसकी आवाज़ गूंजने लगी— “मैं वापस आऊंगी… हमेशा के लिए…”
क्लाइमेक्स ट्विस्ट
अयान ज़मीन पर लेटा हुआ बुरी तरह हाँफ रहा था। पसीना उसके माथे से टपक रहा था। उसने कांपते हाथों से अपनी जेब से फोन निकाला और उसकी टॉर्च ऑन की। रोशनी के घेरे ने हॉल के अंधेरे को चीरा। अयान खड़ा हुआ और लड़खड़ाते कदमों से हॉल की मुख्य दीवार की ओर बढ़ा, जहाँ एक बहुत बड़ी फ्रेम वाली पुरानी तस्वीर लटकी हुई थी।
जैसे ही टॉर्च की रोशनी उस तस्वीर पर पड़ी, अयान के हाथ से फोन छूटकर गिरते-गिरते बचा।
उस तस्वीर में वही लड़की खड़ी थी। वही सफेद ड्रेस, वही लंबे काले बाल और वही बेधने वाली आँखें। वह तस्वीर कम से कम कई दशक पुरानी लग रही थी। अयान ने कांपती उंगलियों से तस्वीर के नीचे लगे तांबे के प्लेट पर जमी धूल को साफ किया।
वहाँ लिखा था:
“श्रेयांशी – जन्म: 1985 | मृत्यु: 2011”
अयान के पैरों के नीचे से ज़मीन खिसक गई। अगर यह लड़की 15 साल पहले मर चुकी है, तो आज रात वह अयान के सामने ज़िंदा कैसे खड़ी थी? और सबसे बड़ा सवाल—वह अयान का नाम कैसे जानती थी?
बाहर फिर से बिजली कड़की और हवेली के बंद कमरों से एक साथ रोने की आवाज़ आने लगी। अयान को समझ आ गया था कि उसने सिर्फ एक घर नहीं खरीदा है, बल्कि उसने अपने अतीत के एक ऐसे दरवाज़े को खोल दिया है जिसका राज़ श्रेयांशी की मौत के साथ दफन था।
अगले एपिसोड में:
अयान उस तस्वीर के पीछे छिपे रहस्य को खोजने की कोशिश करेगा, लेकिन क्या श्रेयांशी उसे सच तक पहुँचने देगी? या फिर वह उसे भी अपनी रूहानी दुनिया का हिस्सा बना लेगी?