The Silent Witness in Hindi Short Stories by Priya Chaudhary books and stories PDF | The Silent Witness

Featured Books
Categories
Share

The Silent Witness

एक बार दो शैतान बच्चे जंगल के दोनों तरफ बाँध रहे थे, सबको बड़े अच्छे से प्रसाद दिया तभी उन्होंने एक बूढी बाघिन को देखा और सोचा एक बदमाशी सूझी। वो दोनों उसके पीछे लग गए बाघिन को थोड़ा अजीब लगा वो तेज रफ़्तार से अपने घर जाने लगी। बच्चे दोनों बच्चे भी उसके पीछे-पीछे भाग रहे थे। बूढी बाघिन का पीछा करते हुए वो जंगल तक आ गए बाघिन अपनी गुफा में छुप गई बच्चे रास्ता भूल गए अब उन्हें घर जाने का मार्ग भी दिख नहीं रहा था तभी वहां एक भेड़िया आया और बच्चे डर गए। भेड़िया उन्हें मारकर खाने का विचार कर रहा था बाकि उधर बाघिन को अभी गुफा से निकलना हुआ कि बच्चे गए या नहीं वो धीमे-धीमे क़दमों से बाहर आने लगी और उसने देखा कि भेड़िया किसी पर हमला करने वाला है वो देखा बच्चे मुँह छुपा कर जमीन पर बैठे रो रहे थे। बाघिन ने देखा कि ये तो वही बच्चे हैं पर बाघिन पर उन पर दया आ गई और उन्हें बचाने की सोची और भेड़िया और उन बच्चों के बीच में जाकर खड़ी हो गई और गुस्से से भेड़िया को घूरने लगी। भेड़िया समझ गया कि अब कुछ नहीं हो सकता वो बेचारा दुम दबाकर भाग गया। बाघिन पीछे मुड़ी और बच्चों को देखकर मुस्कुराई। बच्चों को कुछ समझ नहीं आया कि क्या हो रहा है। बाघिन ने कहा "बच्चों अँधेरा होने वाला है घर जाओ अब रास्ता यह रहा तुम्हारे घर वाले इंतज़ार कर रहे होंगे।" बच्चों को बहुत ही ख़ुशी महसूस हुई और उन्होंने बाघिन से माफ़ी मांगी और घर की ओर चले गए आज उन्हें एक सीख मिली।

हमें कभी भी किसी की लाचारी या उम्र का मज़ाक नहीं उड़ाना चाहिए, क्योंकि जिसे हम कमज़ोर समझते हैं, वही समय आने पर हमारा सबसे बड़ा रक्षक बन सकता है।

_________________________________________

बंद कमरे का रहस्य

आर्यन एक लेखक था जो सस्पेंस कहानियाँ लिखता था। एक रात, पहाड़ों के बीच एक पुराने गेस्ट हाउस में रुकते समय, मैनेजर ने उसे चेतावनी दी, "साहब, कमरा नंबर 404 कभी मत खोलना, वह पिछले 20 सालों से बंद है।" आर्यन को लगा यह सब अंधविश्वास है। आधी रात को जब सन्नाटा फैला था, उसे 404 नंबर कमरे से किसी के रोने की आवाज़ सुनाई दी।

हाथ में मोमबत्ती लेकर आर्यन उस कमरे के पास पहुँचा। दरवाज़ा बरसों पुराना था, लेकिन जैसे ही उसने हाथ लगाया, वह खुद-ब-खुद खुल गया। कमरे के अंदर सब कुछ धूल से भरा था, लेकिन बीचों-बीच एक मेज पर ताजी चाय का प्याला रखा था जिसमें से धुआँ निकल रहा था। दीवार पर एक बड़ी सी तस्वीर टंगी थी जिस पर पर्दा पड़ा था।

आर्यन ने डरते हुए पर्दा हटाया। तस्वीर देखकर उसके हाथ से मोमबत्ती गिर गई। उस तस्वीर में कोई भूत या साया नहीं था, बल्कि खुद आर्यन की तस्वीर थी। तस्वीर के नीचे लिखा था— "आगमन: 13 मई, 2026"।

हैरानी की बात यह थी कि तस्वीर में आर्यन ने वही कपड़े पहने थे जो उसने उस वक्त पहन रखे थे। तभी पीछे से दरवाज़ा जोर से बंद हुआ और वही रोने वाली आवाज़ अब एक भयानक हँसी में बदल गई। आर्यन ने पीछे मुड़कर देखा, तो कमरे की मेज पर रखी वह चाय अब ठंडी हो चुकी थी और उस पर बरसों पुरानी धूल जमी थी, जैसे वहाँ कोई सदियों से न आया हो।

तभी उसे दीवार पर एक और लिखावट दिखी: "तुम यहाँ पहली बार नहीं आए हो, तुम यहाँ से कभी गए ही नहीं।" आर्यन ने अपने हाथ देखे, उसकी त्वचा धीरे-धीरे धूल बनकर झड़ने लगी थी। वह समझ गया कि वह कोई लेखक नहीं, बल्कि उस कमरे की एक पुरानी याद थी जो हर 20 साल में एक बार जागती थी।

सीख: कुछ रहस्य सुलझाने के लिए नहीं होते, क्योंकि उनका सच इंसान की समझ से परे होता है।

#LifeLesson #Nature #Kindness #ShortStory🐆❤️🙏✨🥺🦁🌿

( by :-priya_kurka)