Hotel ka Vaiter aur usaki Prem Kahaani - 1 in Hindi Love Stories by kalpita books and stories PDF | होटल का वेटर और उसकी प्रेम कहानी - 1

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होटल का वेटर और उसकी प्रेम कहानी - 1

“मैडम, क्या आप किसी का इंतज़ार कर रही हैं?”
सफेद ड्रेस पहने और हाथ में टैब लिए वेटर ने काम्या से विनम्रता से पूछा।
“हाँ… अपने बॉयफ्रेंड का इंतजार कर रही हूं.. वो बस आता ही होगा, उसके बाद ऑर्डर दे दूँगी।”
काम्या ने मोबाइल स्क्रीन पर नज़र ना हटाते हुए जवाब दिया।
कुछ देर बाद वेटर फिर उसके पास आया।
“मैडम, अगर आप कुछ ऑर्डर कर दें तो अच्छा रहेगा… वरना आपको टेबल खाली करनी पड़ेगी।”
“What…??? तुम मुझसे कह रहे हो टेबल खाली करने के लिए?”
काम्या का चेहरा गुस्से से लाल हो गया।
“तुम जानते भी हो मैं कौन हूँ?”
वेटर अब थोड़ा सख्त लहजे में बोला—
“मैडम, आप कोई भी हों… लेकिन होटल की पॉलिसी के मुताबिक बिना ऑर्डर दिए टेबल पर बैठना allowed नहीं है।”

“तुम शायद नए हो… जाओ, अपने मैनेजर को बुलाओ।
और उनसे पूछो कि मैं कौन हूँ!”
काम्या गुस्से में लगभग चिल्लाते हुए बोली।
उसकी तेज आवाज सुनकर आसपास बैठे लोग भी मुड़कर उनकी तरफ देखने लगे।
होटल में कुछ पल के लिए हल्की-सी खामोशी छा गई।
तभी दरवाज़ा खुला और एक शख्स अंदर दाखिल हुआ।
टी-शर्ट और जींस पहने हुए, कानों में बाली, बाजुओं पर बने टैटू… उसका अंदाज़ कुछ अलग ही था।

काम्या की नज़र जैसे ही उस पर पड़ी, उसके चेहरे का गुस्सा अचानक राहत में बदल गया।
“आख़िर आ ही गए तुम!”

वह शख्स सीधा उनके टेबल की तरफ आया और वेटर की ओर देखकर बोला—
“क्या हुआ यहाँ?”
काम्या ने शिकायत भरे लहजे में कहा—
“ये मुझे टेबल खाली करने को कह रहा है।”
लड़के की भौंहें तन गईं।
“क्यों भाई… इतनी क्या जल्दी है?”
वेटर भी अब सीधा होकर बोला—
“सर, होटल की पॉलिसी है। बिना ऑर्डर के कोई टेबल पर बैठ नहीं सकता।”
लड़का हल्की मुस्कान के साथ बोला—
“अच्छा… तो अब हम आ गए हैं। बताओ, क्या-क्या है मेन्यू में?”

“नहीं जोसफ… इसकी बदतमीज़ी इतनी जल्दी माफ नहीं होगी।”
काम्या गुस्से से बोली, उसकी आवाज़ में घमंड साफ झलक रहा था।
“इसे पता होना चाहिए कि मैं कपूर ज्वेलर्स की  बेटी हूँ… और ये दो टके का वेटर!”

“मैडम, आप अपनी तमीज़ भूल रही हैं।”
वेटर ने संयम रखते हुए जवाब दिया।

काम्या का गुस्सा और भड़क उठा।
“तू मुझे तमीज़ सिखाएगा? अगर आज ही तुझे नौकरी से निकलवा न दिया तो मेरा नाम भी काम्या नहीं!
और सुन… ये होटल मेरे अंकल श्याम ओबेरॉय का है।”
मैनेजर को समझते देर न लगी कि कुछ तो गड़बड़ है 
वो जल्दी-जल्दी वहाँ टेबल के पास पहुँचा।
वह स्थिति समझते ही बोला—
“मैडम, प्लीज़ शांत हो जाइए। यह वेटर नया है… इसकी तरफ से मैं आपसे माफी मांगता हूँ।”

मैनेजर ने वेटर की तरफ देखा, फिर धीरे से बोला—
“तुम अभी किचन में जाओ।”
वेटर बिना कुछ कहे वहाँ से चला गया।
वेटर के जाने के बाद भी काम्या का गुस्सा शांत नहीं हुआ।

“मैनेजर… उसी वेटर को भेजो ऑर्डर लेने के लिए"
काम्या चिढ़ते हुए बोली।

मैनेजर थोड़ा असहज होकर बोला—
“मैडम, जाने दीजिए उसे। वह नया है और आपको पहचानता भी नहीं। मैं किसी और को भेज देता हूँ।”
"नही उसी वेटर को भेजो..."
"जी....अभी भेजता हूं " थोड़ा चिढ़ते हुए मैनेजर ने कहा और वहां से चला गया।

क्या वो वेटर वापिस आएगा?
क्या काम्या उससे ढंग से बात करेगी या फिर कोई बदतमीजी करेगी ?

आगे जानने के लिए पढ़ते रहे और अपने विचार भी जरूर लिखें। 
....to be continued