Hotel ka Vaiter aur usaki Prem Kahaani - 5 in Hindi Love Stories by kalpita books and stories PDF | होटल का वेटर और उसकी प्रेम कहानी - 5

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होटल का वेटर और उसकी प्रेम कहानी - 5

काम्या कपूर ज्वेलर्स की बेटी एक वेटर पर गुस्सा उतारती है फिर उसी से मदद मांगती है और उसे दो दिन का बॉयफ़्रेंड बनने को कहती है...वेटर की ट्रेनिंग शुरू हो गई... बॉयफ़्रेंड बनने की
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अब तुम मेरे बॉयफ्रेंड हो… किसी वेटर को बुलाओ और ऑर्डर दो।”
“ओए हरीश… ज़रा सुन! मेरे और मैडम के लिए चाइनीज़ खाना ले आ।”
वेटर उर्फ़ ‘ऋतिक’ ने ज़ोर से अपने साथी वेटर को आवाज़ लगाई।
“Shut up!”
काम्या तुरंत उसे झिड़कते हुए बोली।
वह थोड़ा झुककर धीमी आवाज़ में बोली—
“ऐसे बुलाओगे? सबको पता चल जाएगा कि तुम यहीं काम करते हो।”
ऋतिक थोड़ा सकपका गया।
काम्या ने आँखें तरेरते हुए कहा—
“तुम्हें ऐसा व्यवहार करना है जैसे यहाँ तुम्हें कोई नहीं जानता… समझे?”
ऋतिक ने धीरे से सिर हिलाया।
फिर उसने गला साफ किया और थोड़ा संभलकर बोला—
“Excuse me… वेटर!”
हरीश उनकी टेबल के पास आया और अजीब सा मुंह बना कर पहले ऋतिक को देखा फिर  मुस्कुराते हुए बोला—
“जी सर, क्या ऑर्डर करूँ?”
ऋतिक ने एक पल काम्या की तरफ देखा, जैसे उससे इजाज़त ले रहा हो।
काम्या ने हल्की मुस्कान के साथ सिर हिलाया।
“दो प्लेट चाइनीज़… और जो मैडम कहें।”
ऋतिक ने थोड़ा स्टाइल में कहा।
हरीश ने ऑर्डर लिखते हुए हल्की मुस्कान दबा ली।
काम्या ने धीमे से कहा—
“Good… अब लग रहे हो मेरे बॉयफ्रेंड।”
ऋतिक ने मुस्कुराकर जवाब दिया—
“मैडम, ट्रेनिंग अच्छी मिल रही है।”

कुछ ही देर में चाइनीज़ खाना टेबल पर आ गया।
काम्या ने प्लेट अपनी तरफ खींची और चॉपस्टिक उठाते हुए बोली—
“सबसे पहली ट्रेनिंग… चॉपस्टिक से खाना।”
ऋतिक ने दोनों पतली लकड़ियों को हाथ में लिया और उलझन भरे चेहरे से देखने लगा।
“ये… इससे खाना कैसे खाया जाता है?”
वह सचमुच हैरान होकर बोला।
काम्या ने हल्की मुस्कान के साथ कहा—
“ऐसे पकड़ो… नहीं नहीं, ऐसे नहीं।”
वह थोड़ा आगे झुकी और उसके हाथ ठीक करते हुए बोली—
“देखो… एक स्टिक स्थिर रहती है और दूसरी से खाना पकड़ते हैं।”
ऋतिक ने कोशिश की… पर नूडल्स बार-बार फिसल कर प्लेट में गिर जाते।
काम्या हँस पड़ी।
“ओह गॉड… तुमसे तो चॉपस्टिक नहीं संभल रही और बॉयफ्रेंड बनोगे?”
ऋतिक भी हँसते हुए बोला—
“मैडम, दाल-रोटी में ये सब नहीं करना पड़ता।”
आख़िरकार कई कोशिशों के बाद उसने थोड़ा सा नूडल्स उठा लिया।
“देखो… हो गया!”
वह बच्चे जैसी खुशी से बोला।
काम्या ने सिर हिलाते हुए कहा—
“ठीक है… पास हो गए।”
कुछ देर बाद वह फिर बोली—
“अब दूसरी ट्रेनिंग।”
ऋतिक ने हैरानी से पूछा—
“और क्या?”
काम्या ने कुर्सी की तरफ इशारा किया—
“बैठने का तरीका।”
वह सीधा बैठकर बोली—
“बॉयफ्रेंड ऐसे कुर्सी पर नहीं फैलकर बैठते।”
उसने उसकी पीठ सीधी करवाई और कहा—
“कंधे सीधे… थोड़ा कॉन्फिडेंस… और हल्की मुस्कान।”
ऋतिक ने वैसा ही करने की कोशिश की।
काम्या ने उसे गौर से देखा… फिर हल्की मुस्कान के साथ बोली—
“अब लग रहे हो थोड़ा सभ्य इंसान।”
ऋतिक हँस पड़ा।
“मतलब पहले नहीं था?”
काम्या ने मज़ाक में कहा—
“पहले तो तुम सिर्फ वेटर थे… अब धीरे-धीरे बॉयफ्रेंड बन रहे हो।”
ऋतिक ने धीरे से उसकी तरफ झुककर पूछा—
“मैडम… आप मुझे अपना बॉयफ्रेंड क्यों बना रही हैं? आपका वो टैटू वाला बॉयफ्रेंड कहाँ गया?”
काम्या ने चॉपस्टिक से नूडल्स उठाते हुए कहा—
“पहले टेबल मैनर्स सीख लो… बाकी सब रात को बताऊँगी।”
फिर उसने उसे देखते हुए कहा—
“और हाँ… अब से मुझे मैडम नहीं, काम्या कहा करो।”
ऋतिक थोड़ा असहज हो गया।
“मैं… रात को नहीं रुकूँगा, ।”
वह धीरे से बोला।
फिर उसने शर्माते हुए अपना चेहरा दोनों हाथों में छिपा लिया।"का...म...या,
मुझे रात की ट्रेनिंग लेने में शर्म आएगी।”

काम्या कुछ पल उसे देखती रही… फिर अचानक हँस पड़ी।
“अरे बुद्धू…!”
वह हँसते हुए बोली—
“मैं तुम्हें यहीं होटल में रुकने को नहीं कह रही।”
ऋतिक ने धीरे से हाथ हटाए।
“तो फिर?”
काम्या ने गहरी साँस ली।
“क्योंकि रात को… मुझे तुम्हें अपनी पूरी कहानी बतानी है।”
ऋतिक अब चुपचाप उसकी तरफ देखने लगा।
......to be continued