Some things from the heart of a parent. - 3 in Hindi Short Stories by miss k books and stories PDF | कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3

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कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3

आपको पता ही होगा की थोड़े दिन पहले ही फ़ादर्स डे गया तभी मेरे मन में एक विचार आया कि पापा तो रोज ही स्पेशल होते हैं तो फिर फ़ादर्स डे मनाने की तो कोई जरूरत हे ही नहीं। पहले इतना कोई अलग अलग दिन नहीं मनाते थे पर उनको इतनी फुर्सत तो होती ही थी अपने माता-पिता से पुछ ले की वो केसे है और परिवार में सभी लोग बेठ कर अपनी दिनचर्या और जरूरी बातो पर चर्चा विचारणा करते थे पर अब किसी के पास इतना समय ही नहीं है कि एक दुसरे के बारे में बात कर सके। परिवार में सभी लोग अनजान से रहते हैं।
बस थोड़ा टाइम रात को साथ होने पर भी कोई बात चीत नहीं होती। एक ही घर में परिवार के लोग रूम मेट की तरह रहते हैं। अब ऐसी जगह पर क्या ही आप अपने दुख बांटेंगे। जब मां बाप बुढ़े हो जाते हैं तब उन्हे पैसों की जरूरत नहीं होती उन्हें अपने बच्चो के प्यार की जरूरत होती है पर हम उन्हें वो भी नहीं दे पाते। वे बिल्कुल भी नहीं चाहते कि आप उनके पास ही बेठे रहे पर कम-से-कम उनके पास बेठकर उन्हें ये तो पुछ लो की वह ठीक है भी या नहीं उनके वही बहुत है।
अपने माता-पिता के साथ बैठकर खाना खाओ उनके लिए वही बहुत है। हर मां बाप अपने बच्चो से हमेशा यही चाहते हैं कि वे कम से कम उन्हें दिन एक याद करें उनका हालचाल पुछे पर हम तो वो भी नहीं कर पाते।
ऐसे लोग जो कभी अपने माता-पिता को समय नहीं दे पाते उनके लिए ये फ़ादर्स डे और मदर्स डे मनाया जाता है और हां में ये कहना नहीं भुलुगी सभी अपने माता-पिता को नहीं भुलते हमेशा उनका ध्यान रखते हैं उनके लिए यह दिन उनके प्यार और उनकी मां बाप के प्रति निष्ठा का सेलिब्रेट करने का दिन है।
में किसी के बारे में बात नहीं कर रही।सभी लोग अपने माता-पिता से प्यार करते ही होंगे पर वो लोग अपनी जिम्मेदारियों में नहीं रख पाते अपने माता-पिता का ख़याल पर 365 में से एक दिन तो हम अपने माता-पिता को दे ही सकते हैं। आप याद करो उन दिनों को जब छोटे हुआ करते थे तब क्या आपके माता-पिता व्यस्त नहीं होते थे तब भी वो आपको कभी छोड़कर नहीं जाते थे पर वो थोड़ी ना ये चाहते हैं कि आप पुरे टाइम उनके पास रहे।
हमेशा सभी रिश्तों को अकेला नहीं छोड़ा जा सकता।पता नहीं वो लोग जिनसे आप प्यार करते हैं, जिनके लिए आप इतनी मेहनत करते हो वो आपके साथ हो ही ना ‌। 
क्या पता आज पास न हो पर पैसे कमाने के चक्कर में अपने माता-पिता के साथ अपने प्यारा समय खो दे । पैसे नहीं होंगे तो चलेगा पर क्या म मम्मी पापा नहीं होंगे तो चलेगा क्या ? में ये बिलकुल नहीं कह रही कि पैसे जीवन में जरूरी नहीं होते पर उनसे भी किमती होते हैं वो लोग जिनसे हम प्यार करते हैं। इसलिए पैसे कमाए पर उनते ही जितनी जरुरत 
हो ।क्योंकि दुनिया में सब यही रख के जाना है बस साथ होगा तो वो ये रिश्ते और उनकी यादें ।
इसलिए समय पैसों में नहीं अपनों के साथ बिताए।
I hope you guys are agree with me 🫰